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फौजी ने शिक्षक को फावड़े से काटा
Tue, 02 Apr 2019 01:47 AM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Tue, 02 Apr 2019 01:47 AM IST
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चरन का फाइल फोटो।
- फोटो : Amar Ujala
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क्षेत्र के गांव संगीला में सोमवार की शाम करीब साढ़े सात बजे एक फौजी ने खेत में शिक्षक को फावड़े से काट डाला। बचाने की कोशिश कर रहे शिक्षक के भाई को भी गंभीर रूप से घायल कर फौजी भाग गया। पुलिस ने घायल को जेएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस ने देर रात नौ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार सांगली गांव निवासी चरन सिंह (40) इगलास के शिवदान सिंह इंटर कॉलेज में मानदेय शिक्षक थे। सोमवार की शाम वह अपने भाई तीन अन्य भाइयों व एक भतीजे के साथ खेतों पर गए थे। वहां फौजी रामजीत पुत्र छीतर सिंह उन्हें मिला। रामजीत और चरन के परिवार के बीच जमीनी विवाद चल रहा है। इसी को लेकर दोनों के बीच कुछ बात हुई।
बात बढ़ते ही रामजीत ने फावड़ा से चरन सिंह के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। मौके पर ही चरन की मौत हो गई। उधर, भाई को बचाने की कोशिश कर रहे ओमप्रकाश (36) पर भी रामजीत ने कई वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। सूचना मिलते ही बेसवां चौकी इंचार्ज रामवीर सिंह और सीओ इगलास परशुराम सिंह मौके पर पहुंच गए।
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भूसा लेने गए थे, मरने की आई खबर
संगीला निवासी शिक्षक चरन िसंह अपने तीनों अन्य भाई और भतीजों के साथ खेतों में भूसा लेने गए थे, लेिकन उनकी मौत की खबर घर पहुंची। एक अन्य भाई गंभीर रूप से घायल अस्पताल में जीवन और मौत से जूझ रहा है।
संगीला निवासी बलवीर सिंह के चार बेटे ओमप्रकाश, पप्पू सिंह, चरन सिंह व सत्यवीर सिंह थे। चरन सिंह शिवदान सिंह इंटर कालेज इगलास में मानदेय पर शिक्षण कार्य करते थे। वह छोटे भाई सत्यवीर सिंह के साथ हास्पिटल रोड पर पर रहते थे। सोमवार को वह गांव में भूसा लेने के लिए गए थे। चारों भाई व भतीजा विवेक खेत पर पहुंचे तो वहां पर मौजूद फौजी रामजीत सिंह समेत नौ लोग पहले से मौजूद थे। परिवार में जमीनी विवाद बरसों से चल रहा है।
बताते हैं कि फौजी समेत अन्य आरोपियों ने फावड़े से शिक्षक की गर्दन व सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर मौत की नींद सुला दिया। ओमप्रकाश गंभीर रूप से घायल हैं। वारदात के चश्मदीद विवेक का कहना था कि जब चाचा तथा ताऊजी पर फावड़े से ताबड़तोड़ वार होने लगा तो उसके पिता और चाचा जान बचाकर वहां से भागे। मृतक की पत्नी व बच्चों को शिक्षक की मौत की जानकारी नहीं दी गई है।
सीओ इगलास परशुराम सिंह ने बताया कि बहोरन उर्फ पप्पू की तहरीर पर गांव के ही छीतर सिंह पुत्र गुरुदयाल सिंह और इसके बेटे धर्मवीर व चंद्रवीर फौजी, मनोज पुत्र यशपाल, पुष्पेन्द्र पुत्र वीरेन्द्र, नाहर पुत्र श्यौप्रसाद, विपिन पुत्र हरीबाबू, सत्यवीर पुत्र विपती, सौरभ पुत्र डोरीलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रविवार को ही अवकाश पर आया है रामजीत
इगलास। बताते हैं कि आरोपी फौजी रामजीत रविवार को ही अवकाश पर अपने घर आया था। सोमवार को उसने अन्य के साथ मिलकर चरन सिंह की हत्या कर दी और ओमप्रकाश को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मृतक चरन सिंह और आरोपी फौजी पारिवारिक हैं। दोनों परिवारों के बीच जमीन का विवाद एक दशक से भी पुराना है। हाईकोर्ट तक कानूनी लड़ाई चली है।
बूढ़ी मां के आंसू पोंछने का साहस नहीं कर पाए गांव वाले
