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आलमगीर हत्याकांड से फरार मुनीर का नाम तंजील हत्याकांड में आया
ब्यूराे/अमर उजाला,अलीगढ़
Updated Thu, 07 Apr 2016 02:07 AM IST
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तंजील अहमद बिजनौर के ही रहने वाले थे
- फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
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एएमयू के डीएसडब्ल्यू छात्र आलमगीर की 9 सितंबर 2015 को एएमयू कैंपस में हत्या के बाद से पुलिस की किरकिरी बने बिजनौर के सहसपुर निवासी पूर्व एएमयू छात्र मुनीर की सरगर्मी से तलाश चल रही है। खबर है कि इंटेलीजेंस के डिप्टी एसपी तंजील अहमद हत्याकांड को मुनीर ने ही अंजाम दिया है।
उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ, बिजनौर पुलिस की टीम अलीगढ़ पुलिस के संपर्क में है। एक टीम देर रात यहां पहुंच भी गई। उसके अलीगढ़ कनेक्शन पर तेजी से काम शुरू हो गया है। इधर, तंजील हत्याकांड में उसका नाम आने के बाद से बुधवार को अलीगढ़ पुलिस ने मुनीर का पूरा आपराधिक बायोडाटा नए सिरे से तैयार किया।
अपने लॉ छात्र दोस्त आशुतोष मिश्रा के साथ दोस्ती में आपराधिक गतिविधियों में शामिल होकर आपराधिक जीवन की शुरुआत करने वाले मुनीर पर अलीगढ़ में सात प्राणघातक हमलों के अलावा कारोबारी फहद व आलमगीर की हत्या के मुकदमे हैं।
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वह फहद की हत्या के बाद से ही फरार था और आलमगीर की हत्या उसने फरारी में की। इस हत्या के बाद पुलिस ने उसे लगातार खोजा। मगर सफल नहीं हुई। अब दो दिन से खुद के गांव के डिप्टी एसपी तंजील की हत्या में जब मुनीर चर्चाओं में आया तो सिविल लाइंस पुलिस उसे लेकर फिर सक्रिय हुई। उसकी पूरी आपराधिक गतिविधियों की जानकारी उसके पीछे लगे सिपाहियों के स्तर से जुटाकर दी गई है। संकेत हैं कि आलमगीर हत्याकांड में फरारी के बाद उस पर इनाम बढ़ाने की पूर्व में हुई संस्तुति और तंजील हत्याकांड में नाम आने के बाद आज शासन स्तर से उस पर बड़ा इनाम भी घोषित हो सकता है।
अब मुनीर से घबराने लगे पुलिसकर्मी
पुलिस सूत्रों की मानें तो आलमगीर की हत्या के बाद जिस आपराधिक कलेवर में मुनीर रह रहा है। उसके पीछे लगे पुलिसकर्मी भी घबराने लगे। किसी आत्मघाती दस्ते के आतंकी अंदाज में पिट्ठू बैग में भारी मात्रा में कारतूस और कई हथियार लेकर हर समय घूमने वाला मुनीर अब मामूली अपराधी नहीं है। उस पर आसानी से हाथ डालना भी संभव नहीं है। सूत्र बताते हैं कि अब वह सीधे गोली चलाता है। मेरठ और एनसीआर के कई बड़े आपराधिक गिरोहों के संपर्क में वह है।
जमानत के भय से फरार है मुनीर
उसके आपराधिक मुकदमों पर गौर करें तो उसके साथी आशुतोष की हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के कारण उसको खुद यह लगा कि जेल जाने के बाद जमानत आसान नहीं। इसलिए वह हाजिर नहीं हुआ। इसके अलावा फहद व आलमगीर हत्याकांड में जिस अंदाज में पैरवी चल रही है। उन मुकदमों में उसे हाईकोर्ट से लंबे समय में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इन वजहों से भी मुनीर पुलिस से भागता रहा है।
