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घर में आतिशबाजी बनाते समय विस्फोट..बेटी सहित दंपती झुलसे
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 05 Oct 2018 01:38 AM IST
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हमदर्द नगर डी में आतिशबाजी बनाते समय हुए विस्फोट के बाद का नजारा।
- फोटो : Dig Vishal
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दीपावली नजदीक आते ही अवैध रूप से देशी आतिशबाजी बनाने का धंधा जोर पकड़ रहा है और जानलेवा भी बन रहा है। गुरुवार दोपहर महानगर के सिविल लाइंस के जमालपुर हमदर्द नगद डी इलाके के एक मकान में आतिशबाजी बनाते समय हुए विस्फोट में दंपती बेटी सहित झुलस गए और घर में आग व धमाके से काफी नुकसान हो गया।
शुरुआत में तो पुलिस को सिलेंडर फटने की सूचना दी गई थी। मगर जब पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची तो वहां आतिशबाजी के साक्ष्य मिलने पर फॉरेंसिक टीम जांच के लिए बुलाई गई। टीम ने मौके से बारूद व आतिशबाजी बनाने के उपकरण भी बरामद किए हैं। फॉरेंसिक टीम ने सैंपल लिए हैं, जिसकी जांच के बाद तय होगा कि किस तरह की बारूद का प्रयोग हो रहा था।
हमदर्द नगर डी निवासी हनीफ पुत्र नूर मोहम्मद अपने घर में ही आतिशबाजी बनाने का काम करता है। इलाके के लोगों के अनुसार उसका विरोध भी किया गया था और शिकायत भी पहले की जा चुकी है। मगर वह चोरी छिपे घर के अंदर यह धंधा कर रहा था। उसके घर में वह खुद पत्नी नाजिरा के अलावा पांच बच्चों में सबसे बड़ी 17 वर्षीय बेटी अफसाना है। गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे यह तीनों घर के अंदर थे, जबकि बाकी बच्चे गली में खेल रहे थे।
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तभी अचानक तेज धमाके के साथ घर में आग लग गई। धमाके के कारण आसपास अफरा-तफरी मच गई। वहीं पुलिस को सिलेंडर फटने की सूचना दी गई। इस सूचना पर पुलिस के अलावा फायर ब्रिगेड की दमकल भी पहुंच गई। पहले तो आग को बुझाया गया। इसी बीच घर के अंदर झुलसे मिले हनीफ, उसकी पत्नी व बेटी को निकालकर तत्काल मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया।
जहां उनका इलाज चल रहा है और हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं जांच के दौरान पाया गया कि घर में धमाका किसी बारूद से हुआ है। सामान तितर बितर था और आग से सामान भी जला हुआ था। तलाशी में एक बोरे में आतिशबाजी बनाने के लिए प्रयोग होने वाला उपकरण भी मिला।
इस पर तत्काल फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के अनुसार टीम ने साक्ष्य संकलित किए हैं। फौरी तौर पर आतिशबाजी बनाने से धमाके के साक्ष्य मिले हैं। बाकी सैंपल जांच के बाद तय होगा कि किस तरह की आतिशबाजी बन रही थी और कौन सा बारूद प्रयोग हो रहा था। इस परिवार के पास कोई लाइसेंस भी नहीं है। वहीं इस परिवार के अन्य चार बच्चों की देखभाल हनीफ के अन्य भाइयों द्वारा की जा रही है।
शहर में तो पहली बार, देहात जरूर है बदनाम
यह पहला मौका है, जब शहर में आतिशबाजी बनाने के दौरान कोई धमाका हुआ है और यह तथ्य सामने आया है कि यहां आतिशबाजी बन रही थी। वरना अपने जिले के देहात में जलाली, कौड़ियागंज, छर्रा, अतरौली, गोंडा और टप्पल में देशी आतिशबाजी बनाने का अनगिनत लोगों द्वारा पुस्तैनी धंधा किया जाता है। दीपावली के आसपास यह धंधा जोरों पर चलता है और हर साल कहीं न कहीं कोई न कोई हादसा भी होता है। इस बार शहर में इस तरह की दुर्घटना होने से पुलिस प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। जिले भर में थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। वैध व अवैध आतिशबाजी बनाने वालों की जांच व कार्रवाई के लिए कहा जा रहा है।
