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दिन भर मेडिकल के लिए भटका हाथरस का बंदी
Updated Tue, 26 Jun 2018 01:28 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला अस्पताल में भर्ती हाथरस के सादाबाद थाने में थर्ड डिग्री टार्चर का शिकार हुए वारंटी का सोमवार को भी मेडिकल परीक्षण नहीं हो सका। पुलिस टीम उसे सुबह से लेकर शाम तक इधर से उधर भटकती रही। मगर जो पुलिस चाह रही थी, वह डॉक्टर नहीं कर पाए। इसलिए उसका मेडिकल नहीं हो सका और कोर्ट में भी पेशी नहीं हो सकी। अब क्या होगा, इसका जवाब अधिकारी भी नहीं दे पा रहे हैं।
आरोप है कि हाथरस के सादाबाद थाने की पुलिस ने हत्या के आरोपी शिव नारायण उर्फ झुन्ना पुत्र पूरन चंद निवासी गढ़ उमरा, सादाबाद को वारंट जारी होने पर घर से उठाया और थाने लगे गए। यहां पर थाने में पुलिस वालों ने उससे गाली गलौज करते हुए कहा कि तेरी वजह से हमारा वेतन अदालत ने रोक दिया है। जब इस अभद्रता का विरोध किया तो रात में उसे पेड़ से बांध कर उल्टा लटकाकर पूरी रात जमकर पीटा गया। सुबह जब उसकी हालत मरणासन्न हो गई तो वे हाथरस जिला अस्पताल ले गए।
वहां पर पूरे दिन पुलिस वाले तय नहीं कर पाए कि इस हालत में कहां ले जाएं। इसके बाद शुक्रवार की शाम को शिव नारायण को अलीगढ़ जिला कारागार लाया गया। यहां पर जेल के डाक्टर ने जब उसकी ऐसी हालत देखी तो उसे अंदर लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। तब से वह यहीं भर्ती है। शनिवार को तय हुआ था कि उसका मेडिकल परीक्षण बोर्ड से कराया जाएगा।
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सोमवार को सीएमओ ने इस संबंध में सीएमएस को पत्र भी लिखा। मगर प्रकरण गैरजनपद का था, इसलिए मसला एडी तक पहुंचा। बाद में तय पाया गया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल से अवकाश पर हैं। इसके बाद उसे दीनदयाल अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टर ने उसका उपचार व पट्टी आदि कर दी। मगर पुलिस की मंशा के अनुरूप प्रपत्रों में यह नहीं दिखा पाए कि यह फिट है।
डॉक्टर ने यही कह दिया कि अब आप इसे कोर्ट ले जाएं तो ही बेतहर है। इसके बाद उसे सोमवार को भी कोर्ट में पेश नहीं किया गया। इस पर एसपी हाथरस धुले सुशील कुमार का कहना है कि अभी वह कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका है।
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जिला अस्पताल में भर्ती हाथरस के सादाबाद थाने में थर्ड डिग्री टार्चर का शिकार हुए वारंटी का सोमवार को भी मेडिकल परीक्षण नहीं हो सका। पुलिस टीम उसे सुबह से लेकर शाम तक इधर से उधर भटकती रही। मगर जो पुलिस चाह रही थी, वह डॉक्टर नहीं कर पाए। इसलिए उसका मेडिकल नहीं हो सका और कोर्ट में भी पेशी नहीं हो सकी। अब क्या होगा, इसका जवाब अधिकारी भी नहीं दे पा रहे हैं।
आरोप है कि हाथरस के सादाबाद थाने की पुलिस ने हत्या के आरोपी शिव नारायण उर्फ झुन्ना पुत्र पूरन चंद निवासी गढ़ उमरा, सादाबाद को वारंट जारी होने पर घर से उठाया और थाने लगे गए। यहां पर थाने में पुलिस वालों ने उससे गाली गलौज करते हुए कहा कि तेरी वजह से हमारा वेतन अदालत ने रोक दिया है। जब इस अभद्रता का विरोध किया तो रात में उसे पेड़ से बांध कर उल्टा लटकाकर पूरी रात जमकर पीटा गया। सुबह जब उसकी हालत मरणासन्न हो गई तो वे हाथरस जिला अस्पताल ले गए।
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वहां पर पूरे दिन पुलिस वाले तय नहीं कर पाए कि इस हालत में कहां ले जाएं। इसके बाद शुक्रवार की शाम को शिव नारायण को अलीगढ़ जिला कारागार लाया गया। यहां पर जेल के डाक्टर ने जब उसकी ऐसी हालत देखी तो उसे अंदर लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। तब से वह यहीं भर्ती है। शनिवार को तय हुआ था कि उसका मेडिकल परीक्षण बोर्ड से कराया जाएगा।
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सोमवार को सीएमओ ने इस संबंध में सीएमएस को पत्र भी लिखा। मगर प्रकरण गैरजनपद का था, इसलिए मसला एडी तक पहुंचा। बाद में तय पाया गया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल से अवकाश पर हैं। इसके बाद उसे दीनदयाल अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टर ने उसका उपचार व पट्टी आदि कर दी। मगर पुलिस की मंशा के अनुरूप प्रपत्रों में यह नहीं दिखा पाए कि यह फिट है।
डॉक्टर ने यही कह दिया कि अब आप इसे कोर्ट ले जाएं तो ही बेतहर है। इसके बाद उसे सोमवार को भी कोर्ट में पेश नहीं किया गया। इस पर एसपी हाथरस धुले सुशील कुमार का कहना है कि अभी वह कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका है।