फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   karj mein doobe kisaan ne phaansee lagaakar dee jaan

 कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर दी जान

Sun, 19 Aug 2018 01:42 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Sun, 19 Aug 2018 01:42 AM IST
विज्ञापन
karj mein doobe kisaan ne phaansee lagaakar dee jaan
 कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर दी जान - फोटो : Amar Ujala
कोतवाली क्षेत्र के गांव खानपुर में कर्ज में डूबे किसान ने अपने खेत में खड़े पापुलर के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। उस पर बैंक का 70 हजार रुपये जबकि साहूकारों का तीन लाख रुपये का कर्ज था। इधर पट्टे पर लिए गए खेतों में धान की फसल भी सिंचाई के अभाव में खराब हो रही थी। परिजनों के अनुसार इसी चिंता में उसने आत्महत्या कर ली। उसके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां व दो बेटे हैं। 
विज्ञापन


खानपुर निवासी किसान मुन्नालाल (40) पुत्र देवी सहाय के पास स्वयं के चार बीघे खेत थे, जबकि करीब छह बीघे खेत पट्टे पर ले रखे थे। उसने धान और मक्का की फसल बो रखी थी। पत्नी ममता के अनुसार पिछले कई सालों से पट्टे पर खेती करते आ रहे थे। फसल में पैदावार कम होने से कर्ज बढ़ता जा रहा था। शनिवार को मुन्नालाल धान की फसल में दवा डालने गए थे।
विज्ञापन


सिंचाई के अभाव में फसल को सूखते देख वह बेहद परेशान था। कर्ज अदा करने की उम्मीद भी नजर नहीं आ रही थी, जिससे वह चिंतित था। इसी में खेत पर खड़े पापुलर के पेड़ में चुनरी से फंदा लगाकर उसने आत्महत्या कर ली। आसपास खेतों में पानी लगाने गए किसानों की नजर पड़ी तो शोर मच गया। लोगों की भीड़ लग गई। रोते बिलखते हुए परिजन मौके पर पहुंचे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


तहसीलदार राजेश कुमार के आदेश पर नायब तहसीलदार अजीत कुमार, हल्का लेखपाल चमन अहमद व रवि कुमार भी पहुंचे और जानकारी ली। कोतवाली से एसआई रजत शर्मा व विनीत सिंह भी पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मुन्नालाल के तीन बेटियां सुनीता, संगीता, खुशबू व दो बेटे सीपू और धर्मेश हैं। वह बेटी सुनीता की शादी की भी तैयारी कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही दुनिया को अलविदा कह दिया।


किसान के आत्महत्या करने की जानकारी मिली है। राजस्व कर्मियों से रिपोर्ट मांगी गई है। पीड़ित परिवार को शासन से नियमानुसार सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। 
- ललित कुमार, एसडीएम।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed