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आधार बदलकर राशन खुर्दबुर्द करने के मामले में जांच शुरू
Updated Tue, 16 Oct 2018 02:16 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
अगस्त माह में प्रदेश के 43 जिलों में आधार कार्ड बदलकर गरीब उपभोक्ताओं का राशन खुर्द बुर्द करने के मामले में एसआईटी जांच होनी है। इससे पूर्व जिलास्तर पर मामले की जांच शुरू हो गई है। जनपद में तीन राशन की दुकानों पर हुए इस फर्जीवाड़े के मामले में जांच अधिकारी ने सोमवार को जिला पूर्ति अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक एवं कर्मचारियों के बयान लिये।
बताते चलें कि जनपद में तीन राशन की दुकानों से आधार कार्ड बदलकर उपभोक्ताओं का राशन खुर्द बुर्द हुआ था। इस मामले में सिविल लाइन थाने में जिला पूर्ति कार्यालय में तैनात आपरेटर पवन शर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इन तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच अधिकारी मुनेश बाबू तिवारी ने सोमवार को जिला पूर्ति कार्यालय पहुंच कर डीएसओ नीरज कुमार, पूर्ति निरीक्षक स्मृति गौतम और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किये। डीएसओ ने बताया कि आपरेटर पवन शर्मा प्रदेश में आधार कार्ड फीडिंग के लिए अधिकृत संस्था केडीएस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड का कर्मचारी था और वही एजेंसी उसे तनख्वाह देती थी। उसका विभाग से कोई लेना देना नहीं है। उसका काम आधार फीडिंग था। उनके बयान दर्ज कर लिये गए।
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अगस्त माह में प्रदेश के 43 जिलों में आधार कार्ड बदलकर गरीब उपभोक्ताओं का राशन खुर्द बुर्द करने के मामले में एसआईटी जांच होनी है। इससे पूर्व जिलास्तर पर मामले की जांच शुरू हो गई है। जनपद में तीन राशन की दुकानों पर हुए इस फर्जीवाड़े के मामले में जांच अधिकारी ने सोमवार को जिला पूर्ति अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक एवं कर्मचारियों के बयान लिये।
बताते चलें कि जनपद में तीन राशन की दुकानों से आधार कार्ड बदलकर उपभोक्ताओं का राशन खुर्द बुर्द हुआ था। इस मामले में सिविल लाइन थाने में जिला पूर्ति कार्यालय में तैनात आपरेटर पवन शर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इन तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच अधिकारी मुनेश बाबू तिवारी ने सोमवार को जिला पूर्ति कार्यालय पहुंच कर डीएसओ नीरज कुमार, पूर्ति निरीक्षक स्मृति गौतम और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किये। डीएसओ ने बताया कि आपरेटर पवन शर्मा प्रदेश में आधार कार्ड फीडिंग के लिए अधिकृत संस्था केडीएस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड का कर्मचारी था और वही एजेंसी उसे तनख्वाह देती थी। उसका विभाग से कोई लेना देना नहीं है। उसका काम आधार फीडिंग था। उनके बयान दर्ज कर लिये गए।
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