वारदात के बाद आरोपी फौजी रामजीत और उसके परिजन भले ही गांव से भाग गए, लेकिन उनकी दहशत गांव वालों में इस कदर हावी है कि दरवाजे पर अकेली बैठी रोती रही मृतक की बूढ़ी मां के आंसू पोंछने तक कि किसी ग्रामीण की हिम्मत नहीं पड़ रही। पड़ोसी तक अपने दरवाजे बंद किए अंदर ही दुबके रहे। मृतक चरन सिंह की बुजुर्ग मां मुख्त्यारी देवी दरवाजे पर चारपाई पर अकेले बैठे ही रोती रहीं
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जानकारी के अनुसार सांगली गांव निवासी चरन सिंह (40) इगलास के शिवदान सिंह इंटर कॉलेज में मानदेय शिक्षक थे। सोमवार की शाम वह अपने भाई तीन अन्य भाइयों व एक भतीजे के साथ खेतों पर गए थे। वहां फौजी रामजीत पुत्र छीतर सिंह उन्हें मिला। रामजीत और चरन के परिवार के बीच जमीनी विवाद चल रहा है। इसी को लेकर दोनों के बीच कुछ बात हुई।
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बात बढ़ते ही रामजीत ने फावड़ा से चरन सिंह के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। मौके पर ही चरन की मौत हो गई। उधर, भाई को बचाने की कोशिश कर रहे ओमप्रकाश (36) पर भी रामजीत ने कई वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। सूचना मिलते ही बेसवां चौकी इंचार्ज रामवीर सिंह और सीओ इगलास परशुराम सिंह मौके पर पहुंच गए।
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भूसा लेने गए थे, मरने की आई खबर
संगीला निवासी शिक्षक चरन िसंह अपने तीनों अन्य भाई और भतीजों के साथ खेतों में भूसा लेने गए थे, लेिकन उनकी मौत की खबर घर पहुंची। एक अन्य भाई गंभीर रूप से घायल अस्पताल में जीवन और मौत से जूझ रहा है।
संगीला निवासी बलवीर सिंह के चार बेटे ओमप्रकाश, पप्पू सिंह, चरन सिंह व सत्यवीर सिंह थे। चरन सिंह शिवदान सिंह इंटर कालेज इगलास में मानदेय पर शिक्षण कार्य करते थे। वह छोटे भाई सत्यवीर सिंह के साथ हास्पिटल रोड पर पर रहते थे। सोमवार को वह गांव में भूसा लेने के लिए गए थे। चारों भाई व भतीजा विवेक खेत पर पहुंचे तो वहां पर मौजूद फौजी रामजीत सिंह समेत नौ लोग पहले से मौजूद थे। परिवार में जमीनी विवाद बरसों से चल रहा है।
बताते हैं कि फौजी समेत अन्य आरोपियों ने फावड़े से शिक्षक की गर्दन व सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर मौत की नींद सुला दिया। ओमप्रकाश गंभीर रूप से घायल हैं। वारदात के चश्मदीद विवेक का कहना था कि जब चाचा तथा ताऊजी पर फावड़े से ताबड़तोड़ वार होने लगा तो उसके पिता और चाचा जान बचाकर वहां से भागे। मृतक की पत्नी व बच्चों को शिक्षक की मौत की जानकारी नहीं दी गई है।
सीओ इगलास परशुराम सिंह ने बताया कि बहोरन उर्फ पप्पू की तहरीर पर गांव के ही छीतर सिंह पुत्र गुरुदयाल सिंह और इसके बेटे धर्मवीर व चंद्रवीर फौजी, मनोज पुत्र यशपाल, पुष्पेन्द्र पुत्र वीरेन्द्र, नाहर पुत्र श्यौप्रसाद, विपिन पुत्र हरीबाबू, सत्यवीर पुत्र विपती, सौरभ पुत्र डोरीलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रविवार को ही अवकाश पर आया है रामजीत
इगलास। बताते हैं कि आरोपी फौजी रामजीत रविवार को ही अवकाश पर अपने घर आया था। सोमवार को उसने अन्य के साथ मिलकर चरन सिंह की हत्या कर दी और ओमप्रकाश को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मृतक चरन सिंह और आरोपी फौजी पारिवारिक हैं। दोनों परिवारों के बीच जमीन का विवाद एक दशक से भी पुराना है। हाईकोर्ट तक कानूनी लड़ाई चली है।
बूढ़ी मां के आंसू पोंछने का साहस नहीं कर पाए गांव वाले
वारदात के बाद आरोपी फौजी रामजीत और उसके परिजन भले ही गांव से भाग गए, लेकिन उनकी दहशत गांव वालों में इस कदर हावी है कि दरवाजे पर अकेली बैठी रोती रही मृतक की बूढ़ी मां के आंसू पोंछने तक कि किसी ग्रामीण की हिम्मत नहीं पड़ रही। पड़ोसी तक अपने दरवाजे बंद किए अंदर ही दुबके रहे। मृतक चरन सिंह की बुजुर्ग मां मुख्त्यारी देवी दरवाजे पर चारपाई पर अकेले बैठे ही रोती रहीं