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राज्य कर्मचारियों की हड़ताल से चरमराईं सरकारी सेवाएं
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Aug 2016 01:13 AM IST
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राज्य कर्मचारियों की हड़ताल से चरमराईं सरकारी सेवाएं
- फोटो : रुपेश
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कैशलेस चिकित्सा, आवासीय भत्ते का डीए से लिंक आदि मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन सरकारी सेवाएं बुरी तरह चरमरा गईं। गुरुवार को शिक्षा विभाग, पीडब्लूडी, परिवहन, आरटीओ समेत अन्य विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल में कूद पड़े।
इससे फील्ड कार्य पूरी तरह ठप हो गया। तहसील एवं पंचायतों में काम न होने से राजस्व वसूली ठप हो गई। सरकार को करोड़ों की चपत लगी है। हालांकि कलक्ट्रेट एवं विकास भवन कार्यालयों पर हड़ताल का असर आंशिक दिखा।
आक्रोशित कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्हाेंने मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहने की घोषणा की है। परिषद के संरक्षक उदयराज सिंह ने कहा कि सरकार नहीं चेती तो आंदोलन और उग्र होगा।
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हरज्ञान सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय में हलफनामा दायर करने के बाद भी सरकार ने तीन साल से शासनादेश जारी नहीं किया है। कैलाश चंद शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों का सरकार पर से भरोसा उठ गया है।
इस मौके पर परिवहन विभाग के प्रांतीय उपाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, अध्यक्ष राजकुमार शम्मी, जिला मंत्री संजय चतुर्वेदी, मुरारीलाल शर्मा, शिवकुमार सिंह, संजीव, हृदेश भारद्वाज, शकुंतला देवी, चेतनराज, रजत भारद्वाज, प्रेमपाल सिंह, सादिक हुसैन, कुशलपाल दीक्षित, सुरेश हितैषी, भूदेवी शर्मा, राम सिंह आर्य, मुकेश सोलंकी, उमेश शर्मा, सत्यवीर, कौशलेंद्र, प्रेमपाल, दिनेश मित्तल, सतीश अग्रवाल, इंद्रपाल शर्मा, मनोहर सिंह, हरेश्वर शर्मा, विक्रम सिंह, कुशलपाल दीक्षित, सत्यवीर सिंह, संजीव, सादिक हुसैन आदि दर्जनों कर्मचारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य विभाग-
कर्मचारियों ने सुबह आठ से ग्यारह बजे तक सभी सेवाएं बाधित रखीं। न दवा बंटी और न ही जांच हुई। फार्मासिस्ट एसोसिएशन, मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ, नेत्र परीक्षण अधिकारी, एक्सरे टेकभनीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, लैब टेक्नीशियन एवं पैरा मेडिकल स्टाफ हड़ताल पर रहे।
विकास भवन
विकास भवन के ग्राम्य विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, डीआरडीए, ग्राम विकास लेखा संघ, लघु सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण सेवाएं, मनरेगा तकनीकी सहायक व सांख्यिकी कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ। पशुपालन विभाग में टीकाकरण कार्य व चिकित्सा से संबंधित पशुधन प्रसार अधिकारी, पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट हड़ताल पर रहे।
आरटीओ
कर्मचारियों ने कार्यालय बंद कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने सरकार पर वायदाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आरपार की लड़ाई का ऐलान किया। परिवहन कार्यालय में भी कलमबंद हड़ताल के चलते कामकाज प्रभावित हुआ। इस दौरान प्रांतीय उपाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, अध्यक्ष राज कुमार शम्मी, जिला मंत्री संजय चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।
कृषि विभाग
