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दो भतीजों संग कमरे में बंद हुआ, छुड़ाने पर मार ली गोली

Tue, 16 Apr 2019 01:41 AM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: राजेश सिंह Updated Tue, 16 Apr 2019 01:41 AM IST
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Two nephews locked in room with gunshot wounds
घर के बाहर पुलिस के साथ लगी लोगों की भीड़।  - फोटो : Amar Ujala
 लोधा थाना क्षेत्र के गांव हरदासपुर में चाचा ने अपने दो भतीजों को अगवा कर कमरे में बंद कर लिया। प्लाट व जमीन के हिस्से को अपनी पत्नी के नाम न करने पर दोनाें भतीजों को गोली मारने की धमकी दी तो पूरा परिवार सहम उठा। एसओ से लेकर एसएसपी तक ने करीब छह घंटे तक आरोपी चाचा को समझाया लेकिन वह जिद पर अड़ा रहा।
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बाद में स्टांप मंगवाकर उसमें भाई से प्रापर्टी के बंटवारे के लिए अधिकारियों ने हस्ताक्षर करवाए और आरोपी को पत्नी को बुलाया, जिसके समझाने पर आरोपी ने दोनों भतीजों को बंधन मुक्त किया। इसी बीच पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी चाचा ने अपनी कनपटी से सटाकर तमंचे से गोली मार ली। उसे घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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गांव के महेश चार भाई हैं। महेश के दो बेटे डेविड (10) और अविनाश (9) सोमवार की दोपहर एक बजे स्कूल से लौटे थे, तभी उनके चाचा सोमवीर उर्फ भीमा ने दोनों को पकड़कर अपने साथ एक कमरे में बंद कर लिया। उन पर 315 बोर का तमंचा लगाकर गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद भाई महेश को फोन कर भतीजों की हत्या की बात कही। यह सुनकर महेश के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
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इस पर एसओ लोधा, सीओ गभाना सुरेंद्र सिंह पहुंच गए। अपराह्न 3 बजे तक दोनों समझाते रहे लेकिन आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई तो एसपी सिटी अभिषेक, सीओ खैर पंकज श्रीवास्तव, एसएसपी आकाश कुलहरि भी पहुंच गए। इन अधिकारियों ने तीन घंटे तक आरोपी को समझाया लेकिन वह भाइयों के पास मौजूद प्लाट और जमीन में अपनी पत्नी के नाम करने की जिद पर अड़ा रहा।

इस पर पुलिस ने इगलास कोतवाली के गांव किशनपुर से भीमा की पत्नी को बुलवाया।  उधर कोल तहसील से स्टांप मंगवाकर भाइयों के हस्ताक्षर करवाए। पत्नी के समझाने पर भीमा ने जैसे ही दरवाजा खोलकर बच्चाें को बाहर निकाला वैसे ही पुलिस उसे पकड़ने झपटी, तभी उसने स्वयं को गोली मार ली। कनपटी से लगते हुए गोली निकल गई। आरोपी की हालत नाजुक बताई गई है।

काफी समय से था जमीन का विवाद
हरदासपुर गांव निवासी देशराज सिंह के चार महेश, सोनू, सोमवीर उर्फ भीमा तथा सुखवीर हैं। सोनू  व महेश के पास 20 बीघे जमीन थी। इस जमीन को दोनों भाइयों ने अपनी मां चुनिया देवी के नाम कर दी। चुनिया देवी ने 200-200 गज के दो प्लाट महेश और सोनू के नाम बैनामा कर दिए। साथ ही सुखवीर और सोमवीर उर्फ  भीमा के नाम 10 बीघे जमीन कर दी।

सोमवीर उर्फ  भीमा ने अपने भतीजे डेविड और अविनाश के नाम पांच बीघे जमीन का बैनामा कर दिया। इसके बदले वह महेश और सोनू के प्लाट के हिस्सा मांगने लगा। इसी विवाद में सोमवार को यह सारा घटनाक्रम हुआ सोमवीर उर्फ भीमा की शादी मई 2018 में रेखा के साथ हुई थी। तीन माह से रेखा अपने मायके में है।


पुलिस ने सोमवीर की पत्नी रेखा को बुलाया और उसके भाई महेश से भी पुलिस ने कुछ जमीन के संबंध में जरूरी लिखा पढ़ी कराई। रेखा ने भी सोमवीर को आश्वस्त किया तो वह बच्चों को छोड़ने को तैयार हो गया और कमरा खोल दिया। पुलिस के कमरे में प्रवेश करते ही सोमवीर ने तमंचे से अपने सिर में गोली मार ली। पुलिस ने बच्चों को सकुशल बरामद कर पिता को सौंप दिया। गंभीर रूप से घायल सोनवीर को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस भाइयों के जमीनी विवाद की गहनता से जांच में जुटी है।
- आकाश कुलहरि, एसएसपी।
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