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देखते ही पहचाने गए नामजद वेदू और कुच्ची
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Wed, 21 Dec 2016 01:44 AM IST
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देखते ही पहचाने गए नामजद वेदू और कुच्ची
- फोटो : Rupesh
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धनीपुर ब्लॉक के बेसिक शिक्षक संघ अध्यक्ष और अकराबाद के गांव नगरिया पट्टी चाहरम के पूर्व प्रधानपति जितेंद्र उर्फ गुड्डू के नामजद शूटर सीसीटीवी में कैद हुए हैं। इन दोनों नामजदों संकेत उर्फ वेदू और निशांत उर्फ कुच्ची को गुड्डू के परिवार ने पहचान लिया। यह दोनों नीरू के परिवार के डॉक्टर एके सिंह के बेटे हैं।
इस पहचान प्रक्रिया के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धरपकड़ अभियान तेज कर दिया है। खास बात है कि इसमें जो तीन चेहरे पहचान में नहीं आ रहे। उन्हें लोगों ने इतना जरूर देखा है कि यह कई दिन से गुड्डू की रैकी कर रहे थे। इसके अलावा पुलिस ने जेल में निरुद्ध नीरू टाइगर से पूछताछ के साथ-साथ रिश्तेदारियों तक में मुखबिरी का जाल बिछाना शुरू कर दिया है।
पीछा कर कुल छह गोलियां शरीर में मारी
एटा चुंगी निवासी गुड्डू की गांव में चली आ रही रंजिश में सोमवार सुबह उस समय हत्या कर दी गई, जब वह एसबीआई डीएस कॉलेज शाखा से स्कूटी पर घर लौट रहे थे। सीसीटीवी में कैद घटनाक्रम पर गौर करें तो दो बाइकों पर हमलावर पहले गुड्डू के पीछे घर की ओर से बैंक जाते देखे गए हैं। इसके बाद वापसी में भी आते देखे हैं और घटनास्थल पर आते ही पहले एक गोली पीछे से गर्दन में मारी है। इसके बाद जब वह स्कूटी छोड़ पैदल दो-तीन कदम भागे हैं तो उनमें ताबड़तोड़ आधा दर्जन गोलियां मारी गई हैं। इसके बाद गुड्डू गिर पड़े तो हमलावर एटा चुंगी की ओर भाग गए हैं।
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साजिश में शामिल हर संदिग्ध पर पुलिस की नजर
इस घटना के खुलासे में लगी टीम का नेतृत्व कर रहे सीओ तृतीय राजीव सिंह बताते हैं कि गुड्डू के परिवार ने दो नामजद तो पहचान लिए हैं। बाकी के चेहरे व हुलिया देखकर यही कहा गया है कि यह कई दिन से आगे पीछे देखे गए हैं और इनको नीरू की अदालत में पेशी के दौरान भी नीरू से मुलाकात करते देखा गया है। इससे साफ है कि यह हत्या नीरू ने ही कराई है। उन्होंने बताया कि जेल में भी नीरू आदि से पूछताछ हुई है। इसके अलावा रिश्तेदारों और साजिश में शामिल हर संदिग्ध को निगरानी में रखा गया है। परिवार को सुरक्षा भी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर चार गोलियां लगने का अनुमान था। मगर पोस्टमार्टम में गुड्डू के छह बुलेट सिर, गर्दन, बाजू आदि पर लगने का उल्लेख है।
तोताराम हत्याकांड के तार भी इन्हीं शूटरों से जुड़े
पुलिस जांच में एक बात और साफ होती जा रही है कि गुड्डू को जिस तोताराम हत्याकांड में नामजद किया गया था। उसको भी कहीं इन्हीं शूटरों ने तो नहीं मारा था। ऐसे तार भी जांच में जुड़ रहे हैं। इसके पीछे मंशा अपने खास को मारकर गुड्डू को फंसाना था।
सतरापुर कांड में खुलासा तय..कई आरोपी हिरासत में
अलीगढ़। छर्रा के गांव सतरापुर में मां, बेटी व बेटे की जघन्य हत्याकांड के खुलासे के करीब पुलिस पहुंच गई है। इस हत्या में शामिल कुछ लोगों को पुलिस ने जयपुर व अलीगढ़ में कई ठिकानों पर दबिश देकर हिरासत में ले लिया है। इनसे पूछताछ चल रही है। उम्मीद है कि अगले एक-दो दिन में पुलिस इस हत्याकांड का खुलासा कर देगी। पुलिस सूत्रों की मानें तो अभी कुछ लोगों की गिरफ्तारी शेष है। इसलिए कड़ियां जोड़ने में देरी हो रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो अब तक की जांच व हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ में यह तो साफ हो गया है कि तीनों को अपनों ने ही मारा था और नामजदों को फंसा दिया था। बता दें कि दो माह पहले यह तिहरा हत्याकांड हुआ था, जिसे लेकर दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए मृतक पक्ष के लोग गांव से पलायन का शोर मचाते हुए गायब हो गए थे।
