{"_id":"5aecc95e4f1c1bb56a8b7c35","slug":"201525467486-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज रात 12 बजे तक बंद रहेंगी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आज रात 12 बजे तक बंद रहेंगी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं
Updated Sat, 05 May 2018 02:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील रहे अलीगढ़ ने कर्फ्यू की स्थिति कई बार झेली है, लेकिन वर्ष 1995 में इंटरनेट सेवा की देश में शुरुआत होने के बाद पहली बार शहर सायबर कर्फ्यू (इंटरनेट सेवा बंद) की चपेट में आया है। सोशल मीडिया फेस बुक, व्हाटस ऐप, इंस्टाग्राम और दूसरे माध्यम से एएमयू के जिन्ना प्रकरण को लेकर फैल रही अफवाहों और कमेंटबाजी को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने ये कदम उठाया है।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के आदेश पर सभी मोबाइल कंपनियों को शुक्रवार दोपहर दो बजे से शनिवार रात 12 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, ब्राडबैंड सेवाएं बंद करने का निर्देश दिया गया है। एडीएम सिटी एसबी सिंह ने बीएसएनएल और दूसरे सर्विस प्रोवाइडरों से इस आदेश पर अमल कराया।
सबसे पहले दोपहर दो बज कर 9 मिनट पर बीएसएनएल के मोबाइल उपभोक्ताओं की इंटरनेट सेवाएं बंद हुई इसके बाद शाम चार बजे तक लगभग सभी कंपनियों का मोबाइल इंटरनेट बंद हो गया। जिलाधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया की अफवाहों और अनावश्यक कमेंटबाजी को रोकने के लिए ये कदम उठाया गया है।
विज्ञापन
इस अभूतपूर्व स्थिति को लेकर शहर में व्यापक चर्चा रही। यह शहर में पहली बार हुआ था कि संचार माध्यमों पर प्रतिबंध लगाया गया। संचार के महत्व को देखते हुए ही शहर में कर्फ्यू की स्थिति में नगर प्रसारण सेवा की शुरुआत भी की गई थी।
लेकिन संचार का यही क्रांतिकारी माध्यम अब प्रशासन के लिए चुनौती के रूप में सामने आया है। अब तक यह देखा गया था कि एएमयू में हुए घटनाक्रम का शहर की स्थिति पर खास प्रभाव नहीं होता था। इसी तरह शहर में हुई किसी सांप्रदायिक घटना का सिविल लाइन वाले इलाके या एएमयू में कोई खास प्रभाव देखने को नहीं मिलता था।
गौर हो कि गुजरे 12 वर्ष से कर्फ्यू का कलंक शहर पर नहीं है। दूसरी ओर इंटरनेट की सेेवाएं बंद होने से व्यापारिक कामकाज और सूचनाओं के आदान प्रदान का काम भी व्यापक रूप से प्रभावित हुआ।
व्यापारिक काम में बिल का व्हाट्सएप, एप से पेमेंट का भुगतान, ई वालेट में पैसे का लेनदेन का काम बाधित हुआ। बीमा, ई टिकट बुकिंग, मैप लोकेशन, इंस्टेंट मैसेजिंग का काम भी बंद हो गया।
लोगों में इस बात की चर्चा रही कि भौतिक रूप से स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयासों के क्रम में प्रशासन का यह कदम कहीं लोगों में शंकाएं बढ़ाने वाला साबित न हो। हाल ही में एससी और एसटी आंदोलन के दौरान आगरा में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
बैंक और रेलवे में कार्य यथावत
रेल अपना रेलटेल नेटवर्क होने से रेलवे स्टेशन, आरक्षण बुकिंग और दूसरे काम सामान्य गति से चले। लेकिन यहां पर आम यात्रियों की सुविधाओं के लिए लगाए गई वाई फाई इंटरनेट सेवा बंद करा दी गई थी। बैंकिंग सेक्टर में भी इसका असर नहीं हुआ। बड़े स्तर की निजी कंपनियों का कामकाज भी अपने इंटरनेट माध्यम से ठीक ढंग से चला। जिससे मोबाइल नेट बंद होने का असर कम रहा। हालांकि कर्मचारियों के अपने मोबाइल इंटरनेट नहीं चलने से दिक्कत हुई।
