खतरे की नुमाइश: जर्जर पिलर पर टिकी कृष्णांजलि की छत, झड़ रहा प्लास्टर, दिखाई दे रहीं सरिया
2017 में नुमाइश कार्यकारिणी की बैठक में जर्जर हो रही कृष्णांजलि नाट्यशाला का मुद्दा तत्कालीन जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर यशोद के समक्ष उठा था। उस समय तय हुआ कि नाट्यशाला की जगह अब भव्य ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। आठ साल बीत जाने पर नाट्यशाला की स्थिति और जर्जर हो गई है।
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अलीगढ़ में 1 फरवरी से शुरू हो रही राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के शुरू होने से पहले ही आयोजन को लेकर गड़बड़ी सामने आनी शुरू हो गई हैं। नुमाइश में होने वाले कार्यक्रमों का आयोजन स्थल कृष्णांजलि नाट्यशाला के पिलर बेहद जर्जर हालत में हैं, इनके ऊपर लोहे के गार्डर पर पूरी छत टिकी हुई है। पिलर से प्लास्टर झड़ चुका है और सरिया दिखाई दे रहा है। इसके नीचे आयोजन अवधि में हजारों की भीड़ जमा होती है।
सन 2017 में नुमाइश कार्यकारिणी की बैठक में जर्जर हो रही कृष्णांजलि नाट्यशाला का मुद्दा तत्कालीन जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर यशोद के समक्ष उठा था। उस समय तय हुआ कि नाट्यशाला की जगह अब भव्य ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। आठ साल बीत जाने पर नाट्यशाला की स्थिति और जर्जर हो गई है जबकि ऑडिटोरियम की दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। पुताई करके पिलर की खस्ताहालत को छिपाने का काम किया जा रहा है।
नाट्यशाला की खराब हालत, दुकानों की जर्जर स्थिति आदि जो भी मामले आयोजन में गड़बड़ी से संबंधित हैं, उनकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। खामियों को दूर किया जाएगा। - संजीव रंजन, जिलाधिकारी
बिना अनुमति के ही तैयार कर दिया गेट
नुमाइश मैदान के जेल रोड की ओर मित्तल गेट के बराबर में एक नया गेट तैयार कर दिया गया है। इसका मकसद गेट से मैदान में रास्ता बनाकर उसके दोनों ओर तहबाजारी क्षेत्र में दुकानें तैयार कर दुकानदारों को देना है। जबकि यहां पर दुकानें पहले कभी भी नहीं लगती थीं। मामला सामने आने के बाद अब प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है।
जर्जर दुकानों पर कर दी पुताई
नुमाइश के फौव्वारे से लेकर गांधी चौक तक दाईं ओर की दुकानों को तीन साल पहले जर्जर घोषित कर दिया था। इन दुकानों की मरम्मत तक नहीं हुई है। इनकी छत सरिया तक निकल आया है। प्लास्टर झड़ गया है। छत की खराब हालत को पुताई से छिपाने की कोशिश की गई है। प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर नुमाइश मैदान में बने सरकारी गेस्ट हाउस पर लाइटिंग का काम होता है। इस वर्ष नुमाइश के बिजली ठेकेदार ने गेस्ट हाउस पर झालर ही नहीं डाली। राष्ट्रीय पर्व पर सरकारी इमारत अंधेरे में रही।