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सीबीआई इंस्पेक्टर ने लिए कर्मचारियों के बयान
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Wed, 24 Feb 2016 01:44 AM IST
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डाक विभाग के उच्चाधिकारियों ने अलीगढ़ डिवीजन के करीब 71 ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) की नियुक्ति के मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को इस मसले में जांच अधिकारी सीबीआई इंस्पेक्टर प्रधान डाकघर पहुंचे, जिन्होंने कई कर्मचारियों से इस मसले में पूछताछ की। इसके साथ ही ग्रामीण डाक सेवकों से संबंधित दस्तावेज भी खंगालने शुरू कर दिए। उधर, इस संबंध में प्रवर डाक अधीक्षक प्रियंका मिश्रा ने अनभिज्ञता जाहिर की।
डाक विभाग में काफी समय से कर्मचारियों का अभाव चल रहा था, इसलिए वर्ष 2014 में 71 ग्रामीण डाक सेवकों की नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति के बाद उनकी तैनाती अलीगढ़ और हाथरस में कर दी गई। कर्मचारियों के अभाव में इनकी तैनाती ब्रांच पोस्टमास्टर, मेल डिलेवर और मेल कोरियर आदि का काम लिया जा रहा था। इस बीच आगरा के डाक विभाग के अफसरों ने शक के आधार पर सभी 71 ग्रामीण डाक सेवकों की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज मंगाकर उनकी जांच शुरू कर दी।
अफसराें को पता चला कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति में मानकों का ध्यान नहीं रखा गया है, इसलिए 25 जून को सभी 71 ग्रामीण डाक सेवकों को बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद सभी ग्रामीण डाक सेवकों ने कोर्ट चले गए। इसके बाद सीबीआई ने इस मामले को संज्ञान में लिया और उच्चाधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए।
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डाक विभाग में काफी समय से कर्मचारियों का अभाव चल रहा था, इसलिए वर्ष 2014 में 71 ग्रामीण डाक सेवकों की नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति के बाद उनकी तैनाती अलीगढ़ और हाथरस में कर दी गई। कर्मचारियों के अभाव में इनकी तैनाती ब्रांच पोस्टमास्टर, मेल डिलेवर और मेल कोरियर आदि का काम लिया जा रहा था। इस बीच आगरा के डाक विभाग के अफसरों ने शक के आधार पर सभी 71 ग्रामीण डाक सेवकों की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज मंगाकर उनकी जांच शुरू कर दी।
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अफसराें को पता चला कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति में मानकों का ध्यान नहीं रखा गया है, इसलिए 25 जून को सभी 71 ग्रामीण डाक सेवकों को बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद सभी ग्रामीण डाक सेवकों ने कोर्ट चले गए। इसके बाद सीबीआई ने इस मामले को संज्ञान में लिया और उच्चाधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए।
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