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अतरौली पहुंचे जेएनयू-एएमयू छात्रों की बजरंगियों से गरमा-गरमी
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Fri, 28 Sep 2018 01:40 AM IST
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अतरौली पहुंचे जेएनयू-एएमयू छात्रों की बजरंगियों से गरमा-गरमी
- फोटो : Rupesh
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एएमयू और जेएनयू के छात्र नेता गुरुवार को मुस्तकीम और नौशाद के परिजनों से मिलने पहुंचे। हालांकि इस दौरान वहां मौजूद मकान स्वामी ने मुलाकात पर ऐतराज जताया। इसके बाद वह थाने पहुंच गए। जहां उनकी बजरंग दल कार्यकर्ताओं से गरमागरमी हो गई। इसे लेकर पुलिस ने दखल देकर उन्हें समझाकर बुझाकर शांत किया। इस दौरान एक तरफ छात्र नेता इस मुठभेड़ पर सवाल खड़े कर रहे थे, जबकि बजरंग दल कार्यकर्ता पुलिस कार्यवाही को सही बताते हुए छात्र नेताओं के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। बाद में उन्होंने छात्र नेताओं के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा व कार्रवाई की मांग की है।
दिल्ली से यूनाइटेड अगेस्ट की टीम से उमर खालिद, नदीम खां, अब्दुल माजिद आदि एएमयू के अध्यक्ष मशकूर उस्मानी, पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन व जेएनयू के अन्य छात्र नेताओं के साथ गुरुवार को अतरौली के मोहल्ला वैसपाड़ा में पहुंचे और मुस्तकीम व नौशाद के परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने मुस्तकीम की दादी रफीकन, मां शबाना, पत्नी निहा व नौशाद की मां शाहीन से मुलाकात कर कहा कि वह चिंता न करें उनका मुकदमा यूनाइटेड अगेस्ट की टीम लड़ेगी। परिवार के साथ अन्याय हुआ है पुलिस ने घर से उठाकर दोनों को मारा है। इसके बाद वह लोग थाने पहुंच गए।
जहां किसी काम से बजरंगदल के रामकुमार आर्य, ठा. केदार सिंह, राजेंद्र लोधी, डॉ. पुष्पेंद्र लोधी आदि भी आए हुए थे। इस दौरान छात्र नेताओं की बातचीत सुन बजरंगियों ने यह कहते हुए उनका विरोध किया कि पुलिस की कार्रवाई जायज है। पुलिस अपराधियों का सफाया कर भयमुक्त समाज बनाने का प्रयास कर रही है। इसी बात पर दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई और बजरंगियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में पुलिस ने छात्र नेताओं को वहां से समझाकर वापस भेज दिया।
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इधर, रामकुमार आर्य ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि यह लोग अपराधियों का हिमायती बनकर आए हैं। इन पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए। जिन अपराधियों के तार दूसरे देश से जुड़ रहे हैं। बदमाशों का पता तक तस्दीक नहीं हुआ है। ऐसे में इनके हिमायतियों पर कार्रवाई जरूरी है। इंस्पेक्टर प्रवेश राणा के अनुसार तहरीर की जांच के आधार पर कार्रवाई होगी। वहीं बदमाशों के पते की तस्दीक का काम जारी है।
क्या छात्र नेताओं संग गईं नौशाद-मुस्तकीम की मां, पुलिस से शिकायत
जब छात्र नेता नौशाद मुस्तकीम के घर से चले गए। इसके कुछ देर बाद से नौशाद की मां शाहीन व मुस्तकीम की मां शबाना गायब हो गईं। इसे लेकर काफी देर तक उनकी खोजबीन हुई। जब कहीं पता नहीं चला तो मुस्तकीम की दादी रफीकन ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। इस सूचना पर पुलिस जब उनके घर पहुंची तो यही बताया कि जो दस-बारह छात्र नेता आए थे, उनके जाने के बाद से वह दोनों गायब हैं। अंदेशा है कि कहीं उन्हीं के साथ तो नहीं चली गईं। इंस्पेक्टर प्रवेश राणा के अनुसार यह सूचना रफीकन की ओर से दी गई है। अभी दोनों की खोजबीन जारी है। अगर सुराग नहीं लगेगा तो आगे मुकदमा आदि की कार्रवाई होगी।
छात्र नेताओं पर एबीवीपी ने की कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक सीटू चौधरी ने पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाने वालों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अलीगढ़ में कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने फिराक में हैं। इसी का परिणाम है जेएनयू में भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाअल्लाह इंशाअल्लाह के नारे लगाने वाले उमर खालिद को अलीगढ़ लाया गया और अतरौली का वातावरण खराब करने का प्रयास किया गया, जिसमें एएमयू के छात्रसंघ उपाध्यक्ष समेत कुछ और छात्र भी थे विद्यार्थी परिषद इसका विरोध करती है।
