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फर्जी पते से भारत में रहे पाक तस्कर को मिली जमानत
Updated Sun, 12 Aug 2018 02:16 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के सासनी गेट के बीबी की सराय का फर्जी पता बताकर जेल गए मादक पदार्थों के तस्कर पाकिस्तानी नागरिक को अपर सत्र न्यायालय-12 के न्यायालय से जमानत मिल गई है। मगर अभी कारागार प्रशासन के स्तर से उसकी रिहाई नहीं की गई है। उसे पाकिस्तान भेजे जाने की कवायद चल रही है। इसके लिए कारागार प्रशासन की ओर से एसएसपी को पत्र लिखा गया है और सोमवार को न्यायालय से भी उसकी रिहाई को लेकर राय ली जाएगी। इसके बाद ही उसकी रिहाई पर निर्णय होगा। फिलहाल संकेत यही हैं कि उसे गृह मंत्रालय से निर्देश प्राप्त कर पाकिस्तान भिजवाया जाएगा।
घटनाक्रम के अनुसार उत्तराखंड के मुक्तेश्वर में इकबाल पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी गांधी रोड करांची (पाकिस्तान) को पुलिस ने पकड़ा था। पूछताछ में उसने अपना पता बीबी की सराय सासनी गेट अलीगढ़ बताया और स्वीकारा कि 2007 में उसे कोतवाली ऊपरकोट पुलिस ने भी तस्करी में जेल भेजा था। इसके बाद वह जमानत पर छूट आया तो यहां 2010 में उसकी फिर कोतवाली से गिरफ्तारी हुई। इस बार जब जेल गया तो मुक्तेश्वर की अदालत ने उसे अपने यहां के मुकदमे में तलब कर लिया।
इसी बीच उसे मुक्तेश्वर न्यायालय ने 10 साल की सजा व 1 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया और 2010 के अलीगढ़ के मुकदमे में भी उसे 5 साल की सजा सुना दी गई। अब चूंकि 2007 का अलीगढ़ का मुकदमा अदालत में लंबित था तो यहां की अदालत की तलबी पर उसे मुक्तेश्वर से जुलाई 2017 में यहां शिफ्ट कर दिया गया। तब से वह अलीगढ़ जेल में ही था।
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इधर, अदालती प्रक्रिया में उसके पते का सत्यापन कराया गया। इस सत्यापन के दौरान स्थानीय लोगों ने भेद खोला कि वह मूल रूप से पाकिस्तान का है। इस पर सीओ एलआईयू ने जांच की। जांच में उसके पाकिस्तानी होने की तस्दीक हो गई। इसके बाद दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास को भी सूचना भेज दी गई। दूतावास ने इसकी जांच कराई, जांच में इकबाल का पता सही होने का सच सामने आया। बताया गया कि तस्करी करते-करते वह भारत आ गया। पकड़े जाने पर इकबाल उल्टे-सीधे पते बताकर बचता रहा।
इसके बाद पाकिस्तानी दूतावास ने उसे दिल्ली तलब कर लीगल काउंसलिंग कराई। इसके बाद अब एडीजे-12 के न्यायालय से उसकी जमानत मंजूर कर ली गई है। चूंकि वह पाकिस्तानी नागरिक है तो उसके रिहा किए जाने को लेकर कारागार प्रशासन असमंजस में है। ऐसे प्रकरणों में गृह मंत्रालय से राय लिया जाना जरूरी है। इसके चलते एसएसपी को पत्र लिखा गया है। वहीं सोमवार को अदालत से भी पूछा जाएगा कि इसे रिहाई के बाद किसे सौंपा जाए। हो सकता है खुफिया एजेंसियों के माध्यम से पाकिस्तान छुड़वाया जाए।
- अदालती प्रक्रिया के दौरान तस्कर इकबाल के विषय में यह साफ हुआ था कि वह पाकिस्तानी नागरिक है और यहां फर्जी नाम पते से गिरफ्तार हुआ है। अब उसे जमानत मिल गई है। उसकी रिहाई को लेकर जिला प्रशासन को पत्र तो लिखा ही गया है, सोमवार को न्यायालय से भी राय ली जाएगी।
