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पत्नी ने प्रेमी से मिलकर कराई हरेंद्र की हत्या-ᄋᄂ₩ᅦU¢₩
Updated Thu, 25 Jan 2018 02:52 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अतरौली।
बीती 13 जनवरी को गांव कुंजलपुर में हुई डेयरी संचालक हरेंद्र की हत्या का खुलासा करते हुए बुधवार को पुलिस ने प्रेमी सहित उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इनसे सुपारी लेकर हत्या करने वाला एक शूटर भी पकड़ लिया गया है जबकि दूसरा अभी फरार है। हत्या के पीछे अवैध संबंधों के अलावा प्रापर्टी व बीमा के 85 लाख रुपये हड़पने की साजिश भी थी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त स्कार्पियो व तमंचे आदि भी बरामद कर लिए हैं।
एसएसपी राजेश पांडेय ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि हरेंद्र सिंह अपने गांव गहतौली निर्मल में डेयरी चलाता था। उसकी पत्नी अंजू देवी दो बेटियों के साथ अलीगढ़ में रहती थी। हरेंद्र के एक दोस्त गर्वित शर्मा पुत्र हरीलाल शर्मा का उसके घर आना-जाना था जिससे अंजू के अवैध संबंध हो गए।
गर्वित सिकंदराराऊ के गांव डंडेसरी का रहने वाला था पर अलीगढ़ के धनीपुर इलाके की शिवा कालोनी में रहकर स्कार्पियो को किराये पर चलाता था। जब इसकी भनक हरेंद्र को हुई तो उसने दोनों पर लगाम लगाने की कोशिश की। करीब एक माह पहले हरेंद्र ने अंजू को मारपीट कर घर से निकाल दिया। उस रात गर्वित अंजू और उसकी दोनों बेटियों को अपने साथ ले गया। उसने अलीगढ़ में ही अंजू के रहने का ठिकाना दिलाया।
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कुछ दिन बाद हरेंद्र को उसके ठिकाने का पता चल गया तो अंजू खुर्जा में रहने लगी। वहां अंजू और गर्वित दंपती की तरह रहने लगे। इसके बाद दोनों ने हरेंद्र को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इसके लिए गर्वित ने भाड़े के शूटरों बंटी उर्फ राजेश पुत्र नाथूराम शर्मा निवासी नमेनी कासगंज व नेकसे पुत्र बलवीर निवासी पहसोई कासगंज को तीन लाख रुपये में सुपारी दे दी। साजिश के तहत 13 जनवरी को अंजू ने गांव जाने का नाटक रचा।
अलीगढ़ से वह हरेंद्र के साथ गांव के लिए निकली। अंजू गांव पहुंच गई और हरेंद्र स्कूटी में पेट्रोल भरवाने चला गया। अंजू हरेंद्र की पूरी लोकेशन गर्वित को देती रही। गर्वित स्कार्पियो में दोनों शूटरों के साथ लेकर कुंजलपुर के निकट बाग के पास हरेंद्र की ताक में लग गया।
शाम करीब 7.30 बजे जैसे ही हरेंद्र वहां पहुंचा उसने स्कार्पियो से उसकी स्कूटी में टक्कर मार दी। इससे हरेंद्र गिर गया। दोनों शूटर उसे पकड़कर बाग के अंदर ले गए और वहां गोली मारकर व मफलर से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद सभी अलीगढ़ लौट गए। पुलिस इस मामले में पत्नी के मोबाइल की कॉल डिटेल के जरिये हत्यारों तक पहुंची। पुलिस ने अंजू, गर्वित और बंटी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नेकसे फरार है। इस मौके पर एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह मौजूद रहे।
बीमा की रकम मिलने में संशय
हरेंद्र के नाम एलआईसी में करीब 85 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी थी। इसमें अंजू नॉमिनी थी। इसके अलावा गांव में अच्छी खासी प्रापर्टी है। खुर्जा व अलीगढ़ में भी हरेंद्र के कई प्लाट हैं। अंजू का उम्मीद थी कि हरेंद्र की हत्या के बाद सब कुछ उसका होगा। लेकिन अंजू को बीमा की रकम मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। एसआईसी के शाखा प्रबंधक अमित रस्तोगी के मुताबिक यदि किसी केस में नॉमिनी हत्यारोपी है तो कोर्ट से दोषमुक्त होने के बाद ही बीमा की रकम उसे मिल सकती है।
ब्यूटी पार्लर से शुरू हुआ विवाद
अंजू अलीगढ़ में ब्यूटी पार्लर चलाती थी। अंजू का मानना था वहां आने वाली महिलाओं पर हरेंद्र की बुरी नजर रहती थी। इस कारण दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए थे।
बेटियों को साथ ले गई मौसी
हरेंद्र और अंजू की दो बेटियां चहक (7) व महक (3) हैं। पिता की हत्या व मां के जेल जाने के बाद दोनों बच्चियां एकदम अनाथ सी हो गई हैं। बच्चियों को फिलहाल अंजू की बहन अपने साथ ले गई है।
यह रहे पुलिस टीम में
हत्या का खुलासा करने वाली टीम में सीओ सुरेश कुमार मलिक, कोतवाल उत्तमचंद पटेल, एसएसआई सुनील कुमार, एसआई रितु तोमर, योगेंद्र सिंह, सर्विलांस प्रभारी अभय कुमार शर्मा, कांस्टेबल रघुराज सिंह, रामअवतार सिंह, सर्विलांस टीम महेंद्र प्रताप सिंह, सुखवीर सिंह, विनोद कुमार, सुभाष चंद्र, रिषीपाल सिंह, ज्ञानवीर, नीलम यादव, मनोज कुमार आदि थे।
