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अलीगढ़ : साइबर शातिरों ने स्कूल की शिक्षिका को झांसा देकर 1.73 लाख ठगे
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सासनीगेट क्षेत्र के खिरनीगेट इलाके की एक स्कूल की शिक्षिका से खुद को बैंक कर्मी बताकर साइबर शातिर ने क्रेडिट कार्ड से 1.73 लाख रुपये पार कर दिए। पीड़िता ने इस मामले में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
खिरनीगेट निवासी अनुप्रिया वर्मा पत्नी सचिन वर्मा एक स्कूल में शिक्षिका हैं। अनुप्रिया के अनुसार मंगलवार को उनके मोबाइल पर एक फोन कॉल आयी। फोन करने वालों ने खुद को बैंक कर्मी बताया। शातिर ने क्रेडिट कार्ड पर एक सर्विस एक्टिव होने और उसका चार्ज कटने की बात कही। उन्होंने ऐसा कुछ भी होने से मना कर दिया।
आरोप है कि बुधवार को फिर से फोन आया। बताया कि उनके फोन पर बैंक के टोल फ्री नंबर से कॉल आएगी। टोल फ्री नंबर का मिलान क्रेडिट कार्ड पर लिखे नंबर से भी किया जा सकता है। कुछ ही देर बाद कार्ड पर लिखे हुए टोल फ्री नंबर से कॉल आयी। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई स्थित बैंक शाखा से बताया और कहा कि सर्विस निरस्त करने के लिए एक एप डाउनलोड करना होगा। एप के लिए मना करने पर उसने अपनी बातों का झांसा दिया। इसी बीच उनके मोबाइल पर दो बार ओटीपी भेजा गया। आरोप है कि ओटीपी बताने के बाद ही क्रेडिट कार्ड से 1.73 लाख रुपये पार हो गए।
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मोबाइल पर मैसेज मिलते ही उनके होश उड़ गए। वे शिकायत लेकर तत्काल रामघाट रोड स्थित बैंक शाखा पहुंचीं। जहां से उन्हें पहले थाने में जाकर एफआईआर दर्ज कराने की बात कहकर टरका दिया गया। बताया गया कि क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक कर दिया गया है। इसके बाद वह थाना क्वार्सी पहुंची और शिकायत की। क्वार्सी पुलिस ने मामला साइबर सेल का बताकर वहीं मुकदमा दर्ज कराने को कह दिया। साइबर सेल पहुंचने के दौरान ही शातिरों ने खाते से 350 रुपये और पार कर लिए। साइबर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित शिक्षिका की ओर से मुकदमा दर्ज कर शातिरों के एक बैंक खाते को होल्ड कराया गया है। खाते में करीब 25 हजार रुपये मौजूद हैं, शेष रकम को भी वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है।
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खिरनीगेट निवासी अनुप्रिया वर्मा पत्नी सचिन वर्मा एक स्कूल में शिक्षिका हैं। अनुप्रिया के अनुसार मंगलवार को उनके मोबाइल पर एक फोन कॉल आयी। फोन करने वालों ने खुद को बैंक कर्मी बताया। शातिर ने क्रेडिट कार्ड पर एक सर्विस एक्टिव होने और उसका चार्ज कटने की बात कही। उन्होंने ऐसा कुछ भी होने से मना कर दिया।
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आरोप है कि बुधवार को फिर से फोन आया। बताया कि उनके फोन पर बैंक के टोल फ्री नंबर से कॉल आएगी। टोल फ्री नंबर का मिलान क्रेडिट कार्ड पर लिखे नंबर से भी किया जा सकता है। कुछ ही देर बाद कार्ड पर लिखे हुए टोल फ्री नंबर से कॉल आयी। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई स्थित बैंक शाखा से बताया और कहा कि सर्विस निरस्त करने के लिए एक एप डाउनलोड करना होगा। एप के लिए मना करने पर उसने अपनी बातों का झांसा दिया। इसी बीच उनके मोबाइल पर दो बार ओटीपी भेजा गया। आरोप है कि ओटीपी बताने के बाद ही क्रेडिट कार्ड से 1.73 लाख रुपये पार हो गए।
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मोबाइल पर मैसेज मिलते ही उनके होश उड़ गए। वे शिकायत लेकर तत्काल रामघाट रोड स्थित बैंक शाखा पहुंचीं। जहां से उन्हें पहले थाने में जाकर एफआईआर दर्ज कराने की बात कहकर टरका दिया गया। बताया गया कि क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक कर दिया गया है। इसके बाद वह थाना क्वार्सी पहुंची और शिकायत की। क्वार्सी पुलिस ने मामला साइबर सेल का बताकर वहीं मुकदमा दर्ज कराने को कह दिया। साइबर सेल पहुंचने के दौरान ही शातिरों ने खाते से 350 रुपये और पार कर लिए। साइबर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित शिक्षिका की ओर से मुकदमा दर्ज कर शातिरों के एक बैंक खाते को होल्ड कराया गया है। खाते में करीब 25 हजार रुपये मौजूद हैं, शेष रकम को भी वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है।