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मन्नान वानी को आतंक का पाठ पढ़ाने वाला निशाने पर

Fri, 12 Jan 2018 01:29 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Fri, 12 Jan 2018 01:29 AM IST
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Mannan Wani aims to teach terror lessons
एएमयू का हबीब हॉल हॉस्टल। मन्नान प्रकरण के बाद आजकल यहां खासी चौकसी है। - फोटो : Amar Ujala
घाटी में आतंक का चेहरा बनाने के मकशद से पढ़े लिखे मन्नान वानी को हिजबुल मुजाहिदीन ज्वाइन कराने में किसकी भूमिका रही। कहीं न कहीं इसका मॉटीवेटर कैंपस में ही मिलेगा। मोबाइल सर्विलांस के जरिये ऑपरेशन मन्नान में जुटी एजेंसियों व पुलिस के रडार पर मन्नान को आतंक का पाठ पढ़ाने वाला रडार पर आ गया है। अब तक हुई जांच पड़ताल और छह माह की कॉल डिटेल के आधार पर आधा दर्जन से ज्यादा करीबी घेरे में आ गए हैं।
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इनके माध्यम से मॉटीवेटर तक पहुंचने के लिए जल्द ही इन्हें पूछताछ के दायरे में लिया जा सकता है। जिनके नंबर बंद हैं, उन्हें ज्यादा संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है और उन्हें उनके नाम पते व लोकेशन के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इसके लिए एजेंसियों व पुलिस की कवायद तेज हो गई है और एक-दो दिन में काफी कुछ सफलता हाथ लगने की उम्मीद है।
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पुलिस व एजेंसियों की अब तक की जांच पर गौर करें तो उसके कमरे से मिले सामान और मोबाइल नंबरों के आधार पर अब तक पुलिस ने आधा दर्जन करीबी रडार पर ले लिए हैं। इनके माध्यम से पुलिस मन्नान के मॉटीवेटर तक पहुंचने को प्रयासरत है। एजेंसियों का मानना है एएमयू जैसे देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान से घाटी में बुरहान वानी के बाद उच्च शिक्षित युवा को आतंक का चेहरा बनाकर पेश करना आतंकी संगठनों का मकसद रहा है। इसी मकसद के तहत एएमयू से ही इसे मॉटीवेट कर घाटी में भेजा गया है।
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इस दौरान उसके करीबी रहे और उससे मोबाइल में संपर्क में रहे करीबियों को रडार पर लिया जा रहा है। अब तक आधा दर्जन से संदिग्ध रडार पर आ गए हैं। इसमें कुछ छात्र, कुछ प्रोफेसर तक शामिल हैं। सभी को बारीकी से परखा व समझा जा रहा है। जो नंबर बंद हैं, उन पर भी विशेष फोकस रखा जा रहा है।

एएमयू को जानबूझकर निशाना बनाए जाने का अंदेशा समझ में आ रहा है। यहां के युवा को आतंक का चेहरा बनाकर पेश किया जाना इनका मकसद रहा है। इसलिए एएमयू के निष्कासित छात्र मन्नान वानी के करीबियों व उसके मॉटीवेटरों की खोज में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सर्विलांस की मदद से काफी कुछ हाथ लगा है। जल्द तस्वीर साफ की जाएगी।
-राजेश पांडेय, एसएसपी

अब तक कौन-कौन कैंपस बीच में छोड़कर गया
एजेंसियों द्वारा एएमयू से यह सूचना मांगी जा रही है कि पिछले एक दशक में कौन-कौन कश्मीरी छात्र या शिक्षक ऐसे हैं जो अकारण बीच में ही कैंपस छोड़कर चले गए। उनके छोड़कर जाने की वजह क्या रही। क्या वह वापस कभी संपर्क में आए हैं या नहीं। इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए एक सूची मांगी जा रही है। इसके अलावा पढ़ाई पूरी करके गए छात्रों का ब्योरा, वर्तमान छात्रों का पूरा ब्योरा भी तलब किया जा रहा है। उन छात्रों व शिक्षकों का भी ब्योरा मांगा जा रहा है, जिनके नंबर बंद हैं और ये एएमयू से ताल्लुक रखते हैं।

एएमयू सर्किल से दिल्ली की बस पकड़ी मन्नान ने
एटीएस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो अब तक की जांच में यह साफ हो गया है कि 2 जनवरी की रात तक मन्नान अलीगढ़ में ही था। वह तीन जनवरी को यहां से एएमयू सर्किल से दिल्ली जाने वाली बस में सवार होकर रवाना हुआ है। अब यह जानने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं कि आखिर व किसके साथ था। कौन उसे सीऑफ करने आया। जाते समय किससे क्या कहकर गया। फिलहाल इन सवालों का जवाब तलाशने के लिए एटीएस की टीमें लगी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो वह दो जनवरी को जाने की प्लानिंग के तहत ही अचानक से गायब हुआ है। इसके बाद तीन जनवरी को दिल्ली रवाना हुआ है। तीन जनवरी को भी दोपहर में कोहरा छंटने के बाद उसके दिल्ली रवाना होने की जानकारी मिल रही है।


करीबियों के सोशल नेटवर्क एकाउंटों की जांच शुरू
मोबाइल सर्विलांस के साथ-साथ सर्विलांस व साइबर सैल ने मन्नान के व उसके करीबियों के सोशल नेटवर्किंग साइटों पर मौजूद एकाउंटों की जांच भी शुरू कर दी है। इसमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब आदि अन्य सभी साइटों पर काम शुरू हो गया है। इसी में आधा दर्जन से ज्यादा करीबियों पर पुलिस का फोकस बढ़ रहा है।
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