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बीटेक छात्र--गगन की मौत की लोकल खबर
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
मथुरा के शिक्षण संस्थान से बीटेक की पढ़ाई कर रहा गगन अग्रवाल परिवार में सबका चहेता था। 26 जनवरी को उसकी मां-पिता की शादी की सालगिरह थी। परिजनों के अनुसार रात 12 बजते ही दोनों को उसने शादी की सालगिरह की बधाई दी थी। साथ ही पार्टी लेने का भी वादा किया था। मगर, किसे पता था कि उसके दिमाग में जीवन की लीला को ही समाप्त करने की कहानी भी दौड़ रही थी। गगन के परिजनों के मुताबिक वह परिवार में किसी से भी कभी लड़ाई-झगड़ा नहीं करता था। हमेशा चुलबुले अंदाज में रहता था। न जाने कौन सी ऐसी बात थी जो उसे मौत के आगोश में लेकर चली गई। घटना के बाद से गगन की मां और अलीगढ़ मुुस्लिम विवि से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही उसकी बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।
देर रात ही किया शव का अंतिम संस्कार
गगन की मौत की खबर लगते ही परिजन उसका शव लेने शाम को ही शिक्षण संस्थान पहुंच गए। यहां से परिजन रात को उसका शव लेकर घर आए। बेटे का शव देख मां सहित घर की अन्य महिलाएं बिलख पड़ीं। माहौल बेहद गमगीन हो गया। देर रात को ही परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गए। रविवार को गगन के घर रिश्तेदारों की भीड़ रही। हर कोई उसके इस कदम से हैरान था।
शिक्षक हैं गगन के पिता
गगन के पिता देवेंद्र सिंह बाजरु निकट कमालपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर तैनात हैं। वह गगन को भी पढ़ा लिखाकर इंजीनियर बनाना चाहते थे।
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मथुरा के शिक्षण संस्थान से बीटेक की पढ़ाई कर रहा गगन अग्रवाल परिवार में सबका चहेता था। 26 जनवरी को उसकी मां-पिता की शादी की सालगिरह थी। परिजनों के अनुसार रात 12 बजते ही दोनों को उसने शादी की सालगिरह की बधाई दी थी। साथ ही पार्टी लेने का भी वादा किया था। मगर, किसे पता था कि उसके दिमाग में जीवन की लीला को ही समाप्त करने की कहानी भी दौड़ रही थी। गगन के परिजनों के मुताबिक वह परिवार में किसी से भी कभी लड़ाई-झगड़ा नहीं करता था। हमेशा चुलबुले अंदाज में रहता था। न जाने कौन सी ऐसी बात थी जो उसे मौत के आगोश में लेकर चली गई। घटना के बाद से गगन की मां और अलीगढ़ मुुस्लिम विवि से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही उसकी बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।
देर रात ही किया शव का अंतिम संस्कार
गगन की मौत की खबर लगते ही परिजन उसका शव लेने शाम को ही शिक्षण संस्थान पहुंच गए। यहां से परिजन रात को उसका शव लेकर घर आए। बेटे का शव देख मां सहित घर की अन्य महिलाएं बिलख पड़ीं। माहौल बेहद गमगीन हो गया। देर रात को ही परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गए। रविवार को गगन के घर रिश्तेदारों की भीड़ रही। हर कोई उसके इस कदम से हैरान था।
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शिक्षक हैं गगन के पिता
गगन के पिता देवेंद्र सिंह बाजरु निकट कमालपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर तैनात हैं। वह गगन को भी पढ़ा लिखाकर इंजीनियर बनाना चाहते थे।