प्रशासन से मांग करती है असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि जो अतरौली थाने में छात्र आए थे, उनकी भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि वह छात्र अलीगढ़ के नहीं थे वह दिल्ली से आए थे। विभाग संयोजक नानक राजपूत ने कहा कि जब साधुओं की हत्या की जा रही थी, सब ठीक-ठाक था लेकिन यह अपराधी पुलिस के द्वारा जब मुठभेड़ में मार दिए गए तो उनके पक्ष में तमाम ताकतें खड़ी हो रही हैं, जबकि पूर्व में यह एक मौलवी की भी हत्या कर चुके थे विद्यार्थी परिषद प्रशासन से मांग करती हैं की इनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें और विद्यार्थी परिषद पुलिस प्रशासन के साथ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है
संदेह के दायरे में पुलिस एनकाउंटर : उमर खालिद
हमेशा विवादों में रहने वाले जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद चुपके से एएमयू में पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर वापस चले गए। उन्होंने अलीगढ़ एनकाउंटर पर संदेह व्यक्त कर हाईकोर्ट के जज से जांच कराने की मांग की।एनकाउंटर में मारे गए बदमाशों के परिजनों से मिलने आए जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद अतरौली में मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद सीधे एएमयू कैंपस में पहुंचे।
वैसे उनके आने की चर्चा सुबह से थी लेकिन कोई अधिकारिक सूचना देने को तैयार नहीं था। एएमयू के मौलाना आजाद लाइब्रेरी कैंटीन के समीप उन्होंने छात्रों के साथ समोसा एवं चाय पी तथा बातचीत की। हालांकि एएमयू के प्रॉक्टोरियल टीम को उमर खालिद के आने की भनक तक नहीं लगी। इस दौरान एक टीवी चैनल से बातचीत में उमर खालिद ने कहा कि योगी सरकार में अब तक एनकाउंटर में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि परिवार वालों से बात की तो उन्होंने सच्चाई व्यक्त की।
इस मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। यहां एआईएसएफ के संरक्षक रंजन राणा भी उमर खालिद के साथ मौजूद रहे। फैजुल हसन ने बताया कि अतरौली में थाने में बजरंग दल के लोगों को बुला लिया गया। माहौल खराब न हो, इसलिए सभी लोग वहां से चले आए। उमर खालिद के एएमयू कैंपस में आने से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। उमर खालिद के साथ कई पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी एनकाउंटर से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए आए थे। उल्लेखनीय है कि एएमयू के छात्र नेता पहले से ही एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं।
-अतरौली पहुंचे उमर खालिद व अन्य छात्र नेताओं को नौशाद-मुस्तकीम परिवार के मकान स्वामी ने ही घर में आने पर ऐतराज जताया और पुलिस को शिकायत दी है कि जबरन वह लोग उसके घर में घुस आए। बाद में थाने पर कुछ लोग अपने काम से गए थे, वहां उन्होंने इनकी बातों को सुन ऐतराज जताया तो यह विवाद करने लगे। बाद में इन्हें वहां से वापस भेज दिया गया। वहीं जो दोनों महिलाएं गायब हैं, वह कहीं इनके साथ तो नहीं गईं, इसकी जांच कराई जा रही है। जो भी निकलकर आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई होगी। जो तहरीर मिली हैं उन पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।-अजय कुमार साहनी एसएसपी
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दिल्ली से यूनाइटेड अगेस्ट की टीम से उमर खालिद, नदीम खां, अब्दुल माजिद आदि एएमयू के अध्यक्ष मशकूर उस्मानी, पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन व जेएनयू के अन्य छात्र नेताओं के साथ गुरुवार को अतरौली के मोहल्ला वैसपाड़ा में पहुंचे और मुस्तकीम व नौशाद के परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने मुस्तकीम की दादी रफीकन, मां शबाना, पत्नी निहा व नौशाद की मां शाहीन से मुलाकात कर कहा कि वह चिंता न करें उनका मुकदमा यूनाइटेड अगेस्ट की टीम लड़ेगी। परिवार के साथ अन्याय हुआ है पुलिस ने घर से उठाकर दोनों को मारा है। इसके बाद वह लोग थाने पहुंच गए।
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जहां किसी काम से बजरंगदल के रामकुमार आर्य, ठा. केदार सिंह, राजेंद्र लोधी, डॉ. पुष्पेंद्र लोधी आदि भी आए हुए थे। इस दौरान छात्र नेताओं की बातचीत सुन बजरंगियों ने यह कहते हुए उनका विरोध किया कि पुलिस की कार्रवाई जायज है। पुलिस अपराधियों का सफाया कर भयमुक्त समाज बनाने का प्रयास कर रही है। इसी बात पर दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई और बजरंगियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में पुलिस ने छात्र नेताओं को वहां से समझाकर वापस भेज दिया।
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इधर, रामकुमार आर्य ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि यह लोग अपराधियों का हिमायती बनकर आए हैं। इन पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए। जिन अपराधियों के तार दूसरे देश से जुड़ रहे हैं। बदमाशों का पता तक तस्दीक नहीं हुआ है। ऐसे में इनके हिमायतियों पर कार्रवाई जरूरी है। इंस्पेक्टर प्रवेश राणा के अनुसार तहरीर की जांच के आधार पर कार्रवाई होगी। वहीं बदमाशों के पते की तस्दीक का काम जारी है।