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शुरुआत में तो पुलिस को सिलेंडर फटने की सूचना दी गई थी। मगर जब पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची तो वहां आतिशबाजी के साक्ष्य मिलने पर फॉरेंसिक टीम जांच के लिए बुलाई गई। टीम ने मौके से बारूद व आतिशबाजी बनाने के उपकरण भी बरामद किए हैं। फॉरेंसिक टीम ने सैंपल लिए हैं, जिसकी जांच के बाद तय होगा कि किस तरह की बारूद का प्रयोग हो रहा था।
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हमदर्द नगर डी निवासी हनीफ पुत्र नूर मोहम्मद अपने घर में ही आतिशबाजी बनाने का काम करता है। इलाके के लोगों के अनुसार उसका विरोध भी किया गया था और शिकायत भी पहले की जा चुकी है। मगर वह चोरी छिपे घर के अंदर यह धंधा कर रहा था। उसके घर में वह खुद पत्नी नाजिरा के अलावा पांच बच्चों में सबसे बड़ी 17 वर्षीय बेटी अफसाना है। गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे यह तीनों घर के अंदर थे, जबकि बाकी बच्चे गली में खेल रहे थे।
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तभी अचानक तेज धमाके के साथ घर में आग लग गई। धमाके के कारण आसपास अफरा-तफरी मच गई। वहीं पुलिस को सिलेंडर फटने की सूचना दी गई। इस सूचना पर पुलिस के अलावा फायर ब्रिगेड की दमकल भी पहुंच गई। पहले तो आग को बुझाया गया। इसी बीच घर के अंदर झुलसे मिले हनीफ, उसकी पत्नी व बेटी को निकालकर तत्काल मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया।
जहां उनका इलाज चल रहा है और हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं जांच के दौरान पाया गया कि घर में धमाका किसी बारूद से हुआ है। सामान तितर बितर था और आग से सामान भी जला हुआ था। तलाशी में एक बोरे में आतिशबाजी बनाने के लिए प्रयोग होने वाला उपकरण भी मिला।
इस पर तत्काल फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के अनुसार टीम ने साक्ष्य संकलित किए हैं। फौरी तौर पर आतिशबाजी बनाने से धमाके के साक्ष्य मिले हैं। बाकी सैंपल जांच के बाद तय होगा कि किस तरह की आतिशबाजी बन रही थी और कौन सा बारूद प्रयोग हो रहा था। इस परिवार के पास कोई लाइसेंस भी नहीं है। वहीं इस परिवार के अन्य चार बच्चों की देखभाल हनीफ के अन्य भाइयों द्वारा की जा रही है।
शहर में तो पहली बार, देहात जरूर है बदनाम
यह पहला मौका है, जब शहर में आतिशबाजी बनाने के दौरान कोई धमाका हुआ है और यह तथ्य सामने आया है कि यहां आतिशबाजी बन रही थी। वरना अपने जिले के देहात में जलाली, कौड़ियागंज, छर्रा, अतरौली, गोंडा और टप्पल में देशी आतिशबाजी बनाने का अनगिनत लोगों द्वारा पुस्तैनी धंधा किया जाता है। दीपावली के आसपास यह धंधा जोरों पर चलता है और हर साल कहीं न कहीं कोई न कोई हादसा भी होता है। इस बार शहर में इस तरह की दुर्घटना होने से पुलिस प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। जिले भर में थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। वैध व अवैध आतिशबाजी बनाने वालों की जांच व कार्रवाई के लिए कहा जा रहा है।