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अलीगढ़ः दीपावली पर डांट के बदले मुनीम ने दिया ‘लूट’ का ‘उपहार’

Fri, 12 Nov 2021 01:42 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 01:42 AM IST
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Instead of scolding on Diwali, The accountant gave 'gift' of 'loot'
गांधी पार्क थाने के सामने हुई लूट की घटना के बाद अजय को ले जाते पुलिस कर्मी। - फोटो : CITY OFFICE
महानगर के थाना गांधीपार्क के बगल में लूट की इतनी बड़ी वारदात पहला वाकया नहीं। मगर लंबे अर्से बाद इतनी बड़ी कथित लूट की खबर ने पुलिस को चुनौती दे डाली। पुलिस ने भी एक-एक कदम फूंक फूंक कर रखा और महज 12 घंटे के प्रयास में लूट की फर्जी कहानी से पर्दा उठा दिया। खुद मुनीम ने स्वीकारा कि उसे आढ़ती की ओर से दीपावली पर उसे इनाम में महज कंबल मिला था। उसने जब इस बात पर ऐतराज जताया तो उसे डपट दिया गया। इससे वह चिढ़ गया था और ईमानदारी के बदले मिली बेइज्जती का बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया। उसने बैंक से ही अपने बेटे को फोन कर बुलाया। मंडी गेट पर पहुंचकर रुपयों का बैग बेटे को देकर घर भेजा और फिर घटनास्थल पर खड़े होकर मालिक को लूट की सूचना दे दी। पुलिस ने मुनीम के घर भूसे के अंदर डिब्बे में छिपा रखा रुपयों का बैग बरामद कर लिया। जिसमें पूरी रकम सुरक्षित मिली है। इस खुलासे पर एसएसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार के इनाम की घोषणा की है।
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शाम तक सीसीटीवी नहीं दे पाए सुराग, रात में उगला राज
जीटी रोड पर दिनदहाड़े 22 लाख की लूट में मुनीम शुरुआत से संदिग्ध था। मगर रुपया कहां गया? कौन ले गया? कैसे ले गया? इन सवालों का जवाब तलाशने के लिए मौके पर पहुंचे एसएसपी ने मौका मुआयना करने के बाद करीब ढाई बजे तक थाना गांधीपार्क में बैठकर पूरा खाका खींचा। जांच में एसपी सिटी व सीओ द्वितीय के नेतृत्व में थाना गांधीपार्क, थाना महुआ खेड़ा, नगर सर्विलांस, जिला सर्विलांस व एसओजी की पांच टीमों को लगाया। तय किया कि मुनीम के दुकान से निकलकर बैंक पहुंचने और फिर बैंक के अंदर से लेकर बाहर आकर घटनास्थल तक पहुंचने का एक एक वाकया सीसीटीवी व चश्मदीदों की मदद से जुटाया जाए। इसके बाद बदमाशों का जीटी रोड पर आगे भागना बताया गया है तो मंडी से आगे के सीसीटीवी भी देखे जाएं। इसके अलावा मुनीम के मोबाइल पर भी घटना से एक दो दिन पहले और घटना के बाद तक की गतिविधियों को सर्विलांस की मदद से देखा जाए। अगर मुनीम सही है तो फिर इस दौरान के संदिग्धों को सीसीटीवी में चेक किया जाए। इन तमाम सवालों का जवाब तलाशने के लिए पुलिस टीमों ने दिन भर के प्रयास के बाद करीब 50 सीसीटीवी देखे। मंडी गेट से लेकर बैंक तक के एक-एक दुकानदार व ठेल ढकेल वाले से बात की। न तो कोई बाइक सवार मुनीम के आगे या पीछे आते जाते बैग छीनते या बैग लेकर भागते कहीं कैद पाया गया है। हां, कुछ लोग पैदल जरूर आते जाते आगे पीछे दिखे हैं। न किसी प्रत्यक्षदर्शी ने यह बताया कि यहां इस तरह से बैग छीनने जैसी कोई वारदात हुई। इसके बाद दूसरे दौर में रात होते ही मंडी गेट से आगे के सीसीटीवी को देखा तो भेद खुल गया। खुद मंडी गेट के ठीक सामने प्रधान ढाबे पर खड़े होकर मुनीम ने अपने बेटे को रुपयों का बैग थमाया है। यह सीन सीसीटीवी में कैद पाया गया।