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इस पहचान प्रक्रिया के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धरपकड़ अभियान तेज कर दिया है। खास बात है कि इसमें जो तीन चेहरे पहचान में नहीं आ रहे। उन्हें लोगों ने इतना जरूर देखा है कि यह कई दिन से गुड्डू की रैकी कर रहे थे। इसके अलावा पुलिस ने जेल में निरुद्ध नीरू टाइगर से पूछताछ के साथ-साथ रिश्तेदारियों तक में मुखबिरी का जाल बिछाना शुरू कर दिया है।
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पीछा कर कुल छह गोलियां शरीर में मारी
एटा चुंगी निवासी गुड्डू की गांव में चली आ रही रंजिश में सोमवार सुबह उस समय हत्या कर दी गई, जब वह एसबीआई डीएस कॉलेज शाखा से स्कूटी पर घर लौट रहे थे। सीसीटीवी में कैद घटनाक्रम पर गौर करें तो दो बाइकों पर हमलावर पहले गुड्डू के पीछे घर की ओर से बैंक जाते देखे गए हैं। इसके बाद वापसी में भी आते देखे हैं और घटनास्थल पर आते ही पहले एक गोली पीछे से गर्दन में मारी है। इसके बाद जब वह स्कूटी छोड़ पैदल दो-तीन कदम भागे हैं तो उनमें ताबड़तोड़ आधा दर्जन गोलियां मारी गई हैं। इसके बाद गुड्डू गिर पड़े तो हमलावर एटा चुंगी की ओर भाग गए हैं।
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साजिश में शामिल हर संदिग्ध पर पुलिस की नजर
इस घटना के खुलासे में लगी टीम का नेतृत्व कर रहे सीओ तृतीय राजीव सिंह बताते हैं कि गुड्डू के परिवार ने दो नामजद तो पहचान लिए हैं। बाकी के चेहरे व हुलिया देखकर यही कहा गया है कि यह कई दिन से आगे पीछे देखे गए हैं और इनको नीरू की अदालत में पेशी के दौरान भी नीरू से मुलाकात करते देखा गया है। इससे साफ है कि यह हत्या नीरू ने ही कराई है। उन्होंने बताया कि जेल में भी नीरू आदि से पूछताछ हुई है। इसके अलावा रिश्तेदारों और साजिश में शामिल हर संदिग्ध को निगरानी में रखा गया है। परिवार को सुरक्षा भी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर चार गोलियां लगने का अनुमान था। मगर पोस्टमार्टम में गुड्डू के छह बुलेट सिर, गर्दन, बाजू आदि पर लगने का उल्लेख है।
तोताराम हत्याकांड के तार भी इन्हीं शूटरों से जुड़े
पुलिस जांच में एक बात और साफ होती जा रही है कि गुड्डू को जिस तोताराम हत्याकांड में नामजद किया गया था। उसको भी कहीं इन्हीं शूटरों ने तो नहीं मारा था। ऐसे तार भी जांच में जुड़ रहे हैं। इसके पीछे मंशा अपने खास को मारकर गुड्डू को फंसाना था।
सतरापुर कांड में खुलासा तय..कई आरोपी हिरासत में
अलीगढ़। छर्रा के गांव सतरापुर में मां, बेटी व बेटे की जघन्य हत्याकांड के खुलासे के करीब पुलिस पहुंच गई है। इस हत्या में शामिल कुछ लोगों को पुलिस ने जयपुर व अलीगढ़ में कई ठिकानों पर दबिश देकर हिरासत में ले लिया है। इनसे पूछताछ चल रही है। उम्मीद है कि अगले एक-दो दिन में पुलिस इस हत्याकांड का खुलासा कर देगी। पुलिस सूत्रों की मानें तो अभी कुछ लोगों की गिरफ्तारी शेष है। इसलिए कड़ियां जोड़ने में देरी हो रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो अब तक की जांच व हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ में यह तो साफ हो गया है कि तीनों को अपनों ने ही मारा था और नामजदों को फंसा दिया था। बता दें कि दो माह पहले यह तिहरा हत्याकांड हुआ था, जिसे लेकर दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए मृतक पक्ष के लोग गांव से पलायन का शोर मचाते हुए गायब हो गए थे।