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प्रसव पीड़िता की निजी अस्पताल में मौत, लापरवाही का आरोप

Mon, 08 Apr 2019 01:33 AM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: राजेश सिंह Updated Mon, 08 Apr 2019 01:33 AM IST
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Child mortality charges in private hospital, charges of negligence
प्रसव पीड़िता की मौत पर बिलखतीं परिवार की महिलाएं।  - फोटो : Rupesh
अकराबाद कस्बे में जीटी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार की रात युवती की प्रसव के दौरान मौत हो गई। इसी के साथ अस्पताल से स्टाफ भागने लगा। इनमें से एक कर्मचारी को मृतका के परिजनाें ने पकड़ लिया और अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही व गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई तो पकड़े गए कर्मचारी को परिजनों ने पुलिस के हवाले कर दिया। उधर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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जानकारी के अनुसार कस्बा कौड़ियागंज के मोहल्ला खिन्नीवाला निवासी रामप्रकाश पुत्र जगदीश के अनुसार उन्होंने अपनी पत्नी धर्मवती (22) को शनिवार की रात करीब 11 बजे जीटी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने कहा कि सामान्य प्रसव हो जाएगा और उनकी पत्नी को प्रसव कक्ष में ले गए। रात करीब 12 बजे डॉक्टर ने कहा कि प्रसव पीड़िता की हालत गंभीर है। आपरेशन करना पड़ेगा।
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एक यूनिट खून का इंतजाम करो। इसके बाद अस्पताल का स्टाफ एक-एक कर भागने लगा। इस पर परिजनों को शंका हुई। उन्होंने प्रसव कक्ष के अंदर जाकर देखा तो धर्मवती मृत पड़ी थी। इस पर परिजन हंगामा करने लगे। उन्होंने भाग रहे एक कर्मचारी को परिजनों ने दौड़ाकर पकड़ कर मारपीट की। अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मामले की जानकारी होते ही थानाध्यक्ष मृदुल कुमार सिंह फोर्स के साथ पहुंच गए। परिजनों को शांत कराते हुए अस्पताल स्टाफ के खिलाफ तहरीर देने की बात कही। 
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पुलिस हिरासत में मौजूद व्यक्ति ने बताया कि वह सिकंदराराऊ के एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर है। जान पहचान होने के कारण वह स्टाफ से मिलने आया था, तभी लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उधर अस्पताल के संचालक का कहना है कि वह घटना के समय अस्पताल में नहीं थे। प्रसव पीड़िता को दी गई दवाआें के बारे में जानकारी नहीं है। 

सीएचसी में नहीं मिली कोई सुविधा
रामप्रकाश की शादी दो साल पहले एटा जनपद के थाना निधौली के गांव किशोरपुर निवासी भगवान सिंह की बेटी धर्मवती के साथ हुई थी। रामप्रकाश के अनुसार धर्मवती को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार की शाम करीब चार बजे वह अकराबाद सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां स्टाफ नर्स ने जांच कर कहा कि अभी बच्चा नहीं होगा। अलीगढ़ से अल्ट्रासाउंड कराकर लाओ। इस पर अल्ट्रासाउंड कराकर वह दोबारा शाम आठ बजे सीएचसी पहुंचे।


पति का आरोप है कि शाम आठ बजे सीएचसी में कोई स्टाफ नहीं था। वहां मौजूद कुछ दलालों ने कहा कि रात में यहां कोई सुविधा नहीं मिलेगी। उधर पत्नी प्रसव पीड़ा से बुरी तरह तड़प रही थी, जिस पर मजबूरी में निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। रविवार को अकराबाद सीएचसी में अधीक्षक नहीं थे। मोबाइल पर भी उनसे बात नहीं हो सकी। उधर स्टाफ नर्स का कहना है कि प्रसव पीड़िता के शरीर में खून की कमी थी, इसलिए अलीगढ़ रेफर किया गया था।

घटना के संबंध में अभी पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक और स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- मृदुल कुमार सिंह, थानाध्यक्ष।
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