ई वे बिल ऑन लाइन टिकट
इंटरनेट सेवाएं बंद होने से ई वे बिल, ऑनलाइन टिकट बुकिंग, ई वालेट से भुगतान, दुकानों की खरीद बिक्री के बिल, सामानों के फोटो भेजने सहित सभी काम बंद हो गए हैं। दोपहर दो बजे से शाम सात बजे के बीच अधिकांश इंटरनेट सेवाएं ठप हो गई थीं। जिससे लाखों इंटरनेट उपभोक्ताओं को खासी टेंशन हुई।
लोग बोले.. शहर में क्या कर्फ्यू लगा है
मोबाइल इंटरनेट सेवाएं ठप होने से पूरे शहर में इस बात की चर्चाएं होने लगी कि कहीं शहर में कर्फ्यू तो नहीं लग गया है। पुराने शहर से एएमयू के कैंपस तक यही चर्चा होती रही।
जिला प्रशासन के निर्देश पर बीएसएनएल की मोबाइल इंटरनेट सेवाएं शुक्रवार दोपहर दो बजे से शनिवार रात 12 बजे तक बंद कर दी गई हैं। बैंकिंग, रेलवे और बड़े प्रतिष्ठानों के कामकाज के लिए इंटरनेट की सेवाएं यथावत हैं।
अशोक खरे, डीजीएम बीएसएनएल
दो मई को एएमयू छात्रों और हिंदूवादी संगठनों के मध्य हुए टकराव, पथराव एवं लाठीचार्ज के बाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट एवं बयानबाजी जारी है। इस स्थिति से निपटने के लिए महानगर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। शुक्रवार दोपहर दो बजे से 34 घंटे के लिए बीएसएनएल समेत अन्य मोबाइल कंपनियों की इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है। यह रोक शनिवार आज रात्रि 12 बजे तक जारी रहेगी। मोबाइल इंटरनेट सेवा के साथ ही इंटरनेट संबंधी सभी लूप लाइन एवं लीज लाइनों को भी निष्क्रिय एवं बंद करने के आदेश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में बीएसएनएल समेत कोई भी इंटरनेट सर्विस प्रदाता न तो कोई इंटरनेट सेवा प्रदान करेगा और न ही लूप लाइन अथवा लीज लाइन को सक्रिय रखेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर धारा 188 भारतीय दंड विधान संहिता के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी अलीगढ़
विज्ञापन
सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील रहे अलीगढ़ ने कर्फ्यू की स्थिति कई बार झेली है, लेकिन वर्ष 1995 में इंटरनेट सेवा की देश में शुरुआत होने के बाद पहली बार शहर सायबर कर्फ्यू (इंटरनेट सेवा बंद) की चपेट में आया है। सोशल मीडिया फेस बुक, व्हाटस ऐप, इंस्टाग्राम और दूसरे माध्यम से एएमयू के जिन्ना प्रकरण को लेकर फैल रही अफवाहों और कमेंटबाजी को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने ये कदम उठाया है।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के आदेश पर सभी मोबाइल कंपनियों को शुक्रवार दोपहर दो बजे से शनिवार रात 12 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, ब्राडबैंड सेवाएं बंद करने का निर्देश दिया गया है। एडीएम सिटी एसबी सिंह ने बीएसएनएल और दूसरे सर्विस प्रोवाइडरों से इस आदेश पर अमल कराया।
विज्ञापन
सबसे पहले दोपहर दो बज कर 9 मिनट पर बीएसएनएल के मोबाइल उपभोक्ताओं की इंटरनेट सेवाएं बंद हुई इसके बाद शाम चार बजे तक लगभग सभी कंपनियों का मोबाइल इंटरनेट बंद हो गया। जिलाधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया की अफवाहों और अनावश्यक कमेंटबाजी को रोकने के लिए ये कदम उठाया गया है।
विज्ञापन
इस अभूतपूर्व स्थिति को लेकर शहर में व्यापक चर्चा रही। यह शहर में पहली बार हुआ था कि संचार माध्यमों पर प्रतिबंध लगाया गया। संचार के महत्व को देखते हुए ही शहर में कर्फ्यू की स्थिति में नगर प्रसारण सेवा की शुरुआत भी की गई थी।
