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स्कूल में वसूली को लेकर विवाद, फायरिंग-पथराव
ब्यूराे/अमर उजाला,अलीगढ़
Updated Thu, 10 Mar 2016 01:35 AM IST
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चिल्ड्रन एकेडमी स्कूल के गेट पर लगी भीड़ को हटाते पुलिस कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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राजस्थान के राज्यपाल के आवास के बराबर स्थित चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल में बुधवार को फीस के अतिरिक्त 300 रुपये वसूले जाने के विवाद ने बखेड़ा खड़ा करा दिया। यहां सुबह-सुबह फीस वसूली के विरोध पर एक अभिभावक को तमंचे की बटों से बेरहमी से पीटा गया और स्कूल संचालक व प्रिंसिपल पर कई राउंड फायरिंग तक का आरोप लगा।
इसके विरोध में एकत्रित अभिभावकों ने मैरिस रोड पर जाम लगा दिया। पब्लिक के गुस्से को देख जब पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर जाने लगी तो पब्लिक ने पुलिस जीप पर पथराव कर दिया। तो मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बाद में गिरफ्तार संचालक व प्रिंसिपल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत पर रिहा कर दिया गया।
वाकये के अनुसार क्वार्सी के मैरिस रोड इलाके में संचालित स्कूल में परीक्षाएं चल रही हैं। बुधवार सुबह केलानगर के रहने वाले अभिभावक शकील पुत्र शमशेर अपने बेटे की फीस जमा करने गए तो आरोप है कि वहां उनसे मैनेजर फरहत अली व प्रिंसिपल परवेज ने 300 रुपये अतिरिक्त मांगे। शकील ने जब वजह पूछी तो उन्हें बताया कि सालाना कार्यक्रम के रुपये आपने नहीं दिए थे।
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इस बात पर वहां विवाद हुआ और शकील ने विरोध किया। आरोप है कि इसी दौरान प्रिंसिपल ने पहले तमंचा ताना और फिर उसके सिर पर बट मार दी। साथ ही अपने कुछ अन्य साथी हॉकी डंडे सहित बुला लिए। इसके बाद जमकर पीटा गया। शोरशराबे पर जब अन्य अभिभावक वहां एकत्रित हुए तो मैनेजर फरहत अली ने पिस्टल से आठ-दस राउंड फायरिंग कर दी। इस पर वहां शकील बाल-बाल बच गया और मैरिस रोड पर दहशत व भगदड़ का माहौल बन गया।
इस घटना के बाद आक्रोशित अभिभावकों ने स्कूल के बाहर मैरिस रोड पर अपने वाहन खड़े कर जाम लगा दिया। भीड़ आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही थी। राज्यपाल के आवास के बगल में फायरिंग व जाम की खबर पर क्वार्सी, सासनी गेट, बन्नादेवी, देहली गेट आदि थानों का फोर्स पहुंच गया। लोगों को समझाया जाने लगा। मगर पब्लिक मानने को तैयार न थी।
तत्काल गिरफ्तारी की जिद पर अड़ी थी। इस दौरान पुलिस ने पब्लिक पर सख्ती भी दिखाई। मगर बात नहीं बनी। जब पुलिस ने स्कूल से मैनेजर व प्रिंसिपल को हिरासत में लेकर बाहर निकालकर गाड़ी में बैठाया तो पब्लिक ने पथराव कर दिया। इस पर मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। तब जाकर वहां से जाम खुला व भीड़ छंटी
। बाद में जब दोनों को गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया तो वहां तमाम अभिभावक व अचानक सपा विधायक जमीरउल्लाह भी पहुंच गए। बाद में शकील की तहरीर पर विभिन्न धाराओं में फरहत अली व मैनेजर पर मुकदमा दर्ज हुआ।
इसके बाद दोनों को जेल भेजने के लिए सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। जहां अधिवक्ताओं ने दोनों की ओर से जमानत आवेदन दाखिल किया और अदालत ने बिना अनुमति शहर न छोड़ने और भविष्य इस घटना के बदले में किसी अभिभावक या बच्चे को परेशान न करने की शर्त के साथ जमानत देकर दोनों को रिहा कर दिया। पुलिस ने मौके से दो और लोगों को भी पकड़ा। लेकिन दोनों की इस मामले में कोई स्पष्ट भूमिका सामने न आने पर पुलिस ने उन्हें निजी मुचलकों पर थाने से रिहा कर दिया।
जामिया उर्दू के ओएसडी भी है मैनेजर, सिफारिशें आईं
