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बालिका वधू बनने से बचाई किशोरी को सीडब्ल्यूसी ने परिवार के सुपुर्द किया
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
शनिवार रात को खैर के मैरिज होम मेें सजे मंडप में बालिका वधू बनने से बचाई किशोरी को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने सोमवार को परिवार के सुपुर्द किया। आयोग की अध्यक्ष ने पिता को सख्त हिदायत दी कि अगर बालिग होने से पहले किशोरी का विवाह कराया तो मुकदमा दर्ज करा जेल भिजवा देंगे। साथ ही लड़के के पिता को भी सतर्क करते हुए कहा कि दो साल से पहले किशोरी से शादी की तो लड़के सहित पूरे परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बाल अधिकार आयोग की अध्यक्ष नीरा वार्ष्णेय ने बताया कि खैर के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी का विवाह कराया जा रहा था। इसकी सूचना किसी ने 181 की टीम को दी। टीम मौके पर पहुंचकर किशोरी को वहां से ले आई थी। दो दिन से किशोरी चाइल्ड लाइन टीम के पास थी। सोमवार को लड़के और किशोरी के परिजनों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया।
उन्हें सख्त हिदायत देकर लिखित माफीनामा लिखाने के बाद छोड़ किशोरी उनकी सुपुर्दगी में दी गई है। इधर, लड़के केे परिवार ने आश्वासन दिया है कि वह दो साल बाद ही लड़की से बेटे की शादी कराएंगे। काउंसलिंग करने वाली टीम में आशा ज्योति केंद्र की संरक्षण अधिकारी हितेश कुमारी, आयोग के सदस्य मटरूमल, अजय सक्सेना, पदमारानी, साधना गुप्ता शामिल रहे।
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शनिवार रात को खैर के मैरिज होम मेें सजे मंडप में बालिका वधू बनने से बचाई किशोरी को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने सोमवार को परिवार के सुपुर्द किया। आयोग की अध्यक्ष ने पिता को सख्त हिदायत दी कि अगर बालिग होने से पहले किशोरी का विवाह कराया तो मुकदमा दर्ज करा जेल भिजवा देंगे। साथ ही लड़के के पिता को भी सतर्क करते हुए कहा कि दो साल से पहले किशोरी से शादी की तो लड़के सहित पूरे परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बाल अधिकार आयोग की अध्यक्ष नीरा वार्ष्णेय ने बताया कि खैर के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी का विवाह कराया जा रहा था। इसकी सूचना किसी ने 181 की टीम को दी। टीम मौके पर पहुंचकर किशोरी को वहां से ले आई थी। दो दिन से किशोरी चाइल्ड लाइन टीम के पास थी। सोमवार को लड़के और किशोरी के परिजनों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया।
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उन्हें सख्त हिदायत देकर लिखित माफीनामा लिखाने के बाद छोड़ किशोरी उनकी सुपुर्दगी में दी गई है। इधर, लड़के केे परिवार ने आश्वासन दिया है कि वह दो साल बाद ही लड़की से बेटे की शादी कराएंगे। काउंसलिंग करने वाली टीम में आशा ज्योति केंद्र की संरक्षण अधिकारी हितेश कुमारी, आयोग के सदस्य मटरूमल, अजय सक्सेना, पदमारानी, साधना गुप्ता शामिल रहे।
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