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अप्राकृतिक संबंधों में मारा गया रिटायर्ड बैंक मैनेजर

Fri, 30 Jun 2017 02:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Fri, 30 Jun 2017 02:41 AM IST
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Retired Bank Manager killed in unnatural relations
रिटायर्ड मैनेजर की हत्या के आरोप में पकड़े गये आरोपी को लेकर पत्रकारो से वार्ता करते एसपी सिटी। - फोटो : Amar Ujala
एसबीआई मुख्य शाखा के रिटायर मैनेजर कुंज बिहारी सक्सेना (70) के कत्ल के पीछे एएमयू के गे स्कैंडल में फंसे प्रोफेसर सिरास पर आधारित फिल्म अलीगढ़ से मिलती जुलती कहानी सामने आई। अप्राकृतिक संबंधों में हुए इस कत्ल का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी मनीष ठाकुर उर्फ मोंटी को गिरफ्तार कर लिया है। उसने पुलिस के सामने पूरा राज खोल दिया।
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खास बात यह है कि मैनेजर ने कुछ ऐसे रिश्तेदारों संग भी संबंध बनाने की कोशिश की, जिनकी वजह से परिवार में झगड़े शुरू हो गए थे और छोटी बहू को ससुर की इन हरकतों पर ऐतराज था। इसलिए छोटी बहू से ससुर का झगड़ा था। पुलिस ने मोंटी की गिरफ्तारी के साथ-साथ उससे जुड़े सभी वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटा लिए हैं। कुल मिलाकर कहानी अलीगढ़ पार्ट-2 से कम नहीं।
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क्वार्सी थाने में देर शाम प्रेसवार्ता में एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव व सीओ तृतीय राजीव सिंह ने मंगलवार दिनदहाड़े हुए इस कत्ल का खुलासा करते हुए बताया कि हत्याकांड को 25 वर्षीय मनीष ठाकुर उर्फ मोंटी निवासी किरायेदार राजाराम का मकान चंपा विहार क्वार्सी ने अंजाम दिया है, जो मूल रूप से सासनी-अकराबाद क्षेत्र के गांव का है। अधिकारियों ने बताया कि वह यहां अपनी मां व छोटे भाई संग रहता है। मां घरों में काम करती है, जबकि खुद बिना काम धंधे के घूमता है। परिजनों से पूछताछ व मुखबिरी की मदद से हुई गिरफ्तारी के बाद मनीष ने स्वीकारा है कि पड़ोस के मोहल्ले में रहने के कारण करीब एक साल से उसके कुंज बिहारी से दोस्ताना संबंध थे।
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वह दिन में इसी दोस्ती की आड़ में कुंज बिहारी के घर जाता था। यह बात सभी परिजन जानते थे, जबकि कुंज विहारी रात को वह गलत काम करने के लिए उसे बुलाया करते थे। इसकी ऐवज में वह उसे 100-रुपये से लेकर 500 रुपये तक जरूरत के अनुसार देते थे।

पुलिस अफसरों के अनुसार मनीष की मानें तो पिछले कई माह से वह उसे रुपये नहीं दे रहे थे। इस बात से नाराज होकर वह डेढ़ माह के लिए गांव भी चला गया था। बाद में जब लौटा तो कुंज बिहारी ने फिर संपर्क किया और रुपयों का लालच देकर फिर वही काम शुरू कर दिया। घटना वाले दिन भी उसने गलत काम करने के बाद रुपये मांगे और न देने पर दोनों में विवाद हुआ। इसी बीच जब कुंज बिहारी रसोई में पानी पीने गए तो उसने गुस्से में आकर पहले वहां रखे तवे से उनके सिर में चोट मारी, फिर चाकू से पेट गोद दिया। इसके बाद अपने कपड़े पहनकर भाग गया। इस खुलासे में इंस्पेक्टर क्वार्सी श्रीप्रकाश यादव, सब इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह के अलावा सर्विलांस प्रभारी छोटेलाल के अलावा मोहम्मद रजा, अखिल, मोहन, जयेंद्र, जितेंद्र आदि थे।
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