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अलीगढ़: स्मार्ट होने के इंतजार में दिन भर जाम से जूझते चौराहे
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जाम से जूझते शहर के लिए स्मार्ट सिटी भी कम जिम्मेदार नहीं। कहीं कोई चौराहा खुदा पड़ा है तो कहीं किसी चौराहे पर काम अधूरा पड़ा है। कहने को शहर के 4 प्रमुख और 14 छोटे चौराहों का सौंदर्यीकरण होना है। मगर यह काम कब पूरा होगा, कुछ कहा नहीं जा सकता। निर्धारित लक्ष्य सीमा भी पूरी हो चुकी है। ऐसे में चौराहों पर ठेल-ढकेलों का कब्जा और अवैध ऑटो-टिर्री स्टैंड के चलते जमावाड़ा जाम का कारण बनता है।
किसी एक चौराहे पर लगने वाला जाम सीधे सीधे दूसरे चौराहे को प्रभावित करता है। मगर स्मार्ट सिटी के लोग इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं। महानगर में स्मार्ट सिटी परियोजना से कायाकल्प की उम्मीद लगाए बैठे शहरवासियों को नए साल 2023 में करीब 42 विकास कार्य एवं निर्माण कार्यों के पूरा हो जाने पर बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मगर इन योजनाओं के पूरा होने में कितना वक्त लगेगा, अभी कोई कुछ स्पष्ट रूप से नहीं कह रहा। कहने को पांच साल से स्मार्ट सिटी परियोजना का काम जारी हैं, बीच में कोरोना काल के कारण इसका काम सुस्त पड़ा था। इसमें शहर के यातायात व सुदंरता को सुधारने के लिए चौराहों को दुरुस्त करने का बड़ा प्रोजेक्ट शामिल है।
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इनमें 14 छोटे व 4 प्रमुख चौराहे शामिल हैं। अब अगर बात क्वार्सी चौराहे की बात करें तो वहंा पेड़ काटने के बाद काम रुका है। सारसौल पर भी नाला खुदा पड़ा है। सासनी गेट व एटा चुंगी पर काम होता नहीं दिखता। इसी तरह तस्वीर महल व घंटाघर को छोड़कर किसी छोटे चौराहें पर भी कहीं कोई काम होता नहीं दिखता। ऐसे में प्रमुख चार चौराहों पर ठेल ढकेलों का जमावाड़ा और ऑटो टिर्री का कब्जा जाम को को बढ़ावा दिखता है।
बस अधिकारी यही कहते फिरते हैं कि प्रयास जारी हैं। जल्द काम कराया जाएगा। ठेकेदारों को काम में देरी पर जुर्माना तय करने के अलावा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस विषय में नगर निगम के मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र का कहना है कि लगातार स्मार्ट सिटी के काम में तेजी लाई जा रही है। अधिकारियों व ठेकेदारों पर दबाव बनाया जा रहा है। जल्द काम पूरा होता दिखेगा।
ये है हकीकत
1- 41.72 करोड़ रुपयों से 14 चौराहों का अक्तूबर २०२२ तक सौंदर्यीकरण होना था:शहर के इन प्रमुख चौराहों में अब्दुल्ला चौराहा, रामलीला मैदान, अग्रसेन चौक, मसूदाबाद, गांधीपार्क, मधेपुरा, दुबे का पड़ाव, सब्जी मंडी, जामा मस्जिद, शमशाद मार्केट, मदार गेट, तहसील तिराहा, कबर कुत्ता, तस्वीर महल चौराहा का सौंदर्यीकरण। कई चौराहों पर तो अभी शुरुआत ही नहीं हुई है, इस वजह से समय से पूरा होने के आसार नहीं हैं।
2- चार चौराहों का सौंदर्यीकरण रुपये 54.26 करोड़ रुपये की लागत से सारसौल, क्वार्सी, एटा चुंगी, सासनी गेट चौराहे का सौंदर्यीकरण दिसंबर २०२२ तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है।
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किसी एक चौराहे पर लगने वाला जाम सीधे सीधे दूसरे चौराहे को प्रभावित करता है। मगर स्मार्ट सिटी के लोग इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं। महानगर में स्मार्ट सिटी परियोजना से कायाकल्प की उम्मीद लगाए बैठे शहरवासियों को नए साल 2023 में करीब 42 विकास कार्य एवं निर्माण कार्यों के पूरा हो जाने पर बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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मगर इन योजनाओं के पूरा होने में कितना वक्त लगेगा, अभी कोई कुछ स्पष्ट रूप से नहीं कह रहा। कहने को पांच साल से स्मार्ट सिटी परियोजना का काम जारी हैं, बीच में कोरोना काल के कारण इसका काम सुस्त पड़ा था। इसमें शहर के यातायात व सुदंरता को सुधारने के लिए चौराहों को दुरुस्त करने का बड़ा प्रोजेक्ट शामिल है।
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इनमें 14 छोटे व 4 प्रमुख चौराहे शामिल हैं। अब अगर बात क्वार्सी चौराहे की बात करें तो वहंा पेड़ काटने के बाद काम रुका है। सारसौल पर भी नाला खुदा पड़ा है। सासनी गेट व एटा चुंगी पर काम होता नहीं दिखता। इसी तरह तस्वीर महल व घंटाघर को छोड़कर किसी छोटे चौराहें पर भी कहीं कोई काम होता नहीं दिखता। ऐसे में प्रमुख चार चौराहों पर ठेल ढकेलों का जमावाड़ा और ऑटो टिर्री का कब्जा जाम को को बढ़ावा दिखता है।
बस अधिकारी यही कहते फिरते हैं कि प्रयास जारी हैं। जल्द काम कराया जाएगा। ठेकेदारों को काम में देरी पर जुर्माना तय करने के अलावा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस विषय में नगर निगम के मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र का कहना है कि लगातार स्मार्ट सिटी के काम में तेजी लाई जा रही है। अधिकारियों व ठेकेदारों पर दबाव बनाया जा रहा है। जल्द काम पूरा होता दिखेगा।
ये है हकीकत
1- 41.72 करोड़ रुपयों से 14 चौराहों का अक्तूबर २०२२ तक सौंदर्यीकरण होना था:शहर के इन प्रमुख चौराहों में अब्दुल्ला चौराहा, रामलीला मैदान, अग्रसेन चौक, मसूदाबाद, गांधीपार्क, मधेपुरा, दुबे का पड़ाव, सब्जी मंडी, जामा मस्जिद, शमशाद मार्केट, मदार गेट, तहसील तिराहा, कबर कुत्ता, तस्वीर महल चौराहा का सौंदर्यीकरण। कई चौराहों पर तो अभी शुरुआत ही नहीं हुई है, इस वजह से समय से पूरा होने के आसार नहीं हैं।
2- चार चौराहों का सौंदर्यीकरण रुपये 54.26 करोड़ रुपये की लागत से सारसौल, क्वार्सी, एटा चुंगी, सासनी गेट चौराहे का सौंदर्यीकरण दिसंबर २०२२ तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है।