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Hathras News: कोरोना के नाम पर करोड़ों का घोटाला, सीएमओ सहित चार के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति

Tue, 15 Jul 2025 12:02 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Updated Tue, 15 Jul 2025 12:02 AM IST
सार

यह मामला 2022 का बताया जा रहा है। जांच समिति की रिपोर्ट में यह तथ्य भी सामने आया है कि जिले में उस समय न तो कोरोना का कोई केस था और न ही जांच हो रही थी। इसके बाद भी बीएसएल (बायो सेफ्टी लेवल) लैब-2 के लिए 40 लाख रुपये का सामान खरीद लिया और उसका उपभोग भी दिखाया गया।

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Crores of rupees scam in the name of Corona
कोरोना टेस्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वास्थ्य विभाग में कोरोना से निपटने के नाम पर तीन साल पहले सरकारी धन की खूब बंदरबांट हुई है। इसका खुलासा तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में करोड़ों रुपये का घोटाला होने का अंदेशा जताया गया है। इसमें अफसरों की भूमिका संदिग्ध पाई है। डीएम ने जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है और सीएमओ, एसीएमओ सहित चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।

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यह मामला 2022 का बताया जा रहा है। जांच समिति की रिपोर्ट में यह तथ्य भी सामने आया है कि जिले में उस समय न तो कोरोना का कोई केस था और न ही जांच हो रही थी। इसके बाद भी बीएसएल (बायो सेफ्टी लेवल) लैब-2 के लिए 40 लाख रुपये का सामान खरीद लिया और उसका उपभोग भी दिखाया गया। इसके अलावा अन्य सामान की खरीद भी की गई, लेकिन उनके बिल जांच समिति को उबलब्ध नहीं कराए। 22 वाहनों का संचालन कोरोना से निपटने के लिए दिखाया गया। जांच समिति ने इसकी लॉग बुक और पत्रावली मांगी तो उसे नहीं दिया गया। खरीदे गए सामान के बिल भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
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आयुष्मान आरोग्य मन्दिरों में तैनात सीएचओ,एएनएम, बीपीएम, बीसीपीएम, बीएएम को उनके मूल तैनाती स्थल से मनमाने तरीके से निजी स्वार्थ पूर्ति के लिए स्थानांतरण किया गया। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय से अनुमोदन भी नहीं लिया गया। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि शासन से प्राप्त करोड़ों रुपये की धनराशि के सापेक्ष विभिन्न फर्मों से खरीद फरोख्त की गई, जिसमें वित्तीय अनियमितता बरती गई। इसके लिए सीएमओ एवं एसीएमओ पूर्णतः उत्तरदायी हैं। एनएचएम जिला कार्यक्रम प्रबंधक,एनएचएम के जिला लेखा प्रबंधक ने भी इनका पूर्ण सहयोग किया।

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जांच रिपोर्ट के बाद डीएम ने इस मामले का स्पेशल ऑडिट कराने, सीएमओ डॉक्टर मंजीत सिंह, एसीएमओ डॉक्टर राजीव गुप्ता, एनएचएम जिला कार्यक्रम प्रबंधक बलवीर सिंह वर्मा, जिला लेखा प्रबंधक सुनील दत्त शर्मा के विरूद्ध नियमानुसार विभागीय अग्रेत्तर कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की है।

इस तरह हुआ खुलासा
इस संबंध में मथुरा के गांव राल निवासी प्रेम चंद्र चतुर्वेदी ने दो अक्तूबर 2023 को सीएमओ डॉक्टर मंजीत सिंह और एसीएमओ डॉक्टर राजीव गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए 19 बिंदुओं पर शिकायत की थी। तत्कालीन डीएम ने शिकायत की जांच के लिए एडीएम न्यायिक, वरिष्ठ कोषाधिकारी एवं ओसी कलेक्ट्रेट तृतीय की समिति बनाई थी। जांच समिति ने छह मार्च को 2024 को अपनी जांच आख्या डीएम को सौंप दी।

आरोप निराधार हैं। एडीएम न्यायिक ने इस तरह की मेरी की कोई जांच नहीं की है।-डॉ. राजीव गुप्ता, एसीएमओ
आरोप बेबुनियाद हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुक्रम में सभी कार्य किए जाते हैं।-डॉ. मंजीत सिंह, सीएमओ
एडीएम न्यायिक की जांच रिपोर्ट के क्रम में शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। साथ ही विशेष ऑडिट कराने के लिए भी कहा गया है।-राहुल पांडेय, डीएम

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