कर्मचारियों ने विभागीय कार्यालयों में दूसरे दिन भी ताले डाले रखे। मिट्टी की जांच एवं बीज वितरण समेत अन्य कार्य प्रभावित हुए।
राजस्व वसूली ठप
राजस्व संग्रह अमीन, संग्रह सेवक, रजिस्ट्रीकर्ता, सीजनल अमीन, चकबंदी लेखपाल, चकबंदी कानूनगो, वाणिज्यकर अमीन, वाणिज्यकर मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, आरटीओ व कोषागार समेत संग्रह के अन्य विभागों के कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से राजस्व संग्रह नहीं हुआ। इससे सरकार को करोड़ों की चपत लगी।
मनरेगा का काम ठप, कृषि विभाग में लटके ताले
अलीगढ़ (ब्यूरो)। संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के बैनर तले जारी राज्य कर्मचारियों की हड़ताल से मनरेगा का काम पूरी तरह ठप हो गया है। जिला मुख्यालय और ब्लाक का पूरा स्टॉफ हड़ताल पर है। विकास भवन में मनरेगा सेल के प्रवेश द्वार पर ही उत्तर प्रदेश मनरेगा कल्याण कार्मिक संगठन ने कार्य बहिष्क ार का नोटिस चस्पा कर दिया है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की फील्ड टीम भी हड़ताल में कूद गई है। जिससे साइटों का निरीक्षण, प्रस्ताव आदि काम रुक गया है। क्वार्सी कृषि फार्म में कार्य समय के दौरान धरना प्रदर्शन चलता रहा। अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के अध्यक्ष सुभाष बाबू, मंत्री यादराम वर्मा, उपाध्यक्ष राजवीर सिंह बघेल, यतेंद्र पाल सिंह उपाध्यक्ष मूल चंद शर्मा प्रदेश मंत्री, कमल राजपूत कोषाध्यक्ष ने सभी उपनिदेशकों के कार्यालयों, जेडी, बीएसए और डीओ कार्यालय पर तालाबंदी की। 12 बजे तक धरना दिया। फिर जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की हड़ताल खत्म
अलीगढ़। शासन द्वारा कैशलेस चिकित्सा समेत छह अन्य मांगे माने जाने के बाद प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की तीन दिवसीय हड़ताल वापस ले ली गई है। परिषद् के अध्यक्ष डा.नरेश कुमार ने बताया कि शासन ने कर्मचारियों की नौ में से छह मांगे मान ली हैं और प्रांतीय नेतृत्व को जल्द ही इन पर शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया है। इस वजह से हड़ताल वापस ले ली गई है।
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इससे फील्ड कार्य पूरी तरह ठप हो गया। तहसील एवं पंचायतों में काम न होने से राजस्व वसूली ठप हो गई। सरकार को करोड़ों की चपत लगी है। हालांकि कलक्ट्रेट एवं विकास भवन कार्यालयों पर हड़ताल का असर आंशिक दिखा।
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आक्रोशित कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्हाेंने मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहने की घोषणा की है। परिषद के संरक्षक उदयराज सिंह ने कहा कि सरकार नहीं चेती तो आंदोलन और उग्र होगा।
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हरज्ञान सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय में हलफनामा दायर करने के बाद भी सरकार ने तीन साल से शासनादेश जारी नहीं किया है। कैलाश चंद शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों का सरकार पर से भरोसा उठ गया है।
इस मौके पर परिवहन विभाग के प्रांतीय उपाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, अध्यक्ष राजकुमार शम्मी, जिला मंत्री संजय चतुर्वेदी, मुरारीलाल शर्मा, शिवकुमार सिंह, संजीव, हृदेश भारद्वाज, शकुंतला देवी, चेतनराज, रजत भारद्वाज, प्रेमपाल सिंह, सादिक हुसैन, कुशलपाल दीक्षित, सुरेश हितैषी, भूदेवी शर्मा, राम सिंह आर्य, मुकेश सोलंकी, उमेश शर्मा, सत्यवीर, कौशलेंद्र, प्रेमपाल, दिनेश मित्तल, सतीश अग्रवाल, इंद्रपाल शर्मा, मनोहर सिंह, हरेश्वर शर्मा, विक्रम सिंह, कुशलपाल दीक्षित, सत्यवीर सिंह, संजीव, सादिक हुसैन आदि दर्जनों कर्मचारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य विभाग-
