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आय है नहीं, कैसे लगेंगे वॉइस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे
Updated Tue, 16 Oct 2018 02:16 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद ने सोमवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर वॉइस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने में असमर्थता जताई है।
यहां परिषद के पदाधिकारियों ने डीआईओएस को अवगत कराया कि सभी विद्यालय नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए संकल्पित हैं। पिछले वर्ष शासन के निर्देश पर वित्तीय कठिनाई होने के बावजूद कैमरे लगा लिए गए। इस बार वॉइस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे के आदेश आए हैं। जोकि संभव नहीं हो पा रहा है। कहा कि कक्षा छह से आठ तक निशुल्क शिक्षा है। जबकि कक्षा नौ से 12 तक का फीर्स निर्धारण बहुत पुराना है। जो वर्तमान व्ययों को पूर्ण करने में सक्षम नहीं है। वहीं सभी विद्यालयों का विद्युत कनेक्शन व्यावसायिक कर दिया गया है। इससे संस्थाएं विद्युत बिलों के बोझ के नीचे भी दबी हुई हैं। परिषद ने दोबारा से वॉइस रिर्काडर वाले कैमरे लगवाने की असमर्थता जताते हुए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा से मार्गदर्शन मांगा है। साथ ही कहा है कि यह आदेश बिना वित्तीय मदद के अमल में नहीं लाया जा सकता है।
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उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद ने सोमवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर वॉइस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने में असमर्थता जताई है।
यहां परिषद के पदाधिकारियों ने डीआईओएस को अवगत कराया कि सभी विद्यालय नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए संकल्पित हैं। पिछले वर्ष शासन के निर्देश पर वित्तीय कठिनाई होने के बावजूद कैमरे लगा लिए गए। इस बार वॉइस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे के आदेश आए हैं। जोकि संभव नहीं हो पा रहा है। कहा कि कक्षा छह से आठ तक निशुल्क शिक्षा है। जबकि कक्षा नौ से 12 तक का फीर्स निर्धारण बहुत पुराना है। जो वर्तमान व्ययों को पूर्ण करने में सक्षम नहीं है। वहीं सभी विद्यालयों का विद्युत कनेक्शन व्यावसायिक कर दिया गया है। इससे संस्थाएं विद्युत बिलों के बोझ के नीचे भी दबी हुई हैं। परिषद ने दोबारा से वॉइस रिर्काडर वाले कैमरे लगवाने की असमर्थता जताते हुए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा से मार्गदर्शन मांगा है। साथ ही कहा है कि यह आदेश बिना वित्तीय मदद के अमल में नहीं लाया जा सकता है।