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14 साल के बच्चे को थमा दी बाइक हो गया हादसा, छोटे भाई की मौत
Thu, 24 Jan 2019 02:15 AM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Thu, 24 Jan 2019 02:15 AM IST
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गांव नगला हंशी निवासी 14 साल के बेटे को परिजनों ने बाइक थमा दी। वह अपने 12 वर्षीय भाई को बाइक पर बिठाकर कासगंज के ढोलना गांव की ओर चल पड़ा। ढोलना पहुंचने से पहले ही उसकी बाइक ट्रक की चपेट में आ गई जिससे पीछे बैठे भाई की मौत हो गई और बाइक चला रहा बच्चा घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार नगला हंशी निवासी रामेश्वर सिंह का 14 वर्षीय पुत्र बुधवार को बाइक पर अपने छोटे भाई हिमांशु (12) को बिठाकर कासगंज जनपद के ढोलना जा रहा था। दोनों ने हेलमेट भी नहीं पहन रखा था। ढोलना पहुंचने से पहले ही एक ट्रक की चपेट में उनकी बाइक आ गई। हिमांशु की मौके पर ही मौत हो गई। गाड़ी चला रहा बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की खबर मिलते परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। घायल बड़े भाई को इलाज के लिए अलीगढ़ रेफर किया गया है।
बिना गियर और 50 सीसी से कम क्षमता के इंजन वाली गाड़ी में 16 से 18 वर्ष आयु तक वालों का परिवार की सहमति से ड्राइविंग लाइसेंस बन सकता है। कानून कहता है कि नाबालिग बच्चा बाइक चला रहा है और वह पकड़ा जाता है तो बच्चे के पिता पर जुर्माना लगाया जाए। परिजनों को चाहिए कि वह नाबालिग बच्चों को बाइक न दें। स्कूल वाले भी अभिभावकों की बैठक में गाड़ी न देने के लिए समझाएं। पार्किंग में पुलिस वाले बच्चों को बाइक खड़ी करने की जगह न दें।
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- राधेश्याम, आरटीओ
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जानकारी के अनुसार नगला हंशी निवासी रामेश्वर सिंह का 14 वर्षीय पुत्र बुधवार को बाइक पर अपने छोटे भाई हिमांशु (12) को बिठाकर कासगंज जनपद के ढोलना जा रहा था। दोनों ने हेलमेट भी नहीं पहन रखा था। ढोलना पहुंचने से पहले ही एक ट्रक की चपेट में उनकी बाइक आ गई। हिमांशु की मौके पर ही मौत हो गई। गाड़ी चला रहा बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की खबर मिलते परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। घायल बड़े भाई को इलाज के लिए अलीगढ़ रेफर किया गया है।
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बिना गियर और 50 सीसी से कम क्षमता के इंजन वाली गाड़ी में 16 से 18 वर्ष आयु तक वालों का परिवार की सहमति से ड्राइविंग लाइसेंस बन सकता है। कानून कहता है कि नाबालिग बच्चा बाइक चला रहा है और वह पकड़ा जाता है तो बच्चे के पिता पर जुर्माना लगाया जाए। परिजनों को चाहिए कि वह नाबालिग बच्चों को बाइक न दें। स्कूल वाले भी अभिभावकों की बैठक में गाड़ी न देने के लिए समझाएं। पार्किंग में पुलिस वाले बच्चों को बाइक खड़ी करने की जगह न दें।
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