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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   28 lakh worth of embezzlement in Lootakand

लूटकांड में 28 लाख के गबन का अंदेशा

Thu, 27 Jul 2017 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Thu, 27 Jul 2017 01:31 AM IST
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धनीपुर मंडी गेट के ठीक सामने आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम के बाहर कैश वैन के गार्ड की हत्या कर 34.50 लाख की लूट का खुलासा कर पुलिस राहत में जरूर आई है। मगर तहकीकात अब भी जारी है। जद में सीएमएस कंपनी के वे कर्मचारी हैं, जो लूटी गई रकम को 62 लाख बता रहे थे, जबकि बदमाशों ने 34.50 लाख लूटना स्वीकारा है।
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उसमें भी 50 हजार घायल किए गए कस्टोडियन कलामुद्दीन की जेब से निकाले थे। पुलिस का सवाल है कि कलामुद्दीन ने अपनी जेब से लूटे गए 50 हजार का जिक्र तहरीर में क्यों नहीं किया, न ही पूछताछ में पुलिस को बताया। क्या वह रकम किसी गोलमाल से जुड़ी थी। अंदेशा है कि कहीं सीएमएस के कर्मचारियों ने 28 लाख का कोई गोलमाल तो नहीं कर रखा और उसे जोड़कर लूटी गई रकम 62 लाख बता रहे हों। 
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17 जुलाई की दोपहर सिक्योरिटी गार्ड राकेश मिश्रा की हत्या कर इस लूट को अंजाम दिया गया था। पहले दिन बताया गया कि एक बैग में 9 और दूसरे में 25 लाख रुपये थे। तीसरे दिन अचानक कैश को बैंक से एटीएम तक पहुंचाने वाली सीएमएस कंपनी का स्टाफ 62 लाख की लूट का शोर मचाने लगा।
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बताया कि 1.49 करोड़ बैंकों से लेकर चले थे। 42 लाख रुपया शेष मिला है, 45 लाख की रकम एटीएम में डाल दी। इस तरह 62 लाख लुट गया है। हालांकि वह लिखित में देने को तैयार नहीं थे और न मीडिया को इसकी जानकारी दी थी। 

अब जब लूट का खुलासा हो गया और बदमाशों ने स्वीकारा कि उन्होंने 34 लाख के दो बैग और कलामुद्दीन की जेब से 50 हजार लूटे थे, तो पुलिस के कान खड़े हो गए। बड़ा सवाल कि 12 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी करने वाले की जेब में इस तरह 50 हजार के नोट कहां से आए और किस उद्देश्य से रखे थे।

पुलिस ने तहकीकात शुरू कर दी है कि सीएमएस द्वारा ट्रांजेक्शन के दौरान कोई गोलमाल तो नहीं किया गया, और गोलमाल में गई 28 लाख की रकम को लूट से जोड़ा जा रहा हो। इसके लिए बाकायदा एक-एक एटीएम और एक-एक बैंक से मिलान भी कराया जाएगा। इधर सीएमएस प्रबंधन भ्‍ाी नए सिरे से तहरीर देने की तैयारी में है।

यह वाकई जांच का विषय है कि आखिर लूट की रकम 62 लाख क्यों बताई गई, जबकि लुटेरों ने खुलासे में 34.50 लाख रुपया लूटना स्वीकारा है। कस्टोडियन कलामुद्दीन की जेब के 50 हजार रुपये का उल्लेख न होना भी बड़ा सवाल है। मुकदमे की विवेचना में इसकी जांच कराई जाएगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  अतुल श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक नगर

तेज बनने के चक्कर में फंस गया रॉकी
इस वारदात में घटनास्थल के सामने वाले होटल पर काम करने वाला रॉकी उर्फ आदेश संदिग्ध के रूप में सामने आया। अगर वह वारदात के बाद मोबाइल बंद कर देता या अपराधियों से संपर्क न करता, तो शायद पुलिस उस तक न पहुंच पाती। दूसरा शक इस बात पर हुआ कि जब भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी मौके पर पहुंचते तो सबसे पहले रॉकी ही वहां प्रत्यक्षदर्शी बनकर खड़ा हो जाता।

उसके कान में ईयर फोन लगा होता और वह बार-बार एक ही कहानी दोहराता। साथ ही अपने साथियों को भी वह जानकारी देता रहता। उसने एडीजी तक को खुद मौके पर खड़े होकर जानकारी दी थी। 

जेल गए गिरफ्तार, फरार लुटेरों की तलाश
 पुलिस ने छह लुटेरों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से इन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं घटना में शामिल अन्य फरार लुटेरों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।  पुलिस की टीम बुलंदशहर के अलावा गिरफ्तार बदमाशों से मिले संभावित ठिकानों को निशाना बनाए हुए है।


सुमित ने अपराध के लिए ठुकराई पीएसी की नौकरी

कैश वैन लूटकांड के आरोपियों शामिल क्वारसी निवासी सुमित चौधरी शातिर अपराधी है और बाइकर्स गैंग के सदस्य बीनू कालिया का रिश्तेदार है, जो गैंगवार में मारा जा चुका है। सुमित को अपराध का चस्का इस कदर है कि उसने अपराध की दुनिया में रहने के लिए पीएसी की नौकरी तक ठुकरा दी थी। उसे नए युवाओं को अपराध की दुनियां में लाने में महारत हासिल है। 
 
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