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गरीब कन्या की शादी में आड़े आया दहेज
Updated Fri, 20 Apr 2018 02:24 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के सासनी गेट कृष्णापुरी मठिया इलाके की एक गरीब मजदूर परिवार की बेटी की शादी के आड़े दहेज आ गया है। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि शादी से एक दिन पहले हल्दी लगी बेटी की शादी की तैयारियों में जुटे परिवार को फरियाद लेकर थाने तक जाना पड़ा। घंटों माथा पच्ची के बाद भी कोई नतीजा न निकला। फिलहाल कुछ लोगों की मध्यस्तथा पर थाने से बाहर दोनों परिवार वार्ता की बात कहकर चले गए और शुक्रवार सुबह तक कोई निर्णय सामने आने की बात कही गई है।
वाकया इस तरह है कि मजदूर उमाशंकर की दो बेटियों में बड़ी की शादी आर्य नगर क्वार्सी निवासी युवक से तय हुई। तय डेढ़ लाख रुपये दहेज में से दो किश्तों में 90 हजार रुपये भी युवक पक्ष को दे दिए गए।
शादी 20 अप्रैल यानी शुक्रवार को होनी है। इससे दो दिन पहले युवक पक्ष की 5 लाख की डिमांड ने होश उड़ा दिए। वरना शादी न करने का फरमान सुना दिया। कुल मिलाकर पीड़ित परिवार पूर्व मेयर शकुंतला भारती संग थाने पहुंचा।
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युवक पक्ष को बुला लिया गया। कई घंटे माथा पच्ची व पुलिस कार्रवाई की धमकी के बाद युवक का पिता यह कह गया कि वह परिवार में विमर्श करके सुबह तक निर्णय ले लेगा। तब जाकर दोनों परिवार वहां से गए। इंस्पेक्टर क्वार्सी राघवेंद्र सिंह के अनुसार कुछ मध्यस्थों ने थाने से बाहर वार्ता का प्रस्ताव रखा है। वह दोनों जो तय होगा, उसकी सूचना दे देंगे। अगर युवती परिवार कार्रवाई चाहेगा तो की जाएगी।
आखिर किस माननीय ने की दखलंदाजी
इस प्रकरण में एक माननीय की दखलंदाजी की चर्चा जोरों पर हैं। हालांकि प्रकरण से जुड़ा हर व्यक्ति कुछ भी कहने से बच रहा है। कहा गया है कि किसी सत्ताधारी माननीय ने यह कहकर युवक पक्ष का समर्थन किया कि वह इन दोनों में समझौता करा देंगे। इस दखलंदाजी के बाद दोनों पक्षों में थाने से बाहर वार्ता की बात तय हुई है।
किस हाल में बेटी का सामना करेंगे मां-बाप
इस मामले में जब कोई बात न बनती दिखी और दोनों पक्ष थाने से जा रहे थे तो मां-बाप रोते हुए यही कह रहे थे कि अगर सुबह तक भी बात न बनी तो वह बेटी का सामना क्या कहकर करेंगे। बेटी हल्दी लगी हुई घर में बैठी है।
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महानगर के सासनी गेट कृष्णापुरी मठिया इलाके की एक गरीब मजदूर परिवार की बेटी की शादी के आड़े दहेज आ गया है। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि शादी से एक दिन पहले हल्दी लगी बेटी की शादी की तैयारियों में जुटे परिवार को फरियाद लेकर थाने तक जाना पड़ा। घंटों माथा पच्ची के बाद भी कोई नतीजा न निकला। फिलहाल कुछ लोगों की मध्यस्तथा पर थाने से बाहर दोनों परिवार वार्ता की बात कहकर चले गए और शुक्रवार सुबह तक कोई निर्णय सामने आने की बात कही गई है।
वाकया इस तरह है कि मजदूर उमाशंकर की दो बेटियों में बड़ी की शादी आर्य नगर क्वार्सी निवासी युवक से तय हुई। तय डेढ़ लाख रुपये दहेज में से दो किश्तों में 90 हजार रुपये भी युवक पक्ष को दे दिए गए।
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शादी 20 अप्रैल यानी शुक्रवार को होनी है। इससे दो दिन पहले युवक पक्ष की 5 लाख की डिमांड ने होश उड़ा दिए। वरना शादी न करने का फरमान सुना दिया। कुल मिलाकर पीड़ित परिवार पूर्व मेयर शकुंतला भारती संग थाने पहुंचा।
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युवक पक्ष को बुला लिया गया। कई घंटे माथा पच्ची व पुलिस कार्रवाई की धमकी के बाद युवक का पिता यह कह गया कि वह परिवार में विमर्श करके सुबह तक निर्णय ले लेगा। तब जाकर दोनों परिवार वहां से गए। इंस्पेक्टर क्वार्सी राघवेंद्र सिंह के अनुसार कुछ मध्यस्थों ने थाने से बाहर वार्ता का प्रस्ताव रखा है। वह दोनों जो तय होगा, उसकी सूचना दे देंगे। अगर युवती परिवार कार्रवाई चाहेगा तो की जाएगी।
आखिर किस माननीय ने की दखलंदाजी
इस प्रकरण में एक माननीय की दखलंदाजी की चर्चा जोरों पर हैं। हालांकि प्रकरण से जुड़ा हर व्यक्ति कुछ भी कहने से बच रहा है। कहा गया है कि किसी सत्ताधारी माननीय ने यह कहकर युवक पक्ष का समर्थन किया कि वह इन दोनों में समझौता करा देंगे। इस दखलंदाजी के बाद दोनों पक्षों में थाने से बाहर वार्ता की बात तय हुई है।
किस हाल में बेटी का सामना करेंगे मां-बाप
इस मामले में जब कोई बात न बनती दिखी और दोनों पक्ष थाने से जा रहे थे तो मां-बाप रोते हुए यही कह रहे थे कि अगर सुबह तक भी बात न बनी तो वह बेटी का सामना क्या कहकर करेंगे। बेटी हल्दी लगी हुई घर में बैठी है।