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नामजद के बच्चे तक रहे पुलिस हिरासत में
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Aug 2016 01:19 AM IST
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नामजद के बच्चे तक रहे पुलिस हिरासत में
- फोटो : महीपाल सिंह
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महानगर के छर्रा अड्डा पर शुक्रवार को हुई तोताराम की हत्या में नामजदगी पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं पुलिस द्वारा नामजद के पूरे परिवार व मासूम बच्चों तक को हिरासत में रखने पर सवाल खड़ा हुआ है। इसे लेकर इलाके की जिला पंचायत सदस्य बबिता सिंह ने मुख्यमंत्री व राज्य महिला आयोग को फैक्स के माध्यम शिकायत भेजी है। हालांकि इस शिकायत की खबर पर पुलिस ने शनिवार शाम सभी महिलाओं व बच्चों को घर भेज दिया।
मगर लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। इधर, दिन में पोस्टमार्टम के बाद तोताराम का शव पुलिस अभिरक्षा में गांव भेज दिया गया। इस दौरान एक्सीडेंट में मौत की अफवाह पर पोस्टमार्टम पर परिजनों ने हंगामा भी किया। जिसे बाद में शांत करा दिया गया।
अकराबाद के गांव नगरिया पट्टी चाहरम में चली आ रही प्रधानी की रंजिश में प्रधान प्रत्याशी हीरा सिंह की हत्या के आरोपी तोताराम की शुक्रवार को दिनदहाड़े छर्रा अड्डा पर हत्या कर दी गई। इस हत्या में नामजदगी पर सवाल नामजद पक्ष द्वारा उठाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि जो लोग हीरा सिंह की हत्या की पैरवी कर रहे हैं, उन्हीं को साजिश के तहत नामजद किया गया है, ताकि हीरा सिंह की हत्या में समझौते का दबाव बनाया जा सके। जबकि हकीकत कुछ और है। चूंकि एक नामजद किशनलाल को शुक्रवार को हीरा सिंह की हत्या के मुकदमे की पैरवी के सिलसिले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में था। इसके साक्ष्य भी नामजद पक्ष पर हैं। वहीं अन्य अधिकांश नामजद गांव में थे।
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इधर, नामजद जितेंद्र गुड्डू का परिवार जरूर एटा चुंगी पर ही रहता है। पुलिस ने उसकी मां, पत्नी, अविवाहित बहन, 11 साल की बेटी व ढाई साल के बेटे, भाई, साले आदि को शुक्रवार शाम हिरासत में ले लिया। महिलाओं व बच्चों को रात में महिला थाने रखा गया।
इसके बाद शनिवार को दिन भर गांधीपार्क में रखने के बाद शाम को घर भेज दिया। इस संबंध में इलाके की जिला पंचायत सदस्य बबिता सिंह की ओर से भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि अगर गुड्डू आरोपी हैं तो उनके परिवार पर इस तरह की ज्यादती क्यों। महिलाओं व बच्चों का क्या दोष है। उन्हें इस तरह हिरासत में रखना मानवाधिकार के खिलाफ है। यहां तक कहा कि तमाम कुख्यात अपराधी खुलेआम घूमते रहते हैं। उनके प्रति पुलिस की ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं।
इधर, दिन में पोस्टमार्टम के बाद शव गांव भेजा गया। इस बीच किसी ने यह अफवाह उड़ा दी कि डॉक्टर एक्सीडेंट में मौत की बात कह रहे हैं। इस पर परिजन भड़क गए और हंगामा किया। बाद में डॉक्टरों व पुलिस ने समझाकर शांत किया। बता दें कि शुक्रवार को कचहरी से लौटते समय तोताराम की हत्या की गई थी।
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- नामजदों की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। आरोपी जो साक्ष्य देंगे, उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा। रहा सवाल परिजनों व बच्चों का तो महिलाओं को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। बच्चे चूंकि छोटे हैं, इसलिए वह साथ आए थे। मगर बाद में घर भेज दिया गया।
-संजीव दुबे, एसओ गांधीपार्क
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मगर लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। इधर, दिन में पोस्टमार्टम के बाद तोताराम का शव पुलिस अभिरक्षा में गांव भेज दिया गया। इस दौरान एक्सीडेंट में मौत की अफवाह पर पोस्टमार्टम पर परिजनों ने हंगामा भी किया। जिसे बाद में शांत करा दिया गया।
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अकराबाद के गांव नगरिया पट्टी चाहरम में चली आ रही प्रधानी की रंजिश में प्रधान प्रत्याशी हीरा सिंह की हत्या के आरोपी तोताराम की शुक्रवार को दिनदहाड़े छर्रा अड्डा पर हत्या कर दी गई। इस हत्या में नामजदगी पर सवाल नामजद पक्ष द्वारा उठाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि जो लोग हीरा सिंह की हत्या की पैरवी कर रहे हैं, उन्हीं को साजिश के तहत नामजद किया गया है, ताकि हीरा सिंह की हत्या में समझौते का दबाव बनाया जा सके। जबकि हकीकत कुछ और है। चूंकि एक नामजद किशनलाल को शुक्रवार को हीरा सिंह की हत्या के मुकदमे की पैरवी के सिलसिले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में था। इसके साक्ष्य भी नामजद पक्ष पर हैं। वहीं अन्य अधिकांश नामजद गांव में थे।
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इधर, नामजद जितेंद्र गुड्डू का परिवार जरूर एटा चुंगी पर ही रहता है। पुलिस ने उसकी मां, पत्नी, अविवाहित बहन, 11 साल की बेटी व ढाई साल के बेटे, भाई, साले आदि को शुक्रवार शाम हिरासत में ले लिया। महिलाओं व बच्चों को रात में महिला थाने रखा गया।
इसके बाद शनिवार को दिन भर गांधीपार्क में रखने के बाद शाम को घर भेज दिया। इस संबंध में इलाके की जिला पंचायत सदस्य बबिता सिंह की ओर से भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि अगर गुड्डू आरोपी हैं तो उनके परिवार पर इस तरह की ज्यादती क्यों। महिलाओं व बच्चों का क्या दोष है। उन्हें इस तरह हिरासत में रखना मानवाधिकार के खिलाफ है। यहां तक कहा कि तमाम कुख्यात अपराधी खुलेआम घूमते रहते हैं। उनके प्रति पुलिस की ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं।
इधर, दिन में पोस्टमार्टम के बाद शव गांव भेजा गया। इस बीच किसी ने यह अफवाह उड़ा दी कि डॉक्टर एक्सीडेंट में मौत की बात कह रहे हैं। इस पर परिजन भड़क गए और हंगामा किया। बाद में डॉक्टरों व पुलिस ने समझाकर शांत किया। बता दें कि शुक्रवार को कचहरी से लौटते समय तोताराम की हत्या की गई थी।
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- नामजदों की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। आरोपी जो साक्ष्य देंगे, उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा। रहा सवाल परिजनों व बच्चों का तो महिलाओं को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। बच्चे चूंकि छोटे हैं, इसलिए वह साथ आए थे। मगर बाद में घर भेज दिया गया।
-संजीव दुबे, एसओ गांधीपार्क