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अलीगढ़ में विस्फोट, 3 की मौत
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Sat, 09 Sep 2017 01:07 AM IST
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घटना के बाद मलबे में दबे लोगों को देखते लोग।
- फोटो : Amar Ujala
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थाना बन्ना देवी के सूत मिल बीमा नगर में एक मकान में जबरदस्त विस्फोट हो जाने के कारण मां की दो बेटों समेत मौत हो गई। विस्फोट में 15 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। विस्फोट इतना भीषण था कि 500 मीटर के दायरे में आने वाले मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
विस्फोट के सही कारणों का फिलहाल पता नहीं चला है, लेकिन प्राथमिक तौर पर माना जा रहा है कि हादसा घर में रखे घरेलू गैस सिलेंडर से गैस लीक होने के कारण हुआ। घायलों को मेडिकल कॉलेज सहित आसपास के अन्य नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। मामले की जांच को एटीएस भी पहुंच गई।
प्रशासन की ओर से क्षति का आकलन करने के बाद मुआवजा आदि देने का भरोसा पीड़ित परिवार को दिलाया गया है। सूत मिल बीमा नगर में राज मिस्त्री गंगाराम का दो मंजिल मकान है। गंगा सरन के बेटे कुंवर पाल (28) और आशू (22) घर के बाहर ही मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान करते थे।
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हादसे में दोनों बेटों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी पुष्पा (55) ने मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया। माना जा रहा है कि रात को कमरे में रखे एलपीजी सिलेंडर से गैस लीक हुई और पूरे कमरे में भर गई।
शुक्रवार सुबह 6.30 बजे जब किसी ने चाय बनाने या धूम्रपान करने के मकसद से माचिस की तीली जलाई, तो कमरे में धमाका हो गया। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि विस्फोट की आवाज के बाद उनकी नींद खुल गई। उन्हें पहले तो लगा कि भूकंप आ गया है। विस्फोट के साथ ही मौके पर भयंकर धूल और गर्द के बादल छा गए। जब कुछ देर बाद धूल हटी तो देखा कि आसपास के 4-5 मकान तो मलबे में तब्दील हो चुके थे।
ये मकान शंकरलाल, उत्तराखंड के स्कूल में प्रिंसिपल बृजपाल, जानकी लोधी, रामशरण शर्मा आदि के थे। अन्य मकानों की दीवारें टूट गईं। तेज धमाका सुनकर लोगों ने जब अपने मकानों का हाल देखा तो बदहवासी की हालत में इलाके में चीख पुकार शुरू हो गई।
विस्फोट की तीव्रता इतनी थी कि करीब 500 मीटर के दायरे में आने वाला ऐसा कोई मकान नहीं बचा जो क्षतिग्रस्त न हुआ हो। सभी मकानों के शीशे टूट गए। दरवाजों के कुंडे उखड़ गए। मकानों की दीवारें चटख गईं। घरों में खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए।
उनकी छतें और बाडी में डेंट आ गया। गली में लगे हैंडपंपों की फाउंडेशन उखड़ गई। घटना स्थल से जीटी रोड के दूसरी ओर आॉटो मोबाइल्स कंपनी के शोरूम के शीशे चटख गए और लेंटर में दरारें आ गईं। घटना स्थल पर भीड़ इकट्ठा होने लगी। कुछ ही देर में इलाका पुलिस व पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
प्रभारी मंत्री सुरेश राणा सहित जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय, शहर विधायक संजीव राजा, पूर्व महापौर शकुंतला भारती आदि भी घटनास्थल पर पहुंचे। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल, नर्सिंग होम और मेडिकल कालेज भिजवाया गया।
जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा घायलों को देखने जिला अस्पताल भी गए। नगर निगम की जेसीबी आदि मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। फारेंसिक टीम ने मौके से सात नमूने भरे हैं, जिन्हें जांच के लिए आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। शाम के समय एटीएस भी जांच के लिए पहुंच गई, जोकि सात दिन में रिपोर्ट देगी।
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विस्फोट के सही कारणों का फिलहाल पता नहीं चला है, लेकिन प्राथमिक तौर पर माना जा रहा है कि हादसा घर में रखे घरेलू गैस सिलेंडर से गैस लीक होने के कारण हुआ। घायलों को मेडिकल कॉलेज सहित आसपास के अन्य नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। मामले की जांच को एटीएस भी पहुंच गई।
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प्रशासन की ओर से क्षति का आकलन करने के बाद मुआवजा आदि देने का भरोसा पीड़ित परिवार को दिलाया गया है। सूत मिल बीमा नगर में राज मिस्त्री गंगाराम का दो मंजिल मकान है। गंगा सरन के बेटे कुंवर पाल (28) और आशू (22) घर के बाहर ही मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान करते थे।
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हादसे में दोनों बेटों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी पुष्पा (55) ने मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया। माना जा रहा है कि रात को कमरे में रखे एलपीजी सिलेंडर से गैस लीक हुई और पूरे कमरे में भर गई।
शुक्रवार सुबह 6.30 बजे जब किसी ने चाय बनाने या धूम्रपान करने के मकसद से माचिस की तीली जलाई, तो कमरे में धमाका हो गया। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि विस्फोट की आवाज के बाद उनकी नींद खुल गई। उन्हें पहले तो लगा कि भूकंप आ गया है। विस्फोट के साथ ही मौके पर भयंकर धूल और गर्द के बादल छा गए। जब कुछ देर बाद धूल हटी तो देखा कि आसपास के 4-5 मकान तो मलबे में तब्दील हो चुके थे।
ये मकान शंकरलाल, उत्तराखंड के स्कूल में प्रिंसिपल बृजपाल, जानकी लोधी, रामशरण शर्मा आदि के थे। अन्य मकानों की दीवारें टूट गईं। तेज धमाका सुनकर लोगों ने जब अपने मकानों का हाल देखा तो बदहवासी की हालत में इलाके में चीख पुकार शुरू हो गई।
विस्फोट की तीव्रता इतनी थी कि करीब 500 मीटर के दायरे में आने वाला ऐसा कोई मकान नहीं बचा जो क्षतिग्रस्त न हुआ हो। सभी मकानों के शीशे टूट गए। दरवाजों के कुंडे उखड़ गए। मकानों की दीवारें चटख गईं। घरों में खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए।
उनकी छतें और बाडी में डेंट आ गया। गली में लगे हैंडपंपों की फाउंडेशन उखड़ गई। घटना स्थल से जीटी रोड के दूसरी ओर आॉटो मोबाइल्स कंपनी के शोरूम के शीशे चटख गए और लेंटर में दरारें आ गईं। घटना स्थल पर भीड़ इकट्ठा होने लगी। कुछ ही देर में इलाका पुलिस व पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
प्रभारी मंत्री सुरेश राणा सहित जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय, शहर विधायक संजीव राजा, पूर्व महापौर शकुंतला भारती आदि भी घटनास्थल पर पहुंचे। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल, नर्सिंग होम और मेडिकल कालेज भिजवाया गया।
जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा घायलों को देखने जिला अस्पताल भी गए। नगर निगम की जेसीबी आदि मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। फारेंसिक टीम ने मौके से सात नमूने भरे हैं, जिन्हें जांच के लिए आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। शाम के समय एटीएस भी जांच के लिए पहुंच गई, जोकि सात दिन में रिपोर्ट देगी।