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बेटे को बचाने के लिए सीसीटीवी मिलने तक साधी चुप्पी
एसएसपी बताते हैं कि यह सही है कि मुनीम पुलिस हिरासत में आने के बाद खुद का फंसना तय मान रहा था। वह लगातार पुलिस को उलझा रहा था। मगर वह बेटे को बचाने के लिए देर शाम तक चुप्पी साधे रहा। मगर जैसे ही हमारे पास उसके बेटे का सीसीटीवी आया और कंट्रोल रूम की मदद से उसकी पहचान बेटे के रूप में हुई। जब यह वीडियो आरोपी मुनीम को दिखाया तो वह टूट गया। उसने स्वीकारा कि बेटे को बचाने के लिए चुप्पी साधे रहा। बाद में पुलिस ने घर दबिश देकर बेटा दबोच लिया और माल भी बरामद कराया।
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मालिक से पहले अपने घर फोन किया मुनीम ने
इस घटना में एक बात और सामने आई है कि मुनीम ने अपने मालिक को लूट की खबर देने से पहले अपने घर पर फोन कर खुद के साथ लूट होना बताया है। ऐसा करने के पीछे उसकी मंशा क्या रही होगी। यह तो वही बता पाएगा। मगर इतना जरूर है कि वह पुलिस को सवालों का जवाब देने में संतुष्ट नहीं कर पा रहा है।
इन 4 फर्मों का रुपया लेकर आ रहा था मुनीम
कथित लूट की कहानी बनाने वाले मुनीम अजय के स्वामी सौरभ के अनुसार उसे अपनी फर्म के साथ-साथ कुल चार फर्मों के चेक दिए थे। इनमें उसकी खुद की फर्म का 2 लाख रुपये का चेक, पड़ोसी भारत ट्रेडिंग कंपनी का भी 2 लाख रुपये का व मदन कुमार उपाध्याय व सतगुरु ट्रेडिंग कंपनी के नौ-नौ लाख रुपये के चेक शामिल थे। चूंकि हम लोगों के खाते एक ही बैंक में हैं और अजय ही सामान्य तक रुपये लाने ले जाने का काम बैंक से करता है। इसलिए उसे चारों चेक देकर रुपये लेने भेजा था। यह तो बहुत कम रकम थी। मुनीम कई बार 50-50 लाख रुपये तक का लेन देन करके लाया था। लेकिन सात साल के भरोसे को उसने तोड़ दिया।
अजय ने दी लूट की खबर, पर नहीं मचाया शोर
सौरभ के अनुसार अजय दुकान से करीब 10:35 बजे निकला है और 11:23 बजे उसने अपने साथ लूट की खबर दे दी है। बताया है कि जैसे ही वह बैंक से रुपये निकालकर बमुश्किल 150 मीटर मंडी की ओर चला होगा, तभी प्रभात नगर के बाहर चाय के खोखे से आगे चलते ही पीछे से दो बाइकों पर आए बदमाश बैग छीन ले गए। इसके बाद वह मौके पर ही बाइक लेकर खड़ा हो गया। अगले दो मिनट में सौरभ अपने तमाम साथी दुकानदारों के साथ मौके पर पहुंचा तो देखा कि अजय चुपचाप बाइक लेकर खड़ा है। न तो उसने शोर मचाया और न किसी को मदद के लिए पुकारा। हां, अपने मालिक व अन्य आढ़तियों को अपने पास आता देख लूट का शोर मचाना शुरू किया और भीड़ वहां एकत्रित हुई।
बड़ा सवाल..सिर्फ दो मिनट में लूट की वारदात कैसे संभव
सीसीटीवी की देर शाम तक चली जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। मुनीम अजय 11 बजकर 21 मिनट पर बैंक के गेट से बाहर निकला है और बाइक स्टार्ट कर मंडी के लिए चल दिया है। इसके बाद 11 बजकर 22 व 23 मिनट के आसपास उसने अपने मालिक को खुद के साथ लूट की सूचना का फोन कर दिया है। पुलिस ही नहीं, खुद आढ़ती इस बात पर असहज हैं कि इतनी बड़ी वारदात दो मिनट में ही हो गई। किसी को भनक तक नहीं और इतनी जल्दी फोन पर सब बता दिया। इससे पहले अपने घर भी फोन कर दिया। इस सवाल पर खुद मुनीम देर रात चकरघिन्नी बना हुआ है।
