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मुनीश गौड़ पर हमले में भाजपा नेता राजेश भारद्वाज गिरफ्तार
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Aug 2016 01:26 AM IST
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मुनीश गौड़ पर हमले में भाजपा नेता राजेश भारद्वाज गिरफ्तार
- फोटो : रुपेश
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बरौली के पूर्व विधायक व वरिष्ठ भाजपा नेता मुनीश गौड़ की हत्या की सुपारी रीयल स्टेट कारोबारी व पार्टी के ही दूसरे दिग्गज नेता राजेश भारद्वाज ने एक प्लॉट के विवाद में दी थी। इसका खुलासा सुबह आगरा जेल से रिमांड पर आए दिनेश ठाकुर ने किया। यह तथ्य सामने आने के बाद रविवार दुपहर पुलिस ने उन्हें गाजियाबाद स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हमले में शामिल रहे दिनेश के भाई व एक अन्य अपराधी को भी गिरफ्तार किया है।
शाम को प्रेस कांफ्रेंस के बाद तीनों को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया। वहीं रिमांड पर आए दिनेश को आगरा जेल वापस भेज दिया गया। राजेश वर्ष 2012 में भाजपा के टिकट पर अतरौली विधान सभा क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री व राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह की पुत्रवधु के मुकाबले चुनाव भी लड़ चुके हैं।
एसएसपी लव कुमार ने रविवार शाम प्रेसवार्ता में बताया कि रामघाट रोड की अवंतिका कॉलोनी निवासी मुनीश गौड़ पर उनके आवास से चंद कदम पहले 2 जुलाई की दुपहर हमला हुआ था। हमले में उनके दो गोलियां लगी थीं। हालांकि मकसद तो हत्या करना था। मगर राहगीरों के आने पर हमलावर असफल हो गए। इस घटना में गिरफ्तार शूटरों ने खुलासा किया था कि पूर्व विधायक की हत्या करने की सुपारी उन्हें एटा के जैथरा निवासी हिस्ट्रीशीटर दिनेश ठाकुर हाल निवासी पनैठी ने 2.30 लाख रुपये में दी थी। हमले के समय दिनेश उनके साथ था और दो अन्य लोग बैकअप में मौजूद थे।
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पुलिस को दिनेश के बारे में पता चला कि वह खिरीरी मस्तीपुर निवासी भाजपा नेता राजेश भारद्वाज का ड्राइवर/सुरक्षाकर्मी है। वह उनकी ओरा पर्ल स्थित साइट पर काम भी देखता है। इसी बीच दिनेश अचानक आगरा के एत्मादपुर के चोरी व माल बरामदगी के पुराने मुकदमे में आगरा सत्र न्यायालय में हाजिर होकर जेल चला गया।
इस मामले में उसे रविवार सुबह 10 बजे से रात दस बजे तक की रिमांड पर लिया गया। रिमांड पर आने से पहले जेल में हुए बयानों में ही उसने राजेश भारद्वाज का नाम उजागर कर दिया था। जब रिमांड पर आया, तभी उसने वही नाम लिया। पुलिस की एक टीम राजेश भारद्वाज की गिरफ्तारी के लिए उनके 14ए/607 वसुंधरा गाजियाबाद स्थित आवास पर पहुंच गई और उन्हें वहां से गिरफ्तार कर लिया गया। इधर, दिनेश के बताए अनुसार हमले के वक्त उसकी बैकअप टीम में शामिल रहे खुद के भाई विनोद व यासीन निवासी कुठला कोतवाली एटा को भी दुपहर में ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी के अनुसार गिरफ्तारी के बाद राजेश व दिनेश के अलावा विनोद व यासीन का क्वार्सी में आमना-सामना कराया तो साजिश से पर्दा उठ गया। दिनेश के अनुसार उसे राजेश भारद्वाज ने मुनीश गौड़ की हत्या के लिए 9 लाख रुपये ऑफर किए थे और दो लाख रुपया एडवांस मिला था। यह हत्या ओरा पर्ल से जुड़े एक प्लाट के विवाद में की जानी थी। एसएसपी के अनुसार राजेश भारद्वाज, विनोद व यासीन को अलीगढ़ जेल भेजा है, जबकि दिनेश को वापस आगरा जेल भेजा है। बता दें कि इस मामले में पहले दो शूटर राकेश गौड़ निवासी सूर्य विहार क्वार्सी बाईपास, पिंकू उर्फ मुकेश निवासी अशुदपुर घेड़ डिबाई बुलंदशहर गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव व सीओ तृतीय राजीव सिंह भी मौजूद रहे।
