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स्वास् थ्य विभाग के कर्मी की मौत पर हंगामा
Updated Thu, 20 Sep 2018 01:52 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
सड़क हादसे में घायल स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मी की बुधवार को इलाज के दौरान नर्सिंग होम में मौत हो जाने पर परिजन आक्रोशित हो उठे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर लेखराज नगर स्थित नर्सिंग होम में जमकर हंगामा किया। अस्पताल कर्मियों की सूझबूझ से तोड़फोड़ बच सकी। पुलिस ने बमुश्किल दोनों पक्षों को समझाया। परिजनों का आरोप था कि घायल मरीज को एनेस्थीसिया की डोज ज्यादा देने से उसकी मौत हो गई है।
जिला मलेरिया रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि हरीश सेंगर 50 वर्ष पुत्र शिशुपाल सिंह स्वास्थ्य विभाग में संविदा कर्मचारी के रूप में जीवनगढ़ पीएचसी में वार्ड ब्वाय तैनात था। वर्तमान में वह रामबाग कॉलोनी रामघाट रोड पर परिवार सहित रहता था। मंगलवार को सासनी से अलीगढ़ लौटते वक्त उनकी बाइक आवारा कुत्ते से टकरा गई। जिसमें वह घायल हो गए और पैर में फ्रैक्चर हो गया। उनको एएमयू के जेएन मेडिकल में भर्ती कराया गया। वहां परीक्षण करने के बाद डॉक्टरों ने उनको राय दी कि प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा कर उनके पैर का ऑपरेशन करा लिया जाए तो बेहतर होगा। इसके बाद उनको लेखराज नगर नगर स्थित निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।
बुधवार को उनका ऑपरेशन होना तय था। इसलिए एनेस्थीसिया एक्सपर्ट को बुलाया गया। बेहोशी की डोज दी गई। कुछ देर में ही उनकी तबियत बिगड़ गई और अचानक मौत हो गई। परिजनों ने इस पर हंगामा कर दिया। अस्पताल में कहासुनी शुरू हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि बेहोशी की दवा देने वाला डॉक्टर एक्सपर्ट नहीं था। इसीलिए उसने हरीश की डायबिटीज सहित अन्य जांच किए बिना ही दवा दे दी जिससे उनकी हालात बिगड़ गई और मौत हो गई। परिजनों के हंगामे के बाद नर्सिंग होम संचालक ने प्राइवेट डाक्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों को बुला लिया। इसी बीच पुलिस भी आ गई। हरीश के सगे साढ़ू गजेंद्र सीएमओ आफिस में हैं इसलिए वहां के स्टाफकर्मी भी पहुंचे। पुलिस ने बीचबचाव कराया।
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इसके बाद पुलिस ने किसी तरह से समझाबुझा कर मामला शांत कराया। पुलिस ने परिजनों की मांग कर आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का भरोसा दिलाया। पुलिस ने मामले की जांच कराने के लिए सीएमओ को एक पत्र लिखवाया है, जो सीएमओ को भेजा गया है। डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि हरीश के पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। बिसरा प्रिजर्व कराया गया है। जिससे बाद जांच में पता चलेगा कि एनेस्थीसिया के डॉक्टर ने गलती की है या नहीं। वहीं तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम इस पूरे प्रकरण की जांच करेगी। इधर परिजन हरीश के अंतिम संस्कार के लिए जुट रहे थे।
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सड़क हादसे में घायल स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मी की बुधवार को इलाज के दौरान नर्सिंग होम में मौत हो जाने पर परिजन आक्रोशित हो उठे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर लेखराज नगर स्थित नर्सिंग होम में जमकर हंगामा किया। अस्पताल कर्मियों की सूझबूझ से तोड़फोड़ बच सकी। पुलिस ने बमुश्किल दोनों पक्षों को समझाया। परिजनों का आरोप था कि घायल मरीज को एनेस्थीसिया की डोज ज्यादा देने से उसकी मौत हो गई है।
जिला मलेरिया रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि हरीश सेंगर 50 वर्ष पुत्र शिशुपाल सिंह स्वास्थ्य विभाग में संविदा कर्मचारी के रूप में जीवनगढ़ पीएचसी में वार्ड ब्वाय तैनात था। वर्तमान में वह रामबाग कॉलोनी रामघाट रोड पर परिवार सहित रहता था। मंगलवार को सासनी से अलीगढ़ लौटते वक्त उनकी बाइक आवारा कुत्ते से टकरा गई। जिसमें वह घायल हो गए और पैर में फ्रैक्चर हो गया। उनको एएमयू के जेएन मेडिकल में भर्ती कराया गया। वहां परीक्षण करने के बाद डॉक्टरों ने उनको राय दी कि प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा कर उनके पैर का ऑपरेशन करा लिया जाए तो बेहतर होगा। इसके बाद उनको लेखराज नगर नगर स्थित निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।
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बुधवार को उनका ऑपरेशन होना तय था। इसलिए एनेस्थीसिया एक्सपर्ट को बुलाया गया। बेहोशी की डोज दी गई। कुछ देर में ही उनकी तबियत बिगड़ गई और अचानक मौत हो गई। परिजनों ने इस पर हंगामा कर दिया। अस्पताल में कहासुनी शुरू हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि बेहोशी की दवा देने वाला डॉक्टर एक्सपर्ट नहीं था। इसीलिए उसने हरीश की डायबिटीज सहित अन्य जांच किए बिना ही दवा दे दी जिससे उनकी हालात बिगड़ गई और मौत हो गई। परिजनों के हंगामे के बाद नर्सिंग होम संचालक ने प्राइवेट डाक्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों को बुला लिया। इसी बीच पुलिस भी आ गई। हरीश के सगे साढ़ू गजेंद्र सीएमओ आफिस में हैं इसलिए वहां के स्टाफकर्मी भी पहुंचे। पुलिस ने बीचबचाव कराया।
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इसके बाद पुलिस ने किसी तरह से समझाबुझा कर मामला शांत कराया। पुलिस ने परिजनों की मांग कर आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का भरोसा दिलाया। पुलिस ने मामले की जांच कराने के लिए सीएमओ को एक पत्र लिखवाया है, जो सीएमओ को भेजा गया है। डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि हरीश के पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। बिसरा प्रिजर्व कराया गया है। जिससे बाद जांच में पता चलेगा कि एनेस्थीसिया के डॉक्टर ने गलती की है या नहीं। वहीं तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम इस पूरे प्रकरण की जांच करेगी। इधर परिजन हरीश के अंतिम संस्कार के लिए जुट रहे थे।