-आलोक सिंह, वरिष्ठ अधीक्षक कारागार
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महानगर के सासनी गेट के बीबी की सराय का फर्जी पता बताकर जेल गए मादक पदार्थों के तस्कर पाकिस्तानी नागरिक को अपर सत्र न्यायालय-12 के न्यायालय से जमानत मिल गई है। मगर अभी कारागार प्रशासन के स्तर से उसकी रिहाई नहीं की गई है। उसे पाकिस्तान भेजे जाने की कवायद चल रही है। इसके लिए कारागार प्रशासन की ओर से एसएसपी को पत्र लिखा गया है और सोमवार को न्यायालय से भी उसकी रिहाई को लेकर राय ली जाएगी। इसके बाद ही उसकी रिहाई पर निर्णय होगा। फिलहाल संकेत यही हैं कि उसे गृह मंत्रालय से निर्देश प्राप्त कर पाकिस्तान भिजवाया जाएगा।
घटनाक्रम के अनुसार उत्तराखंड के मुक्तेश्वर में इकबाल पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी गांधी रोड करांची (पाकिस्तान) को पुलिस ने पकड़ा था। पूछताछ में उसने अपना पता बीबी की सराय सासनी गेट अलीगढ़ बताया और स्वीकारा कि 2007 में उसे कोतवाली ऊपरकोट पुलिस ने भी तस्करी में जेल भेजा था। इसके बाद वह जमानत पर छूट आया तो यहां 2010 में उसकी फिर कोतवाली से गिरफ्तारी हुई। इस बार जब जेल गया तो मुक्तेश्वर की अदालत ने उसे अपने यहां के मुकदमे में तलब कर लिया।
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इसी बीच उसे मुक्तेश्वर न्यायालय ने 10 साल की सजा व 1 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया और 2010 के अलीगढ़ के मुकदमे में भी उसे 5 साल की सजा सुना दी गई। अब चूंकि 2007 का अलीगढ़ का मुकदमा अदालत में लंबित था तो यहां की अदालत की तलबी पर उसे मुक्तेश्वर से जुलाई 2017 में यहां शिफ्ट कर दिया गया। तब से वह अलीगढ़ जेल में ही था।
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इधर, अदालती प्रक्रिया में उसके पते का सत्यापन कराया गया। इस सत्यापन के दौरान स्थानीय लोगों ने भेद खोला कि वह मूल रूप से पाकिस्तान का है। इस पर सीओ एलआईयू ने जांच की। जांच में उसके पाकिस्तानी होने की तस्दीक हो गई। इसके बाद दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास को भी सूचना भेज दी गई। दूतावास ने इसकी जांच कराई, जांच में इकबाल का पता सही होने का सच सामने आया। बताया गया कि तस्करी करते-करते वह भारत आ गया। पकड़े जाने पर इकबाल उल्टे-सीधे पते बताकर बचता रहा।
इसके बाद पाकिस्तानी दूतावास ने उसे दिल्ली तलब कर लीगल काउंसलिंग कराई। इसके बाद अब एडीजे-12 के न्यायालय से उसकी जमानत मंजूर कर ली गई है। चूंकि वह पाकिस्तानी नागरिक है तो उसके रिहा किए जाने को लेकर कारागार प्रशासन असमंजस में है। ऐसे प्रकरणों में गृह मंत्रालय से राय लिया जाना जरूरी है। इसके चलते एसएसपी को पत्र लिखा गया है। वहीं सोमवार को अदालत से भी पूछा जाएगा कि इसे रिहाई के बाद किसे सौंपा जाए। हो सकता है खुफिया एजेंसियों के माध्यम से पाकिस्तान छुड़वाया जाए।
- अदालती प्रक्रिया के दौरान तस्कर इकबाल के विषय में यह साफ हुआ था कि वह पाकिस्तानी नागरिक है और यहां फर्जी नाम पते से गिरफ्तार हुआ है। अब उसे जमानत मिल गई है। उसकी रिहाई को लेकर जिला प्रशासन को पत्र तो लिखा ही गया है, सोमवार को न्यायालय से भी राय ली जाएगी।
-आलोक सिंह, वरिष्ठ अधीक्षक कारागार