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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Cricket: Rinku Singh could not be made in six years

क्रिकेट : छह साल में नहीं बन सका दूसरा रिंकू सिंह

Sat, 05 Nov 2022 01:21 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Nov 2022 01:21 AM IST
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Cricket: Rinku Singh could not be made in six years
छह साल में जिले से दूसरा रिंकू सिंह नहीं निकल पाया है, जो यूपी रणजी टीम में जगह बना सके। वर्ष 2006-07 में यूपी रणजी टीम में रिंकू शामिल हुए थे। हालांकि, अलग-अलग आयु वर्ग में जिले के कई क्रिकेटर यूपी टीम का हिस्सा रहे, लेकिन वह चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी तरफ नहीं खींच सके।
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बाएं हाथ के बल्लेबाज रिंकू ने वर्ष 2012 में अंडर-16 का ट्रायल दिया और अपने प्रदर्शन से उत्तर प्रदेश की टीम में जगह बना ली। रिंकू ने आईपीएल में भी अपना सिक्का जमा लिया, लेकिन रिंकू के बाद कोई और क्रिकेटर उत्तर प्रदेश की रणजी टीम में जगह नहीं बना पाया। अलग-अलग आयु वर्ग में हन्नान रिजवान, हर्षित पालीवाल, शोएब अली, कौशल यादव आदि कई खिलाड़ियों ने उत्तर प्रदेश के लिए क्रिकेट खेली, लेकिन वह चयनकर्ताओं के मानक पर खरे नहीं उतरे। उत्तर प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी खेलने वाले मोहम्मद शाहिद, असलम अली, फसाहत अली और रिजवान शमशाद का नाता अलीगढ़ से रहा है। फसाहत अली तो अलीगढ़ की क्रिकेट के स्तर को ऊंचा उठाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं, उन्हें जब भी समय मिलता है, तो वह खिलाड़ियों के बीच मैदान पर जाकर पसीना बहाते हैं, लेकिन अथक प्रयासों के बाद भी अलीगढ़ से रिंकू के बाद कोई खिलाड़ी प्रदेश की टीम में जगह नहीं बना पाया है। अब अलीगढ़ में अच्छे मैदान हैं। एक दर्जन से अधिक एकेडमी हैं। जिनके पास बॉलिंग मशीन से लेकर अन्य आधुनिक सुविधाएं हैं, लेकिन खिलाड़ी यूपी टीम में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
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क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा बहुत है। रणजी ट्रॉफी टीम में जगह बनाना आसान काम नहीं है। अलीगढ़ की क्रिकेट में राजनीति बहुत होती है। खिलाड़ियों का भविष्य कोई नहीं देखता, जब कोई खिलाड़ी ट्रायल देने जाता है, तो उसका खेल नहीं देखा जाता, बल्कि वह किस एकेडमी से आया है, उसे देखा जाता है।
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-अजय शर्मा, प्रशिक्षक, अलीगढ़ क्रिकेट एकेडमी
यहां एकेडमी देखकर खिलाड़ियों का चयन किया जाता है। प्रतिभाएं नजर अंदाज कर दी जाती हैं। यही वजह है कि जो अच्छे खिलाड़ी हैं, उनको आगे खेलने का मौका नहीं दिया जाता है। इसलिए रिंकू सिंह के बाद कोई खिलाड़ी उत्तर प्रदेश रणजी ट्रॉफी टीम में नहीं पहुंचा है।
-मनोज कश्यप, प्रशिक्षक, बाला क्रिकेट एकेडमी
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