लेकिन संचार का यही क्रांतिकारी माध्यम अब प्रशासन के लिए चुनौती के रूप में सामने आया है। अब तक यह देखा गया था कि एएमयू में हुए घटनाक्रम का शहर की स्थिति पर खास प्रभाव नहीं होता था। इसी तरह शहर में हुई किसी सांप्रदायिक घटना का सिविल लाइन वाले इलाके या एएमयू में कोई खास प्रभाव देखने को नहीं मिलता था।
गौर हो कि गुजरे 12 वर्ष से कर्फ्यू का कलंक शहर पर नहीं है। दूसरी ओर इंटरनेट की सेेवाएं बंद होने से व्यापारिक कामकाज और सूचनाओं के आदान प्रदान का काम भी व्यापक रूप से प्रभावित हुआ।
व्यापारिक काम में बिल का व्हाट्सएप, एप से पेमेंट का भुगतान, ई वालेट में पैसे का लेनदेन का काम बाधित हुआ। बीमा, ई टिकट बुकिंग, मैप लोकेशन, इंस्टेंट मैसेजिंग का काम भी बंद हो गया।
लोगों में इस बात की चर्चा रही कि भौतिक रूप से स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयासों के क्रम में प्रशासन का यह कदम कहीं लोगों में शंकाएं बढ़ाने वाला साबित न हो। हाल ही में एससी और एसटी आंदोलन के दौरान आगरा में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
बैंक और रेलवे में कार्य यथावत
रेल अपना रेलटेल नेटवर्क होने से रेलवे स्टेशन, आरक्षण बुकिंग और दूसरे काम सामान्य गति से चले। लेकिन यहां पर आम यात्रियों की सुविधाओं के लिए लगाए गई वाई फाई इंटरनेट सेवा बंद करा दी गई थी। बैंकिंग सेक्टर में भी इसका असर नहीं हुआ। बड़े स्तर की निजी कंपनियों का कामकाज भी अपने इंटरनेट माध्यम से ठीक ढंग से चला। जिससे मोबाइल नेट बंद होने का असर कम रहा। हालांकि कर्मचारियों के अपने मोबाइल इंटरनेट नहीं चलने से दिक्कत हुई।
ई वे बिल ऑन लाइन टिकट
इंटरनेट सेवाएं बंद होने से ई वे बिल, ऑनलाइन टिकट बुकिंग, ई वालेट से भुगतान, दुकानों की खरीद बिक्री के बिल, सामानों के फोटो भेजने सहित सभी काम बंद हो गए हैं। दोपहर दो बजे से शाम सात बजे के बीच अधिकांश इंटरनेट सेवाएं ठप हो गई थीं। जिससे लाखों इंटरनेट उपभोक्ताओं को खासी टेंशन हुई।
लोग बोले.. शहर में क्या कर्फ्यू लगा है
मोबाइल इंटरनेट सेवाएं ठप होने से पूरे शहर में इस बात की चर्चाएं होने लगी कि कहीं शहर में कर्फ्यू तो नहीं लग गया है। पुराने शहर से एएमयू के कैंपस तक यही चर्चा होती रही।
जिला प्रशासन के निर्देश पर बीएसएनएल की मोबाइल इंटरनेट सेवाएं शुक्रवार दोपहर दो बजे से शनिवार रात 12 बजे तक बंद कर दी गई हैं। बैंकिंग, रेलवे और बड़े प्रतिष्ठानों के कामकाज के लिए इंटरनेट की सेवाएं यथावत हैं।
अशोक खरे, डीजीएम बीएसएनएल
दो मई को एएमयू छात्रों और हिंदूवादी संगठनों के मध्य हुए टकराव, पथराव एवं लाठीचार्ज के बाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट एवं बयानबाजी जारी है। इस स्थिति से निपटने के लिए महानगर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। शुक्रवार दोपहर दो बजे से 34 घंटे के लिए बीएसएनएल समेत अन्य मोबाइल कंपनियों की इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है। यह रोक शनिवार आज रात्रि 12 बजे तक जारी रहेगी। मोबाइल इंटरनेट सेवा के साथ ही इंटरनेट संबंधी सभी लूप लाइन एवं लीज लाइनों को भी निष्क्रिय एवं बंद करने के आदेश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में बीएसएनएल समेत कोई भी इंटरनेट सर्विस प्रदाता न तो कोई इंटरनेट सेवा प्रदान करेगा और न ही लूप लाइन अथवा लीज लाइन को सक्रिय रखेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर धारा 188 भारतीय दंड विधान संहिता के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी अलीगढ़