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ऐसा कोई सगा नहीं..जिसको हमने ठगा नहीं
ब्यूराे/अमर उजाला,अलीगढ़
Updated Fri, 18 Mar 2016 01:52 AM IST
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ठगी
- फोटो : file Photo
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उपभोक्ता फोरम में फील्ड संबंधी काम निपटाने की नौकरी दिलाने के नाम पर एक अधेड़ दिव्यांग ने अपने ही आधा दर्जन से ज्यादा रिश्तेदारों को ठग लिया। इसने अपने फै लाए फर्जी रैकेट के जाल में फंसे कई बेरोजगारों से रकम ऐंठ लिए। इसके अलावा ट्रेनिंग के नाम पर ठगी के शिकार लोगों को लखनऊ भी भेजा गया। ऐसे लोगों को ज्वाइनिंग लेटर व आईकार्ड भी दिए गए। लेकिन जब स्थानीय उपभोक्ता फोरम में ज्वाइनिंग लेटर को फर्जी करार दे दिए तो हड़कंप मच गया। फोरम कार्यालय नेे बृहस्पतिवार को तहसील में आने पर फर्जीवाड़े से जुड़े चार लोगाें को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोप है कि बरला के गांव टीकरी के दिव्यांग ने अपने कई रिश्तेदारों को यह कहकर ठग लिया कि कोल तहसील मुख्यालय में संचालित उपभोक्ता संरक्षण फोरम न्यायालय को फील्ड संबंधी कार्य के लिए संविदा पर एटार्नी के पद पर लोगों की आवश्यकत है। नौकरी की ऐवज में उन्हें 40 से 80 हजार रुपये तका प्रतिमाह मानदेश दिए जाएंगे। इस झांसे में आकर दिव्यांग की साले की बेटी मनीषा पुत्र अभयपाल निवासी बरौला, तुलसा देवी पत्नी बबलू निवासी मुकुंदपुर, ओमप्रताप पुत्र राकेश निवासी धनीपुर, गजेंद्र निवासी गाजीपुर अतरौली, राकेश निवासी गाजीपुर, रोहित सिंह निवासी बुलंदशहर, नरवेंद्र दाऊदपुर आदि ने उन्हें नवंबर में मांगी गई रकम अदा कर दी। इसके बाद क्रिकेटराें को दिसंबर में लखनऊ भेजा गया। उनसे एक फार्म भी भरवाया गय था। इसके अलावा उन्हें यूपी के कंज्यूमर, प्रोटेक्शन एंड राइट काउंसिल यूपी से संबंधित आईकार्ड व ज्वाइनिंग लेटर भी जारी किए गए। उसके बाद उन्हें अलीगढ़ में काम करने के निर्देश दिए गए। तहसील कोल में उपभोक्ता फोरम कार्यालय में संपर्क करने पर पता चला कि उनके साथ फ्राड हुआ है। इसपर उपभोक्ता फोरम न्यायालय के अधिकारी भी हरकत में आ गए। उनके बारे में जब लखनऊ से संपर्क कर जानकारी ली गई तो फर्जीवाड़े का खेल उजागर हो गया। उनसे फोरम अधिकारियों द्वारा पूछताछ करने पर वे ढेर हो गए। गरुवार को एसओ बन्नादेवी अनुज कुमार के अनुसार इनके पास से कुछ ज्वाइनिंग लैटर, मुहर आदि भी मिली हैं। इनसे पूछताछ की जा रही है और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। चारों हिरासत में हैं। --बॉक्स-- थाने आते ही देने लगे पीड़ितों को चेक जब इन चारों को पुलिस थाने ले आई और पीछे-पीछे पीड़ित भी आ गए। तो चेयरमैन बताने वाले आमोद राठौर ने 1.10 लाख रुपये का एक चेक े दिया। यह भी कहा गया कि वह अपना रुपया वापस ले लें और झंझट से मुक्त रहें।
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