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शाम को प्रेस कांफ्रेंस के बाद तीनों को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया। वहीं रिमांड पर आए दिनेश को आगरा जेल वापस भेज दिया गया। राजेश वर्ष 2012 में भाजपा के टिकट पर अतरौली विधान सभा क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री व राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह की पुत्रवधु के मुकाबले चुनाव भी लड़ चुके हैं।
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एसएसपी लव कुमार ने रविवार शाम प्रेसवार्ता में बताया कि रामघाट रोड की अवंतिका कॉलोनी निवासी मुनीश गौड़ पर उनके आवास से चंद कदम पहले 2 जुलाई की दुपहर हमला हुआ था। हमले में उनके दो गोलियां लगी थीं। हालांकि मकसद तो हत्या करना था। मगर राहगीरों के आने पर हमलावर असफल हो गए। इस घटना में गिरफ्तार शूटरों ने खुलासा किया था कि पूर्व विधायक की हत्या करने की सुपारी उन्हें एटा के जैथरा निवासी हिस्ट्रीशीटर दिनेश ठाकुर हाल निवासी पनैठी ने 2.30 लाख रुपये में दी थी। हमले के समय दिनेश उनके साथ था और दो अन्य लोग बैकअप में मौजूद थे।
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पुलिस को दिनेश के बारे में पता चला कि वह खिरीरी मस्तीपुर निवासी भाजपा नेता राजेश भारद्वाज का ड्राइवर/सुरक्षाकर्मी है। वह उनकी ओरा पर्ल स्थित साइट पर काम भी देखता है। इसी बीच दिनेश अचानक आगरा के एत्मादपुर के चोरी व माल बरामदगी के पुराने मुकदमे में आगरा सत्र न्यायालय में हाजिर होकर जेल चला गया।
इस मामले में उसे रविवार सुबह 10 बजे से रात दस बजे तक की रिमांड पर लिया गया। रिमांड पर आने से पहले जेल में हुए बयानों में ही उसने राजेश भारद्वाज का नाम उजागर कर दिया था। जब रिमांड पर आया, तभी उसने वही नाम लिया। पुलिस की एक टीम राजेश भारद्वाज की गिरफ्तारी के लिए उनके 14ए/607 वसुंधरा गाजियाबाद स्थित आवास पर पहुंच गई और उन्हें वहां से गिरफ्तार कर लिया गया। इधर, दिनेश के बताए अनुसार हमले के वक्त उसकी बैकअप टीम में शामिल रहे खुद के भाई विनोद व यासीन निवासी कुठला कोतवाली एटा को भी दुपहर में ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी के अनुसार गिरफ्तारी के बाद राजेश व दिनेश के अलावा विनोद व यासीन का क्वार्सी में आमना-सामना कराया तो साजिश से पर्दा उठ गया। दिनेश के अनुसार उसे राजेश भारद्वाज ने मुनीश गौड़ की हत्या के लिए 9 लाख रुपये ऑफर किए थे और दो लाख रुपया एडवांस मिला था। यह हत्या ओरा पर्ल से जुड़े एक प्लाट के विवाद में की जानी थी। एसएसपी के अनुसार राजेश भारद्वाज, विनोद व यासीन को अलीगढ़ जेल भेजा है, जबकि दिनेश को वापस आगरा जेल भेजा है। बता दें कि इस मामले में पहले दो शूटर राकेश गौड़ निवासी सूर्य विहार क्वार्सी बाईपास, पिंकू उर्फ मुकेश निवासी अशुदपुर घेड़ डिबाई बुलंदशहर गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव व सीओ तृतीय राजीव सिंह भी मौजूद रहे।