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छर्रा के पुजारी की हत्या के आरोपी सहित आठ की जमानत खारिज
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Thu, 11 Feb 2016 01:37 AM IST
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हत्या और अन्य संगीन अपराधों में सत्र न्यायालय स्तर से लगातार सख्त रुख अपनाया जा रहा है। सत्र न्यायाधीश यूसी श्रीवास्तव के स्तर से पिछले दो दिन में जिले के दो चर्चित मामलों सहित पांच प्रकरणों में आठ आरोपियों की जमानत खारिज की गई हैं। इनमें छर्रा के डोरई में पुजारी का हत्याकांड और हरदुआगंज का दुहरा हत्याकांड शामिल है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी डॉ. अबसार उल हसन किदवई के अनुसार गांव डोरई स्थित मंदिर के पुजारी बाबा रोशन उर्फ रामगिरी की 24 अप्रैल 2015 को हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में मंदिर की जमीनी रंजिश में गांव के ही अमित उर्फ टुल्ला को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सत्र न्यायालय से उसकी जमानत खारिज कर दी गई।
हरदुआगंज के गांव रहसूपुर निवासी राहुल ने अपनी मर्जी के खिलाफ शादी कर दिल्ली रहना शुरू कर दिया था। इस बात से चिढ़कर राहुल के पिता व चाचा अरुण ने उसे बहाने से बुलाया और जब वह अपने मौसेरे भाई टीटू संग आया तो 30 नवंबर 2015 को दोनों की हत्या कर दी। इस मामले में राहुल के चाचा अरुण की जमानत खारिज की गई है।
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इधर, देहली गेट के महफूज नगर में विवाहिता की दहेज के लिए हत्या के मामले में मुन्ने खां व मुन्नी बेगम की जमानत खारिज की गई है। इधर, गभाना के गांव हुर्सेना में विवाहिता निर्मला देवी की 8 दिसंबर 2015 को हुई हत्या के मामले में ससुर राजपाल की जमानत खारिज की गई है। दादों के गांव भाय में 27 नवंबर 2014 को विवाहिता किरन देवी की दहेज के लिए हत्या के आरोपी पति फौजदार, सास दुर्गेश, ससुर आरामजी की जमानत भी खारिज की गई है।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी डॉ. अबसार उल हसन किदवई के अनुसार गांव डोरई स्थित मंदिर के पुजारी बाबा रोशन उर्फ रामगिरी की 24 अप्रैल 2015 को हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में मंदिर की जमीनी रंजिश में गांव के ही अमित उर्फ टुल्ला को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सत्र न्यायालय से उसकी जमानत खारिज कर दी गई।
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हरदुआगंज के गांव रहसूपुर निवासी राहुल ने अपनी मर्जी के खिलाफ शादी कर दिल्ली रहना शुरू कर दिया था। इस बात से चिढ़कर राहुल के पिता व चाचा अरुण ने उसे बहाने से बुलाया और जब वह अपने मौसेरे भाई टीटू संग आया तो 30 नवंबर 2015 को दोनों की हत्या कर दी। इस मामले में राहुल के चाचा अरुण की जमानत खारिज की गई है।
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इधर, देहली गेट के महफूज नगर में विवाहिता की दहेज के लिए हत्या के मामले में मुन्ने खां व मुन्नी बेगम की जमानत खारिज की गई है। इधर, गभाना के गांव हुर्सेना में विवाहिता निर्मला देवी की 8 दिसंबर 2015 को हुई हत्या के मामले में ससुर राजपाल की जमानत खारिज की गई है। दादों के गांव भाय में 27 नवंबर 2014 को विवाहिता किरन देवी की दहेज के लिए हत्या के आरोपी पति फौजदार, सास दुर्गेश, ससुर आरामजी की जमानत भी खारिज की गई है।