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Aligarh: कच्चा तेल आयात में कमी, डामर उत्पादन गिरा, मंडल में 1300 करोड़ की सड़कों के निर्माण की धीमी पड़ी गति

Sun, 17 May 2026 11:49 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Sun, 17 May 2026 11:49 AM IST
सार

अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध से पहले दुबई और अन्य खाड़ी देशों से आयात होने वाला सस्ता डामर भी बाजार में उपलब्ध था, जिससे ठेकेदारों को राहत थी, लेकिन अब आयात पूरी तरह बंद है। बाजार में वीजी-10, वीजी-30 और वीजी-40 जैसे ग्रेड के डामर की कमी है।

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Construction of roads worth Rs 1300 crore in Aligarh division
खैर में 334 डी राजमार्ग बनाते समय थाने के सामने फाउंडेशन बनने के बाद काली सड़क बनाना छोड़ दिया - फोटो : स्वयं

विस्तार

बिटुमेन यानी डामर की कमी से अलीगढ़-पलवल हाईवे नंबर 334-डी सहित मंडलभर में करीब एक हजार सड़कों और उन पर बनने वाली पुलियों के निर्माण की गति धीमी पड़ गई है। अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से खाड़ी के देशों से कच्चे तेल का आयात प्रभावित हुआ है। इसके बाद से मथुरा रिफाइनरी से इसकी किल्लत शुरू हुई। फिलहाल वहां से आठ दिन बाद डामर मिल रहा है।

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लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार विलोसिटी ग्रेड के अनुसार वीजी-10 और वीजी-30 की आपूर्ति कम मिल रही है। वीजी-40 की आपूर्ति ही मिल रही है। जिन सड़कों पर यातायात का दबाव ज्यादा है, वहां पर वीजी-10 बिटुमेन का प्रयोग उचित होता है।
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मंडल के चारों जिले अलीगढ़, हाथरस, कासगंज और एटा में लगभग 1000 सड़कों और पुलों के निर्माण के टेंडर हो चुके हैं। इनमें रामघाट रोड फोरलेन, हरदुआगंज तापीय परियोजना कासिमपुर से हरदुआगंज, अलीगढ़-राया मथुरा मार्ग पर चौड़ीकरण के बड़े काम शामिल हैं। इन कार्यों की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन डामर की किल्लत से निर्माण कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहे हैं। अलीगढ़-पलवल हाईवे नंबर 334-डी का काम सुस्त पड़ गया है। खैर से हामिदपुर तक 39 किमी लंबे इस फोरलेन हाईवे की मरम्मत और निर्माण लोकनिर्माण विभाग करा रहा है।

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बिटुमेन (डामर) की किल्लत से अलीगढ़-पलवल हाईवे का निर्माण खैर से हामिदपुर के बीच प्रभावित हुआ है। रामघाट रोड पर अभी बिटुमेन का काम शुरू होने वाला है। अलीगढ़ मंडल में 1000 सड़कों और पुलिया का निर्माण कार्य शुरू कराया जा चुका है। शासन स्तर से बिटुमेन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए प्रयास जारी है।-प्रभात कुमार चौधरी, एसई पीडब्ल्यूडी।

हम मथुरा रिफाइनरी से डामर का परिवहन ऑर्डर के आधार पर करते हैं। इस समय माल की कमी है, जिससे ठेकेदारों को दिक्कत हो रही है। ऑर्डर देने के आठ दिन बाद माल आ रहा है। दुबई से भी आयात ठप है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।-कपिल अग्रवाल, बिटुमेन कारोबारी, हाथरस।

डामर की मौजूदा कीमत से होगा भुगतान
डामर की कीमतों में वृद्धि से ठेकेदार भी पीछे हट रहे थे। इस मामले में शासन ने उन्हें राहत दी है और एक मई को नया आदेश जारी कर दिया है। इसके अनुसार कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को डामर की वर्तमान कीमतों के अनुसार ही भुगतान किया जाएगा, लेकिन समस्या अभी आपूर्ति की है। ऑर्डर देने के आठ दिन बाद आपूर्ति मिल रही है।

दुबई से सस्ता डामर भी नहीं आ रहा
अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध से पहले दुबई और अन्य खाड़ी देशों से आयात होने वाला सस्ता डामर भी बाजार में उपलब्ध था, जिससे ठेकेदारों को राहत थी, लेकिन अब आयात पूरी तरह बंद है। बाजार में वीजी-10, वीजी-30 और वीजी-40 जैसे ग्रेड के डामर की कमी है।

कोल्ड इमल्शन की आपूर्ति भी प्रभावित
हरियाणा के पानीपत से आने वाला कोल्ड इमल्शन भी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा है। सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले इस पदार्थ को गर्म करने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह ठेकेदारों के लिए सुविधाजनक विकल्प माना जाता है। इसकी कमी से भी कई निर्माण व मरम्मत कार्य प्रभावित हुए हैं।

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