-मुनीर की गिरफ्तारी की हर संभव कोशिश जारी है। हां, इतना जरूर है कि उसकी आपराधिक गतिविधियों की सूचनाएं जरूर बिजनौर पुलिस व उच्च स्तर पर दे दी गई हैं। तंजील अहमद हत्याकांड में उसका नाम आने के बाद उसकी तलाश तेजी से जारी है।
-जे रविंदर गौड़ एसएसपी
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उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ, बिजनौर पुलिस की टीम अलीगढ़ पुलिस के संपर्क में है। एक टीम देर रात यहां पहुंच भी गई। उसके अलीगढ़ कनेक्शन पर तेजी से काम शुरू हो गया है। इधर, तंजील हत्याकांड में उसका नाम आने के बाद से बुधवार को अलीगढ़ पुलिस ने मुनीर का पूरा आपराधिक बायोडाटा नए सिरे से तैयार किया।
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अपने लॉ छात्र दोस्त आशुतोष मिश्रा के साथ दोस्ती में आपराधिक गतिविधियों में शामिल होकर आपराधिक जीवन की शुरुआत करने वाले मुनीर पर अलीगढ़ में सात प्राणघातक हमलों के अलावा कारोबारी फहद व आलमगीर की हत्या के मुकदमे हैं।
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वह फहद की हत्या के बाद से ही फरार था और आलमगीर की हत्या उसने फरारी में की। इस हत्या के बाद पुलिस ने उसे लगातार खोजा। मगर सफल नहीं हुई। अब दो दिन से खुद के गांव के डिप्टी एसपी तंजील की हत्या में जब मुनीर चर्चाओं में आया तो सिविल लाइंस पुलिस उसे लेकर फिर सक्रिय हुई। उसकी पूरी आपराधिक गतिविधियों की जानकारी उसके पीछे लगे सिपाहियों के स्तर से जुटाकर दी गई है। संकेत हैं कि आलमगीर हत्याकांड में फरारी के बाद उस पर इनाम बढ़ाने की पूर्व में हुई संस्तुति और तंजील हत्याकांड में नाम आने के बाद आज शासन स्तर से उस पर बड़ा इनाम भी घोषित हो सकता है।
अब मुनीर से घबराने लगे पुलिसकर्मी
पुलिस सूत्रों की मानें तो आलमगीर की हत्या के बाद जिस आपराधिक कलेवर में मुनीर रह रहा है। उसके पीछे लगे पुलिसकर्मी भी घबराने लगे। किसी आत्मघाती दस्ते के आतंकी अंदाज में पिट्ठू बैग में भारी मात्रा में कारतूस और कई हथियार लेकर हर समय घूमने वाला मुनीर अब मामूली अपराधी नहीं है। उस पर आसानी से हाथ डालना भी संभव नहीं है। सूत्र बताते हैं कि अब वह सीधे गोली चलाता है। मेरठ और एनसीआर के कई बड़े आपराधिक गिरोहों के संपर्क में वह है।
जमानत के भय से फरार है मुनीर
उसके आपराधिक मुकदमों पर गौर करें तो उसके साथी आशुतोष की हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के कारण उसको खुद यह लगा कि जेल जाने के बाद जमानत आसान नहीं। इसलिए वह हाजिर नहीं हुआ। इसके अलावा फहद व आलमगीर हत्याकांड में जिस अंदाज में पैरवी चल रही है। उन मुकदमों में उसे हाईकोर्ट से लंबे समय में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इन वजहों से भी मुनीर पुलिस से भागता रहा है।
-मुनीर की गिरफ्तारी की हर संभव कोशिश जारी है। हां, इतना जरूर है कि उसकी आपराधिक गतिविधियों की सूचनाएं जरूर बिजनौर पुलिस व उच्च स्तर पर दे दी गई हैं। तंजील अहमद हत्याकांड में उसका नाम आने के बाद उसकी तलाश तेजी से जारी है।
-जे रविंदर गौड़ एसएसपी