क्या छात्र नेताओं संग गईं नौशाद-मुस्तकीम की मां, पुलिस से शिकायत
जब छात्र नेता नौशाद मुस्तकीम के घर से चले गए। इसके कुछ देर बाद से नौशाद की मां शाहीन व मुस्तकीम की मां शबाना गायब हो गईं। इसे लेकर काफी देर तक उनकी खोजबीन हुई। जब कहीं पता नहीं चला तो मुस्तकीम की दादी रफीकन ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। इस सूचना पर पुलिस जब उनके घर पहुंची तो यही बताया कि जो दस-बारह छात्र नेता आए थे, उनके जाने के बाद से वह दोनों गायब हैं। अंदेशा है कि कहीं उन्हीं के साथ तो नहीं चली गईं। इंस्पेक्टर प्रवेश राणा के अनुसार यह सूचना रफीकन की ओर से दी गई है। अभी दोनों की खोजबीन जारी है। अगर सुराग नहीं लगेगा तो आगे मुकदमा आदि की कार्रवाई होगी।
छात्र नेताओं पर एबीवीपी ने की कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक सीटू चौधरी ने पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाने वालों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अलीगढ़ में कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने फिराक में हैं। इसी का परिणाम है जेएनयू में भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाअल्लाह इंशाअल्लाह के नारे लगाने वाले उमर खालिद को अलीगढ़ लाया गया और अतरौली का वातावरण खराब करने का प्रयास किया गया, जिसमें एएमयू के छात्रसंघ उपाध्यक्ष समेत कुछ और छात्र भी थे विद्यार्थी परिषद इसका विरोध करती है।
प्रशासन से मांग करती है असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि जो अतरौली थाने में छात्र आए थे, उनकी भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि वह छात्र अलीगढ़ के नहीं थे वह दिल्ली से आए थे। विभाग संयोजक नानक राजपूत ने कहा कि जब साधुओं की हत्या की जा रही थी, सब ठीक-ठाक था लेकिन यह अपराधी पुलिस के द्वारा जब मुठभेड़ में मार दिए गए तो उनके पक्ष में तमाम ताकतें खड़ी हो रही हैं, जबकि पूर्व में यह एक मौलवी की भी हत्या कर चुके थे विद्यार्थी परिषद प्रशासन से मांग करती हैं की इनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें और विद्यार्थी परिषद पुलिस प्रशासन के साथ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है
संदेह के दायरे में पुलिस एनकाउंटर : उमर खालिद
हमेशा विवादों में रहने वाले जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद चुपके से एएमयू में पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर वापस चले गए। उन्होंने अलीगढ़ एनकाउंटर पर संदेह व्यक्त कर हाईकोर्ट के जज से जांच कराने की मांग की।एनकाउंटर में मारे गए बदमाशों के परिजनों से मिलने आए जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद अतरौली में मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद सीधे एएमयू कैंपस में पहुंचे।
वैसे उनके आने की चर्चा सुबह से थी लेकिन कोई अधिकारिक सूचना देने को तैयार नहीं था। एएमयू के मौलाना आजाद लाइब्रेरी कैंटीन के समीप उन्होंने छात्रों के साथ समोसा एवं चाय पी तथा बातचीत की। हालांकि एएमयू के प्रॉक्टोरियल टीम को उमर खालिद के आने की भनक तक नहीं लगी। इस दौरान एक टीवी चैनल से बातचीत में उमर खालिद ने कहा कि योगी सरकार में अब तक एनकाउंटर में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि परिवार वालों से बात की तो उन्होंने सच्चाई व्यक्त की।
इस मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। यहां एआईएसएफ के संरक्षक रंजन राणा भी उमर खालिद के साथ मौजूद रहे। फैजुल हसन ने बताया कि अतरौली में थाने में बजरंग दल के लोगों को बुला लिया गया। माहौल खराब न हो, इसलिए सभी लोग वहां से चले आए। उमर खालिद के एएमयू कैंपस में आने से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। उमर खालिद के साथ कई पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी एनकाउंटर से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए आए थे। उल्लेखनीय है कि एएमयू के छात्र नेता पहले से ही एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं।
-अतरौली पहुंचे उमर खालिद व अन्य छात्र नेताओं को नौशाद-मुस्तकीम परिवार के मकान स्वामी ने ही घर में आने पर ऐतराज जताया और पुलिस को शिकायत दी है कि जबरन वह लोग उसके घर में घुस आए। बाद में थाने पर कुछ लोग अपने काम से गए थे, वहां उन्होंने इनकी बातों को सुन ऐतराज जताया तो यह विवाद करने लगे। बाद में इन्हें वहां से वापस भेज दिया गया। वहीं जो दोनों महिलाएं गायब हैं, वह कहीं इनके साथ तो नहीं गईं, इसकी जांच कराई जा रही है। जो भी निकलकर आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई होगी। जो तहरीर मिली हैं उन पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।-अजय कुमार साहनी एसएसपी