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एक साथ आए चाचा-भतीजी के शव, मचा कोहराम
Updated Thu, 28 Jun 2018 02:32 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के दुबे पड़ाव सराय दीनदयाल माली वाली गली से गंगा स्नान को गए परिवार में से चाचा-भतीजी की मौत की खबर से पूरा इलाका शोक में डूब गया। जब दोपहर बाद दोनों के शवों को यहां लाया गया तो परिवार में कोहराम मचा रहा। बाद में परिजनों ने शवों का एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया।
गैस हॉकर के रूप में काम करने वाले धूपेंद्र कुमार पुत्र किशन सिंह मूल रूप से चंडौस के गांव एलमपुरा के रहने वाले थे। उनके गांव में धार्मिक आयोजन हुआ था, जिसकी वजह से भंडारे के बाद पूरा परिवार गंगास्नान को नरौरा गया था। यह लोग सुबह करीब 4 बजे यहां से मिनी बस से रवाना हुए और 6 बजे वहां पहुंच गए।
इस दौरान आगरा के गैलाना में रहने वाले गैस हॉकर भाई बच्चू सिंह का परिवार भी आयोजन में शामिल होने आया था। दोपहर करीब 10 बजे यहां जब धूपेंद्र व उसकी भतीजी कुमकुम पुत्री बच्चू सिंह की डूबने से मौत की खबर यहां आई तो परिवार में कोहराम मच गया। दोपहर बाद दोनों शव पहुंचने पर सबसे ज्यादा बुरा हाल महिलाओं का था। इलाके के लोग उन्हें संभाल नहीं पा रहे थे।
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आनन-फानन शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। इलाके के लोगों के अनुसार धूपेंद्र अपने पीछे पत्नी ममता के अलावा तीन बच्चे मीनाक्षी, अंश व राघव छोड़ गया है, जबकि बच्चू सिंह के चार बच्चों में कुमकुम तीसरे नंबर की थी।
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महानगर के दुबे पड़ाव सराय दीनदयाल माली वाली गली से गंगा स्नान को गए परिवार में से चाचा-भतीजी की मौत की खबर से पूरा इलाका शोक में डूब गया। जब दोपहर बाद दोनों के शवों को यहां लाया गया तो परिवार में कोहराम मचा रहा। बाद में परिजनों ने शवों का एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया।
गैस हॉकर के रूप में काम करने वाले धूपेंद्र कुमार पुत्र किशन सिंह मूल रूप से चंडौस के गांव एलमपुरा के रहने वाले थे। उनके गांव में धार्मिक आयोजन हुआ था, जिसकी वजह से भंडारे के बाद पूरा परिवार गंगास्नान को नरौरा गया था। यह लोग सुबह करीब 4 बजे यहां से मिनी बस से रवाना हुए और 6 बजे वहां पहुंच गए।
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इस दौरान आगरा के गैलाना में रहने वाले गैस हॉकर भाई बच्चू सिंह का परिवार भी आयोजन में शामिल होने आया था। दोपहर करीब 10 बजे यहां जब धूपेंद्र व उसकी भतीजी कुमकुम पुत्री बच्चू सिंह की डूबने से मौत की खबर यहां आई तो परिवार में कोहराम मच गया। दोपहर बाद दोनों शव पहुंचने पर सबसे ज्यादा बुरा हाल महिलाओं का था। इलाके के लोग उन्हें संभाल नहीं पा रहे थे।
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आनन-फानन शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। इलाके के लोगों के अनुसार धूपेंद्र अपने पीछे पत्नी ममता के अलावा तीन बच्चे मीनाक्षी, अंश व राघव छोड़ गया है, जबकि बच्चू सिंह के चार बच्चों में कुमकुम तीसरे नंबर की थी।