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भाजपा नेता को लिया हिरासत में, विधायक ने छुड़वाया
Updated Thu, 18 Oct 2018 01:54 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
महानगर के नौरंगाबाद स्थित एक मंदिर से सटी भूमि पर मंगलवार शाम हुए हंगामे के बाद नगर निगम द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में बुधवार देर शाम पुलिस ने नामजद भाजपा नेता अविनाश गौड़ सहित दो लोगों को हिरासत में ले लिया। इस खबर पर तमाम भाजपाई हरकत में आ गए और खुद कोल विधायक अनिल पाराशर सहित भाजपाई थाने पहुंच गए। जहां पुलिस अधिकारियों के समक्ष इस कार्रवाई को गलत करार देते हुए दोनों की रिहाई की बात रखी। बाद में विधायक के हस्तक्षेप पर दोनों को थाने से छोड़ा गया और विधायक इन दोनों को थाने से लेकर आए। अब अधिकारी मामले में जांच व तथ्य एकत्रित करने की बात कह रहे हैं।
नगर निगम और रामचंद कपलेश्वर जी मंदिर कमेटी के मध्य मंगलवार शाम हुए विवाद के बाद राजस्व निरीक्षक की ओर से एक मुकदमा मंदिर सोसाइटी के उपमंत्री प्रियव्रत मिश्रा, भाजपा नेता अविनाश गौड़, कुंवरपाल शर्मा, अश्वनी शर्मा व एक अज्ञात के खिलाफ गांधीपार्क थाने में दर्ज कराया गया है। इसके बाद वहां एहतियातन फोर्स तैनात कर दी गई। इसी मुकदमे में कार्रवाई करते हुए बुधवार शाम थाना पुलिस अविनाश गौड़ व अश्वनी शर्मा को हिरासत में लेकर थाने पहुंच गई। यह खबर कुछ ही देर में भाजपाइयों में फैल गई। चूंकि खुद कोल विधायक अनिल पाराशर भी उसी मोहल्ले में रहते हैं तो उन तक भी बात पहुंची तो भाजपाइयों संग वह भी थाने पहुंचे। थाने से ही उन्होंने जिले के आला अधिकारियों से बातचीत की और जांच होने तक इन दोनों को छोड़ने का तर्क रखा। यह भी कहा कि जब मसला अदालत में है तो अदालत से मालिकाना हक भी तय होने दिया जाए। विधायक की दलील पर दोनों को छोड़ दिया गया। एसएसपी अजय कुमार साहनी के अनुसार दोनों को मुकदमे में नामजद होने के चलते हिरासत में लिया गया था। विधायक ने जांच पूरी होने तक की बात रखी है, इसलिए फिलहाल दोनों को जाने दिया गया है।
-भूमि विवाद क्या है, इससे मेरा कोई मतलब नहीं, यह अदालत तय करेगी। मगर अविनाश गौड़ हमारी पार्टी के नेता हैं और पड़ोसी भी हैं। इसी नाते मैंने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से जांच पूरी होने तक गिरफ्तारी न होने की बात रखी है। जांच के आधार पर जो तय होगा, उसके अनुसार विधिक कार्रवाई कराई जाएगी।-अनिल पाराशर विधायक कोल
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किस नेता ने बनवाईं प्लाट पर दुकानें
जिस प्लाट को लेकर यह विवाद पैदा हुआ है, वहां कुछ दुकानें भी बनी हुई थीं। इन्हें लेकर कहा जा रहा है कि यह दुकानें किसी नेता ने बनवाई थीं। अब वह नेता कौन है, इसे लेकर पुलिस प्रशासनिक टीम जांच कर रही है। कहा जा रहा है कि उसी नेता ने कब्जे के इरादे से दुकानें बनवाई थीं।
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महानगर के नौरंगाबाद स्थित एक मंदिर से सटी भूमि पर मंगलवार शाम हुए हंगामे के बाद नगर निगम द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में बुधवार देर शाम पुलिस ने नामजद भाजपा नेता अविनाश गौड़ सहित दो लोगों को हिरासत में ले लिया। इस खबर पर तमाम भाजपाई हरकत में आ गए और खुद कोल विधायक अनिल पाराशर सहित भाजपाई थाने पहुंच गए। जहां पुलिस अधिकारियों के समक्ष इस कार्रवाई को गलत करार देते हुए दोनों की रिहाई की बात रखी। बाद में विधायक के हस्तक्षेप पर दोनों को थाने से छोड़ा गया और विधायक इन दोनों को थाने से लेकर आए। अब अधिकारी मामले में जांच व तथ्य एकत्रित करने की बात कह रहे हैं।
नगर निगम और रामचंद कपलेश्वर जी मंदिर कमेटी के मध्य मंगलवार शाम हुए विवाद के बाद राजस्व निरीक्षक की ओर से एक मुकदमा मंदिर सोसाइटी के उपमंत्री प्रियव्रत मिश्रा, भाजपा नेता अविनाश गौड़, कुंवरपाल शर्मा, अश्वनी शर्मा व एक अज्ञात के खिलाफ गांधीपार्क थाने में दर्ज कराया गया है। इसके बाद वहां एहतियातन फोर्स तैनात कर दी गई। इसी मुकदमे में कार्रवाई करते हुए बुधवार शाम थाना पुलिस अविनाश गौड़ व अश्वनी शर्मा को हिरासत में लेकर थाने पहुंच गई। यह खबर कुछ ही देर में भाजपाइयों में फैल गई। चूंकि खुद कोल विधायक अनिल पाराशर भी उसी मोहल्ले में रहते हैं तो उन तक भी बात पहुंची तो भाजपाइयों संग वह भी थाने पहुंचे। थाने से ही उन्होंने जिले के आला अधिकारियों से बातचीत की और जांच होने तक इन दोनों को छोड़ने का तर्क रखा। यह भी कहा कि जब मसला अदालत में है तो अदालत से मालिकाना हक भी तय होने दिया जाए। विधायक की दलील पर दोनों को छोड़ दिया गया। एसएसपी अजय कुमार साहनी के अनुसार दोनों को मुकदमे में नामजद होने के चलते हिरासत में लिया गया था। विधायक ने जांच पूरी होने तक की बात रखी है, इसलिए फिलहाल दोनों को जाने दिया गया है।
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-भूमि विवाद क्या है, इससे मेरा कोई मतलब नहीं, यह अदालत तय करेगी। मगर अविनाश गौड़ हमारी पार्टी के नेता हैं और पड़ोसी भी हैं। इसी नाते मैंने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से जांच पूरी होने तक गिरफ्तारी न होने की बात रखी है। जांच के आधार पर जो तय होगा, उसके अनुसार विधिक कार्रवाई कराई जाएगी।-अनिल पाराशर विधायक कोल
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किस नेता ने बनवाईं प्लाट पर दुकानें
जिस प्लाट को लेकर यह विवाद पैदा हुआ है, वहां कुछ दुकानें भी बनी हुई थीं। इन्हें लेकर कहा जा रहा है कि यह दुकानें किसी नेता ने बनवाई थीं। अब वह नेता कौन है, इसे लेकर पुलिस प्रशासनिक टीम जांच कर रही है। कहा जा रहा है कि उसी नेता ने कब्जे के इरादे से दुकानें बनवाई थीं।