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आईएस का खौफ दिखा डेयरी संचालक के `11 लाख उड़ाए
अमर उजाला ब्यूरो/ अलीगढ़।
Updated Sun, 07 Feb 2016 01:29 AM IST
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अतरौली की प्रख्यात तुलसी डेयरी के संचालक अरविंद अग्रवाल को आईएस का खौफ दिखाकर उनके खाते से 10.90 लाख रुपये पार कर दिए। जालसाज ने पहले उनका फोन बंद कराया और फिर उनके फर्जी हस्ताक्षरयुक्त चेक से रकम आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दी।
जब आधा घंटे बाद उन्हें फोन खोलने पर रकम ट्रांसफर का एसएमएस मिला तो वह दंग रह गए। इस मामले में बैंक प्रबंधक के खिलाफ डीआईजी के निर्देश पर क्वार्सी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अतरौली निवासी अरविंद अग्रवाल के अनुसार 4 फरवरी को उनके फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि जिले में आईएस एजेंटों ने डेरा जमा लिए है। हम उन्हीं की खोज के लिए तकनीकी रूप से कुछ मोबाइल नंबरों को ट्रैस कर रहे हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि आधा घंटे के लिए अपना मोबाइल नंबर बंद कर लें।
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अरविंद इस अंजान नंबर से आई कॉल से उस व्यक्ति की बातों में आ गए और फोन बंद कर लिया। इसके बाद फोन भी खोला तो करीब साढ़े तीन बजे उनके मोबाइल पर क्वार्सी की पंजाब नेशनल बैंक शाखा के उनके खाते से 10.90 लाख रुपये ट्रांसफर का मैसेज आया। इस पर वह दंग रह गए। बाद में वह जब बैंक गए तो वहां से बताया कि यह रकम आरटीजीएस के माध्यम से दिल्ली की एक फर्म को ट्रांसफर हुई है।
जब उन्होंने आरटीजीएस में प्रयोग होने वाला चेक देखने के लिए मांगा तो वह चेक फर्जी लग रहा था और उस पर हस्ताक्षर भी फर्जी थे। उनका तर्क था कि उनके पास बैंक द्वारा जारी सीरियल नंबर के सभी चेक मौजूद हैं। फिर यह चेक कहां से आ गया।
इस पर बैंक से जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह डीआईजी से मिले और मामले में डीआईजी के निर्देश पर बैंक प्रबंधक के खिलाफ क्वार्सी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। एसओ क्वार्सी के अनुसार अब पुलिस बैंक के सीसीटीवी व मोबाइल नंबर आदि की मदद से आरोपी तक पहुंचने के प्रयास करेगी।
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जब आधा घंटे बाद उन्हें फोन खोलने पर रकम ट्रांसफर का एसएमएस मिला तो वह दंग रह गए। इस मामले में बैंक प्रबंधक के खिलाफ डीआईजी के निर्देश पर क्वार्सी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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अतरौली निवासी अरविंद अग्रवाल के अनुसार 4 फरवरी को उनके फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि जिले में आईएस एजेंटों ने डेरा जमा लिए है। हम उन्हीं की खोज के लिए तकनीकी रूप से कुछ मोबाइल नंबरों को ट्रैस कर रहे हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि आधा घंटे के लिए अपना मोबाइल नंबर बंद कर लें।
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अरविंद इस अंजान नंबर से आई कॉल से उस व्यक्ति की बातों में आ गए और फोन बंद कर लिया। इसके बाद फोन भी खोला तो करीब साढ़े तीन बजे उनके मोबाइल पर क्वार्सी की पंजाब नेशनल बैंक शाखा के उनके खाते से 10.90 लाख रुपये ट्रांसफर का मैसेज आया। इस पर वह दंग रह गए। बाद में वह जब बैंक गए तो वहां से बताया कि यह रकम आरटीजीएस के माध्यम से दिल्ली की एक फर्म को ट्रांसफर हुई है।
जब उन्होंने आरटीजीएस में प्रयोग होने वाला चेक देखने के लिए मांगा तो वह चेक फर्जी लग रहा था और उस पर हस्ताक्षर भी फर्जी थे। उनका तर्क था कि उनके पास बैंक द्वारा जारी सीरियल नंबर के सभी चेक मौजूद हैं। फिर यह चेक कहां से आ गया।
इस पर बैंक से जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह डीआईजी से मिले और मामले में डीआईजी के निर्देश पर बैंक प्रबंधक के खिलाफ क्वार्सी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। एसओ क्वार्सी के अनुसार अब पुलिस बैंक के सीसीटीवी व मोबाइल नंबर आदि की मदद से आरोपी तक पहुंचने के प्रयास करेगी।