बाइक की टंकी पर रखा था रुपयों का बैग
इस घटना में अजय ने बताया है कि वह बैंक से रुपये लेकर जब चला तो उसने रुपयों का बैग बाइक की टंकी पर रख लिया था। इसके बाद बाइक लेकर मंडी की ओर चला। इसी बीच पीछे से आए बदमाशों ने उसे बिना रोके तमंचा ताना और झपट्टा मारकर बैग टंकी से उठाकर तेजी से भाग गए। हालांकि ऐसा होना भी संदिग्ध लग रहा था। अगर ऐसा हुआ भी होता तो उसने शोर क्यों नहीं मचाया। हड़बड़ाहट में खुद अजय की या तेजी से भागते किसी बदमाश की बाइक क्यों नहीं लड़खड़ाई या गिरी।
हत्या के आरोप में जेल जा चुका मुनीम
पुलिस जांच में लूट में संदिग्ध के रूप में समझ में आ रहे मुनीम अजय का पुराना आपराधिक रिकार्ड है। वह पूर्व में हत्या के एक मुकदमे में जेल जा चुका है। पुलिस उसके पुराने अपराधिक इतिहास पर भी काम कर रही है। हालांकि इसे लेकर फर्म स्वामी का कहना है कि वह विश्वासपात्र रहा है। मगर अब उसकी नीयत में क्या बदलाव आया, यह कुछ नहीं कहा जा सकता।
मालिक ने की मुनीम से मिन्नत, गिरा ब्लड प्रेशर
इस घटना के बाद मौके पर और गांधीपार्क थाने में बातचीत के दौरान प्रथम दृष्टया संदिग्ध माने गए मुनीम से उसके मालिक ने खूब मिन्नत की। कहा कि तुझ पर हमेशा भरोसा जताया है। अगर किसी के बहकावे में या लालच में आकर कोई गलती हो भी गई है तो मुझसे लाख पचास हजार रुपया अभी ले ले। मगर रुपयों का बैग वापस मंगा ले। कोई पुलिस कार्रवाई नहीं होगी। मगर अजय ने इस मिन्नत को सिरे से नकार दिया। इस दौरान घंटों तक एसएसपी ने भी सभी से बात की। इसी बीच मालिक का ब्लड प्रेशर गिरने के चलते उन्हें वहां से पहले दुकान और फिर घर भेज दिया गया।
34 लाख की लूट में एक-एक लुटेरों को चेक किया
चूंकि यह घटना धनीपुर मंडी के पास हुई। इससे पहले 34 लाख की लूट भी मंडी के सामने हुई थी। उस घटना का पूरा प्लान मंडी गेट पर बने ढाबे पर बैठकर बना था। इसलिए इस वारदात में भी उस लूट में शामिल रहे एक-एक लुटेरे को पुलिस ने चंद घंटों में चेक कर लिया। किसी के घर पहुंचकर तो किसी से फोन पर संपर्क कर यह पुष्टि की गई कि वह कब से कहां है और क्या कर रहा है। हालांकि किसी के स्तर से कोई संदेह सामने नहीं आया है।

अपनों पर रखें निगरानी, पुलिस टीम को मिलेगा इनाम
एसएसपी ने इस घटना को लेकर जहां खुलासे में शामिल रही पूरी टीम को 25 हजार के इनाम की घोषणा की है। वहीं उन्होंने उन लोगों से अपील की है जो अपने कर्मचारियों के भरोसे रकम लेनदेन का काम छोड़ते हैं। कहा है कि कितना भी विश्वासपात्र क्यों न हो, मगर उस पर समय समय पर क्रास चेकिंग या निगरानी जरूर रखें।
-मंडी के आसपास बड़ी लूट--
-2017 में मंडी गेट के ठीक सामने कैश वैन गार्ड की हत्या कर लूटे थे 34 लाख
-2018 में मंडी के ठीक सामने घर में घुसकर फाइनेंस दफ्तर में लाखों की लूट
-2019 में मंडी से थोड़ा आगे पेट्रोल पंप स्वामी से शाम के समय लूटे थे 6 लाख
--शहर में लूट की पांच बड़ी वारदातें--
- मीनाक्षी पुल पर मुनीर गैंग द्वारा 32 लाख की लूट
-रेलवे रोड पर मुनीर गैंग द्वारा 34 लाख की लूट
-धनीपुर मंडी पर विकास गैंग द्वारा 34 लाख की लूट
-समद रोड पर एलआईसी बिल्डिंग पर 22 लाख की लूट
-सारसौल चौराहे पर सराफ की दुकान से 40 लाख की लूट
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