कर्मचारियों ने सुबह आठ से ग्यारह बजे तक सभी सेवाएं बाधित रखीं। न दवा बंटी और न ही जांच हुई। फार्मासिस्ट एसोसिएशन, मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ, नेत्र परीक्षण अधिकारी, एक्सरे टेकभनीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, लैब टेक्नीशियन एवं पैरा मेडिकल स्टाफ हड़ताल पर रहे।
विकास भवन
विकास भवन के ग्राम्य विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, डीआरडीए, ग्राम विकास लेखा संघ, लघु सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण सेवाएं, मनरेगा तकनीकी सहायक व सांख्यिकी कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ। पशुपालन विभाग में टीकाकरण कार्य व चिकित्सा से संबंधित पशुधन प्रसार अधिकारी, पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट हड़ताल पर रहे।
आरटीओ
कर्मचारियों ने कार्यालय बंद कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने सरकार पर वायदाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आरपार की लड़ाई का ऐलान किया। परिवहन कार्यालय में भी कलमबंद हड़ताल के चलते कामकाज प्रभावित हुआ। इस दौरान प्रांतीय उपाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, अध्यक्ष राज कुमार शम्मी, जिला मंत्री संजय चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।
कृषि विभाग
कर्मचारियों ने विभागीय कार्यालयों में दूसरे दिन भी ताले डाले रखे। मिट्टी की जांच एवं बीज वितरण समेत अन्य कार्य प्रभावित हुए।
राजस्व वसूली ठप
राजस्व संग्रह अमीन, संग्रह सेवक, रजिस्ट्रीकर्ता, सीजनल अमीन, चकबंदी लेखपाल, चकबंदी कानूनगो, वाणिज्यकर अमीन, वाणिज्यकर मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, आरटीओ व कोषागार समेत संग्रह के अन्य विभागों के कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से राजस्व संग्रह नहीं हुआ। इससे सरकार को करोड़ों की चपत लगी।
मनरेगा का काम ठप, कृषि विभाग में लटके ताले
अलीगढ़ (ब्यूरो)। संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के बैनर तले जारी राज्य कर्मचारियों की हड़ताल से मनरेगा का काम पूरी तरह ठप हो गया है। जिला मुख्यालय और ब्लाक का पूरा स्टॉफ हड़ताल पर है। विकास भवन में मनरेगा सेल के प्रवेश द्वार पर ही उत्तर प्रदेश मनरेगा कल्याण कार्मिक संगठन ने कार्य बहिष्क ार का नोटिस चस्पा कर दिया है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की फील्ड टीम भी हड़ताल में कूद गई है। जिससे साइटों का निरीक्षण, प्रस्ताव आदि काम रुक गया है। क्वार्सी कृषि फार्म में कार्य समय के दौरान धरना प्रदर्शन चलता रहा। अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के अध्यक्ष सुभाष बाबू, मंत्री यादराम वर्मा, उपाध्यक्ष राजवीर सिंह बघेल, यतेंद्र पाल सिंह उपाध्यक्ष मूल चंद शर्मा प्रदेश मंत्री, कमल राजपूत कोषाध्यक्ष ने सभी उपनिदेशकों के कार्यालयों, जेडी, बीएसए और डीओ कार्यालय पर तालाबंदी की। 12 बजे तक धरना दिया। फिर जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की हड़ताल खत्म
अलीगढ़। शासन द्वारा कैशलेस चिकित्सा समेत छह अन्य मांगे माने जाने के बाद प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की तीन दिवसीय हड़ताल वापस ले ली गई है। परिषद् के अध्यक्ष डा.नरेश कुमार ने बताया कि शासन ने कर्मचारियों की नौ में से छह मांगे मान ली हैं और प्रांतीय नेतृत्व को जल्द ही इन पर शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया है। इस वजह से हड़ताल वापस ले ली गई है।