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मुनीर के लिए रडार पर शहर का नामचीन लुटेरा गैंग
अलीगढ़/ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2016 01:35 AM IST
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पुलिस ग्राफ
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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एनआईए अफसर तंजील अहमद हत्याकांड में फरार दो लाख के इनामी शूटर मुनीर महताब की तलाश में जुटी टीमों के रडार पर अचानक शहर के नामचीन लुटेरा गैंग के दो सरगना हो गए हैं। संदेह बड़ी लूटों की मॉडस अपरेंडी से हुआ है। फिलहाल टीमें कनेक्शन जोड़ने में लगी हैं और लुटेरा गैंग के सरगनाओं की पिछले कुछ समय की लोकेशन और वर्तमान लोकेशन के साथ-साथ मुनीर कनेक्शन पर काम किया जा रहा है।
एजेंसियों से जुड़े सूत्रों की मानें तो बिजनौर में 91 लाख रुपये की लूट में मुनीर का नाम आया है। इसके अलावा पिछले साल जिस ठिकाने से आशुतोष दबोचा गया था। उसके इर्द-गिर्द के इलाके में एक एटीएम लूटा गया था। इन घटनाओं में मॉडस अपरेंडी और हुलिया लगभग एक जैसा ही है।
इसी तरह का हुलिया और मॉडस अपरेंडी महानगर में सिविल लाइंस व बन्नादेवी इलाकों में हुईं 32 व 35 लाख की लूटों में सामने आया। हालांकि इन सभी लूटों का आज तक खुलासा नहीं हो पाया। मगर इतना जरूर है कि मुनीर को लुटेरा गैंग तक पहुंचाने वाले दिल्ली तिहाड़ जेल में निरुद्ध दो सगे भाइयों के कनेक्शन जुड़ रहे हैं।
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इस जानकारी के आधार पर एजेंसियों ने शहर के इन दोनों लुटेरा सरगनाओं पर काम शुरू कर दिया है। यह इस कदर रडार पर हैं कि इनका पिछले कई माह का और मौजूदा नेटवर्क, गतिविधि, लोकेशन हर स्तर पर खंगाला जा रहा है। इसके पीछे बड़ी वजह यह भी है कि पुलिस ने लंबे समय तक इन दोनों का पीछा किया है। मगर अभी तक पकड़े नहीं गए। यानि कि उनके पास शरण पाने का बेहतर ठिकाना है।
इसलिए पुलिस को अंदेशा है कि कहीं मुनीर भी उन्हीं की शरण में तो नहीं और ताबड़तोड़ लूट करके खुद को मजबूत करने में तो नहीं जुटा। फिलहाल सब कुछ संदेह पर है। हकीकत जांच के बाद ही सामने आएगी।
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एजेंसियों से जुड़े सूत्रों की मानें तो बिजनौर में 91 लाख रुपये की लूट में मुनीर का नाम आया है। इसके अलावा पिछले साल जिस ठिकाने से आशुतोष दबोचा गया था। उसके इर्द-गिर्द के इलाके में एक एटीएम लूटा गया था। इन घटनाओं में मॉडस अपरेंडी और हुलिया लगभग एक जैसा ही है।
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इसी तरह का हुलिया और मॉडस अपरेंडी महानगर में सिविल लाइंस व बन्नादेवी इलाकों में हुईं 32 व 35 लाख की लूटों में सामने आया। हालांकि इन सभी लूटों का आज तक खुलासा नहीं हो पाया। मगर इतना जरूर है कि मुनीर को लुटेरा गैंग तक पहुंचाने वाले दिल्ली तिहाड़ जेल में निरुद्ध दो सगे भाइयों के कनेक्शन जुड़ रहे हैं।
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इस जानकारी के आधार पर एजेंसियों ने शहर के इन दोनों लुटेरा सरगनाओं पर काम शुरू कर दिया है। यह इस कदर रडार पर हैं कि इनका पिछले कई माह का और मौजूदा नेटवर्क, गतिविधि, लोकेशन हर स्तर पर खंगाला जा रहा है। इसके पीछे बड़ी वजह यह भी है कि पुलिस ने लंबे समय तक इन दोनों का पीछा किया है। मगर अभी तक पकड़े नहीं गए। यानि कि उनके पास शरण पाने का बेहतर ठिकाना है।
इसलिए पुलिस को अंदेशा है कि कहीं मुनीर भी उन्हीं की शरण में तो नहीं और ताबड़तोड़ लूट करके खुद को मजबूत करने में तो नहीं जुटा। फिलहाल सब कुछ संदेह पर है। हकीकत जांच के बाद ही सामने आएगी।