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वन विभाग घोटाला: धरातल पर अस्तित्व में ही नहीं पौधे, जांच टीमें हैरान
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आलाधिकारियों से वार्ता करतें हुए चीफ कंजरवेटर ।
- फोटो : TAPPAL
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वन विभाग की खैर रेंज में पौधरोपण के नाम पर हुए घोटाले की जांच करने आईं टीमें धरातल की स्थिति देखकर हैरान हैं। टीमों को मौके पर निरीक्षण के दौरान पौधे ही नहीं मिल रहे हैं। बुधवार को टीमों ने खैर सहित इगलास, अलीगढ़ और अतरौली रेंज का देर रात तक निरीक्षण किया। बताया जा रहा है कि यह जांच अब अंतिम दौर में चल रही है। 28 जून को जांच टीमें अपनी-अपनी रिपोर्ट सम्मलित करने के बाद शासन को सौंपेंगी। इन रिपोर्टों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है।
जांच टीम के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चार-चार सदस्यों की पांच जांच टीमों ने बुधवार को इगलास, अकराबाद, अतरौली, छर्रा, हरदुआगंज में निरीक्षण किया। इन स्थानों पर टीमों को 100 प्रतिशत पौधरोपण तो दूर की बात गड्ढों तक का अस्तित्व नहीं मिला। इधर, अधिकारियों ने कागजों में जो शत प्रतिशत पौधरोपण दर्शाया है उनमें से धरा पर अब दो प्रतिशत पौधे भी जीवत नहीं मिले हैं। इन सभी चीजों को देखकर जांच टीमें हैरान हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घोटाले में विभाग के एक दो नहीं बल्कि एक दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं। जिन लोगों ने घोटाले में शामिल होने से इंकार किया। उन्हें इसकी सजा भी झेलनी पड़ेगी। जांच टीमों ने विभाग के कर्मचारियों से बातचीत की है। उनकी स्टेटमेंटों को भी रिपोर्ट में लिखकर भेजा जाएगा। शासन से स्तर से कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। हर दिन की वहां से अपडेट ली जा रही है। शासन अब इस मामले में सिर्फ जांच टीम की लिखित फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
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30 तक डीएफओ पर गिर सकती है गाज
नौ करोड़ से अधिक के घोटाले में फंसे डीएफओ श्रीधर त्रिपाठी पर उनके रिटायर्डमेंट से पहले गाज गिर सकती है। 30 जून को डीएफओ का रिटायर्डमेंट है। जांच टीम के सूत्रों की माने तो 28 जून तक उनके खिलाफ कोई एक्शन लिया जा सकता है। इसके साथ ही तरु हार्टिकल्चर के नाम से अपने बेटे के खिलाफ फर्म रजिस्टर्ड करा पौधों सहित खाद और जिप्सम की खरीद में घोटाला करने वाले वन दरोगा और उनके बेटे के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इधर, फर्जी ठेकेदार बनने वाले वेद प्रकाश को भी कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही विभाग के अन्य छह से सात कर्मचारियों और अधिकारियों को भी लपेटे में लिया जाएगा। इन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सहित मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
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जांच टीम के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चार-चार सदस्यों की पांच जांच टीमों ने बुधवार को इगलास, अकराबाद, अतरौली, छर्रा, हरदुआगंज में निरीक्षण किया। इन स्थानों पर टीमों को 100 प्रतिशत पौधरोपण तो दूर की बात गड्ढों तक का अस्तित्व नहीं मिला। इधर, अधिकारियों ने कागजों में जो शत प्रतिशत पौधरोपण दर्शाया है उनमें से धरा पर अब दो प्रतिशत पौधे भी जीवत नहीं मिले हैं। इन सभी चीजों को देखकर जांच टीमें हैरान हैं।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घोटाले में विभाग के एक दो नहीं बल्कि एक दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं। जिन लोगों ने घोटाले में शामिल होने से इंकार किया। उन्हें इसकी सजा भी झेलनी पड़ेगी। जांच टीमों ने विभाग के कर्मचारियों से बातचीत की है। उनकी स्टेटमेंटों को भी रिपोर्ट में लिखकर भेजा जाएगा। शासन से स्तर से कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। हर दिन की वहां से अपडेट ली जा रही है। शासन अब इस मामले में सिर्फ जांच टीम की लिखित फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
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30 तक डीएफओ पर गिर सकती है गाज
नौ करोड़ से अधिक के घोटाले में फंसे डीएफओ श्रीधर त्रिपाठी पर उनके रिटायर्डमेंट से पहले गाज गिर सकती है। 30 जून को डीएफओ का रिटायर्डमेंट है। जांच टीम के सूत्रों की माने तो 28 जून तक उनके खिलाफ कोई एक्शन लिया जा सकता है। इसके साथ ही तरु हार्टिकल्चर के नाम से अपने बेटे के खिलाफ फर्म रजिस्टर्ड करा पौधों सहित खाद और जिप्सम की खरीद में घोटाला करने वाले वन दरोगा और उनके बेटे के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इधर, फर्जी ठेकेदार बनने वाले वेद प्रकाश को भी कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही विभाग के अन्य छह से सात कर्मचारियों और अधिकारियों को भी लपेटे में लिया जाएगा। इन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सहित मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।