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बीती 13 जनवरी को गांव कुंजलपुर में हुई डेयरी संचालक हरेंद्र की हत्या का खुलासा करते हुए बुधवार को पुलिस ने प्रेमी सहित उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इनसे सुपारी लेकर हत्या करने वाला एक शूटर भी पकड़ लिया गया है जबकि दूसरा अभी फरार है। हत्या के पीछे अवैध संबंधों के अलावा प्रापर्टी व बीमा के 85 लाख रुपये हड़पने की साजिश भी थी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त स्कार्पियो व तमंचे आदि भी बरामद कर लिए हैं।
एसएसपी राजेश पांडेय ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि हरेंद्र सिंह अपने गांव गहतौली निर्मल में डेयरी चलाता था। उसकी पत्नी अंजू देवी दो बेटियों के साथ अलीगढ़ में रहती थी। हरेंद्र के एक दोस्त गर्वित शर्मा पुत्र हरीलाल शर्मा का उसके घर आना-जाना था जिससे अंजू के अवैध संबंध हो गए।
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गर्वित सिकंदराराऊ के गांव डंडेसरी का रहने वाला था पर अलीगढ़ के धनीपुर इलाके की शिवा कालोनी में रहकर स्कार्पियो को किराये पर चलाता था। जब इसकी भनक हरेंद्र को हुई तो उसने दोनों पर लगाम लगाने की कोशिश की। करीब एक माह पहले हरेंद्र ने अंजू को मारपीट कर घर से निकाल दिया। उस रात गर्वित अंजू और उसकी दोनों बेटियों को अपने साथ ले गया। उसने अलीगढ़ में ही अंजू के रहने का ठिकाना दिलाया।
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कुछ दिन बाद हरेंद्र को उसके ठिकाने का पता चल गया तो अंजू खुर्जा में रहने लगी। वहां अंजू और गर्वित दंपती की तरह रहने लगे। इसके बाद दोनों ने हरेंद्र को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इसके लिए गर्वित ने भाड़े के शूटरों बंटी उर्फ राजेश पुत्र नाथूराम शर्मा निवासी नमेनी कासगंज व नेकसे पुत्र बलवीर निवासी पहसोई कासगंज को तीन लाख रुपये में सुपारी दे दी। साजिश के तहत 13 जनवरी को अंजू ने गांव जाने का नाटक रचा।
अलीगढ़ से वह हरेंद्र के साथ गांव के लिए निकली। अंजू गांव पहुंच गई और हरेंद्र स्कूटी में पेट्रोल भरवाने चला गया। अंजू हरेंद्र की पूरी लोकेशन गर्वित को देती रही। गर्वित स्कार्पियो में दोनों शूटरों के साथ लेकर कुंजलपुर के निकट बाग के पास हरेंद्र की ताक में लग गया।
शाम करीब 7.30 बजे जैसे ही हरेंद्र वहां पहुंचा उसने स्कार्पियो से उसकी स्कूटी में टक्कर मार दी। इससे हरेंद्र गिर गया। दोनों शूटर उसे पकड़कर बाग के अंदर ले गए और वहां गोली मारकर व मफलर से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद सभी अलीगढ़ लौट गए। पुलिस इस मामले में पत्नी के मोबाइल की कॉल डिटेल के जरिये हत्यारों तक पहुंची। पुलिस ने अंजू, गर्वित और बंटी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नेकसे फरार है। इस मौके पर एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह मौजूद रहे।
बीमा की रकम मिलने में संशय
हरेंद्र के नाम एलआईसी में करीब 85 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी थी। इसमें अंजू नॉमिनी थी। इसके अलावा गांव में अच्छी खासी प्रापर्टी है। खुर्जा व अलीगढ़ में भी हरेंद्र के कई प्लाट हैं। अंजू का उम्मीद थी कि हरेंद्र की हत्या के बाद सब कुछ उसका होगा। लेकिन अंजू को बीमा की रकम मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। एसआईसी के शाखा प्रबंधक अमित रस्तोगी के मुताबिक यदि किसी केस में नॉमिनी हत्यारोपी है तो कोर्ट से दोषमुक्त होने के बाद ही बीमा की रकम उसे मिल सकती है।
ब्यूटी पार्लर से शुरू हुआ विवाद
अंजू अलीगढ़ में ब्यूटी पार्लर चलाती थी। अंजू का मानना था वहां आने वाली महिलाओं पर हरेंद्र की बुरी नजर रहती थी। इस कारण दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए थे।
बेटियों को साथ ले गई मौसी
हरेंद्र और अंजू की दो बेटियां चहक (7) व महक (3) हैं। पिता की हत्या व मां के जेल जाने के बाद दोनों बच्चियां एकदम अनाथ सी हो गई हैं। बच्चियों को फिलहाल अंजू की बहन अपने साथ ले गई है।
यह रहे पुलिस टीम में
हत्या का खुलासा करने वाली टीम में सीओ सुरेश कुमार मलिक, कोतवाल उत्तमचंद पटेल, एसएसआई सुनील कुमार, एसआई रितु तोमर, योगेंद्र सिंह, सर्विलांस प्रभारी अभय कुमार शर्मा, कांस्टेबल रघुराज सिंह, रामअवतार सिंह, सर्विलांस टीम महेंद्र प्रताप सिंह, सुखवीर सिंह, विनोद कुमार, सुभाष चंद्र, रिषीपाल सिंह, ज्ञानवीर, नीलम यादव, मनोज कुमार आदि थे।