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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   SIT did not reach jail, statement for medical only

जेल नहीं पहुंची एसआईटी, मेडिकल में ही लिए बयान

Tue, 06 Oct 2020 12:11 AM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: राजेश सिंह Updated Tue, 06 Oct 2020 12:11 AM IST
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हाथरस कांड की जांच में जुटी एसआईटी दूसरे दिन सोमवार को भी अलीगढ़ में ही रही। हालांकि, उसके सुबह से जेल पहुंचने का अनुमान था, मगर टीम दिन भर जेएन मेडिकल कॉलेज में ही डेरा डाले रही। जहां मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य व सीएमओ इमरजेंसी सहित अन्य तमाम स्टाफ के बयान दर्ज किए।
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हाथरस मामले में जांच कर रही एसआईटी रविवार को ही अलीगढ़ पहुंची है। क्योंकि यहां युवती 14 सितंबर से 28 सितंबर की सुबह तक रही है। एसआईटी ने डॉक्टरों व स्टाफ से इसी विषय पर सवाल-जवाब किए कि पीड़ित मेडिकल कॉलेज में किस स्थिति में आई थी? उस समय उसकी क्या हालत थी? उसके बाद क्या क्या उपचार दिया गया? ऐसे क्या हालात बने कि उसे दिल्ली भेजा गया।
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दुष्कर्म को लेकर किस तरह की जांच हुई और फॉरेंसिक परीक्षण किस तरह से किया गया समेत विभिन्न बिंदुओं पर एसआईटी सवाल करती रही। इस दौरान प्रधानाचार्य, सीएमओ इमरजेंसी सहित उसके इलाज में शामिल रहे तमाम डॉक्टर व स्टाफ के बयान दर्ज किए। इस दौरान एएमयू अधिकारियों से भी वार्ता हुई। इस दौरान एएमयू प्रशासनिक भवन में टीम घंटों रही।
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अब बरौली विधायक के जेल पहुंचने पर सवाल
हाथरस के भाजपा सांसद राजवीर दिलेर के बाद बरौली के भाजपा विधायक ठा.दलवीर सिंह सोमवार को जेल पहुुंचे। इस दौरान उनके साथ हाथरस के हसायन ब्लाक प्रमुख पति भी थे। हालांकि 45 मिनट रुककर वे बाहर आ गए। उन्होंने बताया कि वे एक बुजुर्ग बंदी की पैरोल के सिलसिले में गए थे।

ठा. दलवीर सिंह दोपहर में जेल पहुंचे। उनके साथ कुछ कार्यकर्ता व हसायन ब्लाक प्रमुख पति सुमंत किशोर सिंह भी थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया को बताया कि जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक बंदी की पैरोल के सिलसिले में गए थे। इसी तरह कारागार अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि गंगा सिंह नाम के बुजुर्ग बीमार बंदी की पैरोल के सिलसिले में विधायक उनके अधिवक्ता संग आए थे। उस बंदी से मुलाकात कर चले गए। अन्य किसी से मुलाकात नहीं हुई।
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