स्कूल मैनेजर फरहत अली जामिया उर्दू के ओएसडी भी हैं। उनकी गिरफ्तारी की खबर पर शहर के तमाम माननियों के अलावा लखनऊ तक से सिफारिशी फोन पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे। मगर बात कानून व्यवस्था और पब्लिक के गुस्से की थी। इसलिए पुलिस अफसर मदद नहीं कर सके। बाद में अदालत स्तर पर मैनेजर व प्रिंसिपल को जमानत मिली। तब उनकी रिहाई हो सकी।
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इसके विरोध में एकत्रित अभिभावकों ने मैरिस रोड पर जाम लगा दिया। पब्लिक के गुस्से को देख जब पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर जाने लगी तो पब्लिक ने पुलिस जीप पर पथराव कर दिया। तो मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बाद में गिरफ्तार संचालक व प्रिंसिपल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत पर रिहा कर दिया गया।
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वाकये के अनुसार क्वार्सी के मैरिस रोड इलाके में संचालित स्कूल में परीक्षाएं चल रही हैं। बुधवार सुबह केलानगर के रहने वाले अभिभावक शकील पुत्र शमशेर अपने बेटे की फीस जमा करने गए तो आरोप है कि वहां उनसे मैनेजर फरहत अली व प्रिंसिपल परवेज ने 300 रुपये अतिरिक्त मांगे। शकील ने जब वजह पूछी तो उन्हें बताया कि सालाना कार्यक्रम के रुपये आपने नहीं दिए थे।
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इस बात पर वहां विवाद हुआ और शकील ने विरोध किया। आरोप है कि इसी दौरान प्रिंसिपल ने पहले तमंचा ताना और फिर उसके सिर पर बट मार दी। साथ ही अपने कुछ अन्य साथी हॉकी डंडे सहित बुला लिए। इसके बाद जमकर पीटा गया। शोरशराबे पर जब अन्य अभिभावक वहां एकत्रित हुए तो मैनेजर फरहत अली ने पिस्टल से आठ-दस राउंड फायरिंग कर दी। इस पर वहां शकील बाल-बाल बच गया और मैरिस रोड पर दहशत व भगदड़ का माहौल बन गया।
इस घटना के बाद आक्रोशित अभिभावकों ने स्कूल के बाहर मैरिस रोड पर अपने वाहन खड़े कर जाम लगा दिया। भीड़ आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही थी। राज्यपाल के आवास के बगल में फायरिंग व जाम की खबर पर क्वार्सी, सासनी गेट, बन्नादेवी, देहली गेट आदि थानों का फोर्स पहुंच गया। लोगों को समझाया जाने लगा। मगर पब्लिक मानने को तैयार न थी।
तत्काल गिरफ्तारी की जिद पर अड़ी थी। इस दौरान पुलिस ने पब्लिक पर सख्ती भी दिखाई। मगर बात नहीं बनी। जब पुलिस ने स्कूल से मैनेजर व प्रिंसिपल को हिरासत में लेकर बाहर निकालकर गाड़ी में बैठाया तो पब्लिक ने पथराव कर दिया। इस पर मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। तब जाकर वहां से जाम खुला व भीड़ छंटी
। बाद में जब दोनों को गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया तो वहां तमाम अभिभावक व अचानक सपा विधायक जमीरउल्लाह भी पहुंच गए। बाद में शकील की तहरीर पर विभिन्न धाराओं में फरहत अली व मैनेजर पर मुकदमा दर्ज हुआ।
इसके बाद दोनों को जेल भेजने के लिए सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। जहां अधिवक्ताओं ने दोनों की ओर से जमानत आवेदन दाखिल किया और अदालत ने बिना अनुमति शहर न छोड़ने और भविष्य इस घटना के बदले में किसी अभिभावक या बच्चे को परेशान न करने की शर्त के साथ जमानत देकर दोनों को रिहा कर दिया। पुलिस ने मौके से दो और लोगों को भी पकड़ा। लेकिन दोनों की इस मामले में कोई स्पष्ट भूमिका सामने न आने पर पुलिस ने उन्हें निजी मुचलकों पर थाने से रिहा कर दिया।
जामिया उर्दू के ओएसडी भी है मैनेजर, सिफारिशें आईं
स्कूल मैनेजर फरहत अली जामिया उर्दू के ओएसडी भी हैं। उनकी गिरफ्तारी की खबर पर शहर के तमाम माननियों के अलावा लखनऊ तक से सिफारिशी फोन पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे। मगर बात कानून व्यवस्था और पब्लिक के गुस्से की थी। इसलिए पुलिस अफसर मदद नहीं कर सके। बाद में अदालत स्तर पर मैनेजर व प्रिंसिपल को जमानत मिली। तब उनकी रिहाई हो सकी।