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Aligarh News: ट्रेनों में उमड़ी भीड़, नहीं चढ़ पाए यात्री

Tue, 12 Aug 2025 12:06 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़ Updated Tue, 12 Aug 2025 12:06 AM IST
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Crowds gathered in trains, passengers could not board
हाथरस सिटी स्टेशन पर मथुरा जाने वाली ट्रेन में चढ़ने के लिए लगी भीड़। संवाद - फोटो : samvad
पूर्वोत्तर रेलवे के मथुरा-कासगंज रेल खंड पर रक्षाबंधन के बाद सोमवार को घर और काम पर वापसी करने वालों की इस कदर भीड़ उमड़ी कि ट्रेनों में यात्रियों को पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। सिटी स्टेशन पर दो जोड़ी ट्रेनों में कई यात्री भीड़ के कारण चढ़ नहीं पाए। उन्हें मजबूरी में सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ी।
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हाथरस सिटी स्टेशन पर सुबह करीब सवा नौ बजे व दोपहर करीब 12:30 बजे मथुरा व कासगंज जाने के लिए पहुंचीं ट्रेनों में पहले से ही यात्रियों की भरमार थी। ऐसे में यहां से चढ़े यात्रियों को ट्रेन के गलियारों में भी खड़े होने की जगह नहीं मिली। उन्हें ट्रेनों के पायदान पर खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। भीड़ देखकर कुछ यात्री तो ट्रेन से यात्रा करने का विचार छोड़कर चले गए।
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दोपहर करीब डेढ़ बजे कासगंज जाने वाली ट्रेन प्लेटफॉर्म संख्या दो पर आई। इसमें बड़ी संख्या में यात्रियों के उतरने के कारण कुछ जगह खाली होने से यात्रियों को कुछ हद तक राहत रही, लेकिन एक नंबर प्लेटफाॅर्म पर रुकी पैसेंजर ट्रेन में पहले से ही इतनी भीड़ थी कि यहां से चढ़ने वाले यात्रियों को जगह मिलना दूभर हो गया। यात्रियों को ट्रेन की खिड़कियों से उतरते देखा गया।
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भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जीआरपी व आरपीएफ को मोर्चा संभालना पड़ा। करीब पांच मिनट के ठहराव के बाद यात्रियों को ट्रेन के दरवाजों से अलग किया गया, ताकि उनके साथ कोई हादसा न हो। जीआरपी प्रभारी मनोज उज्ज्वल ने बताया कि भीड़ को देखते हुए ट्रेन आने के समय मुस्तैदी से यात्रियों को चढ़ाया और उतारा गया। त्योहार के कारण अधिक भीड़ उमड़ रही है।





टिकट वापसी के लिए हुई बहस
ट्रेन में न चढ़ पाने वाले अधिकांश यात्रियों के टिकट 30 रुपये से कम के थे। इन टिकटों को वापस करने वालों का टिकट खिड़की पर तांता लगा लगा रहा, लेकिन नियमानुसार टिकट वापस न होने के चलते यात्रियों को नुकसान झेलना पड़ा। कई यात्री टिकट वापसी के लिए कर्मचारियों से बहस करते दिखाई दिए।

मथुरा जाने के लिए स्टेशन पर आई थी, लेकिन ट्रेन में इतनी भीड़ थी कि मुझे किसी ने चढ़ने ही नहीं दिया। अब भाई के घर वापस चली जाऊंगी। टिकट के रुपये भी बेकार हो गए।
-सत्तो निवासी रमनपुर।
बुजुर्गाें को वैसे ही ट्रेन में चढ़ने में दिक्कत होती है। आज तो भीड़ इतनी थी कि ट्रेन में चढ़ ही नहीं पाई। कई यात्री ट्रेन में चढ़ने से वंचित रह गए। अब टिकट भी वापस नहीं हो रहा।
-शांति निवासी गांव लहरा।
हम अपने परिवार के साथ मथुरा जाने के लिए स्टेशन पर आए थे। भीड़ इतनी थी कि काफी यात्री चढ़ ही नहीं पाए। परिवार के साथ ट्रेन में चढ़ने का रिस्क नहीं ले पाए। अब बस से मथुरा जाएंगे।

-हिम्मत केन निवासी श्रीनगर।






हमने सोचा था कि कम किराये में मथुरा पहुंच जाएंगे, लेकिन भीड़ के कारण ट्रेन में चढ़ ही नहीं पाए। अब हमारे पांच लोगों का टिकट बेकार हो गया है। कायदे में तो रेलवे को यह टिकट वापस लेने चाहिए।
-लक्ष्मी देवी निवासी रमनपुर।
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