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दिल्ली के संपर्क में है कश्मीर के कई छात्र
Updated Wed, 10 Jan 2018 01:21 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुछ छात्र दिल्ली के बड़े रणनीतिकारों के संपर्क में हैं। देश के शीर्ष रणनीतिकारों से पिछले वर्ष दिल्ली में कश्मीर की समस्याओं पर एक बैठक भी हुई थी।
एएमयू के शोध छात्र मन्नान बशीर वानी के प्रतिबंधित आतंकी संगठन में शामिल होने की खबर के बाद यहां पढ़ने वाले करीब दो हजार छात्र-छात्रों में घबराहट है। अधिकतर छात्रों को इस बात का दुख है कि मन्नान योग्य छात्र होते हुए भी उसने गलत राह चुनी है।
उसकी वजह से एएमयू पर दाग लगा है। बावजूद इसके छात्र दुआ कर रहे हैं कि अब भी मन्नान वापस आ जाए ताकि उसका कैरियर बर्बाद होने से बच सके। आशंका तो यह भी है कि कुछ अन्य छात्र भी गलत संगत के प्रभाव में हैं और उन्हें जल्द से जल्द चिह्नित कर काउंसलिंग की जरूरत है।
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हालांकि पुलिस एवं खुफिया विभाग के अधिकारी कश्मीर निवासी कुछ छात्रों से संवाद बनाए हुए हैं। चंद रोज पहले भी जिले के एक अधिकारी ने कश्मीर के कुछ छात्रों को बुलाकर बातचीत की थी। एएमयू के अधिकारी भी इनसे संपर्क बनाए हुए हैं।
एक छात्र का कहना है कि घबराहट के इस आलम में शीर्ष पुलिस अधिकारियों को चाहिए कि वह आगे आएं और कश्मीर के जेन्यून छात्रों को हिम्मत दें कि जो सही है, उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
पुलिस-प्रशासन उनके साथ है। छात्र का कहना है कि वे लोग एक बड़े रणनीतिकार से पिछले वर्ष दिल्ली में मिले थे और उनसे कश्मीर से संबंधित समस्याओं पर चर्चा हुई थी।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुछ छात्र दिल्ली के बड़े रणनीतिकारों के संपर्क में हैं। देश के शीर्ष रणनीतिकारों से पिछले वर्ष दिल्ली में कश्मीर की समस्याओं पर एक बैठक भी हुई थी।
एएमयू के शोध छात्र मन्नान बशीर वानी के प्रतिबंधित आतंकी संगठन में शामिल होने की खबर के बाद यहां पढ़ने वाले करीब दो हजार छात्र-छात्रों में घबराहट है। अधिकतर छात्रों को इस बात का दुख है कि मन्नान योग्य छात्र होते हुए भी उसने गलत राह चुनी है।
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उसकी वजह से एएमयू पर दाग लगा है। बावजूद इसके छात्र दुआ कर रहे हैं कि अब भी मन्नान वापस आ जाए ताकि उसका कैरियर बर्बाद होने से बच सके। आशंका तो यह भी है कि कुछ अन्य छात्र भी गलत संगत के प्रभाव में हैं और उन्हें जल्द से जल्द चिह्नित कर काउंसलिंग की जरूरत है।
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हालांकि पुलिस एवं खुफिया विभाग के अधिकारी कश्मीर निवासी कुछ छात्रों से संवाद बनाए हुए हैं। चंद रोज पहले भी जिले के एक अधिकारी ने कश्मीर के कुछ छात्रों को बुलाकर बातचीत की थी। एएमयू के अधिकारी भी इनसे संपर्क बनाए हुए हैं।
एक छात्र का कहना है कि घबराहट के इस आलम में शीर्ष पुलिस अधिकारियों को चाहिए कि वह आगे आएं और कश्मीर के जेन्यून छात्रों को हिम्मत दें कि जो सही है, उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
पुलिस-प्रशासन उनके साथ है। छात्र का कहना है कि वे लोग एक बड़े रणनीतिकार से पिछले वर्ष दिल्ली में मिले थे और उनसे कश्मीर से संबंधित समस्याओं पर चर्चा हुई थी।