फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   condition of Govt College Gonda Aligarh

राजकीय महाविद्यालय: कभी एडमिशन के लिए लगती थी सिफारिश, आज बच्चों के इंतजार में बेंचों पर जम रही धूल

Mon, 05 Oct 2026 06:00 PM IST
Chaman Kumar Sharma इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़
इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Mon, 05 Oct 2026 06:00 PM IST
सार

अलीगढ़ जिला मुख्यालय से 28 किमी दूर स्थित महाविद्यालय में शनिवार सुबह 11.30 बजे अमर उजाला की टीम पहुंची। यहां प्रवेशद्वार पर ही बदहाली नजर आई। पेड़ की शाखाओं ने महाविद्यालय का नाम ढक रखा था।

विज्ञापन
condition of Govt College Gonda Aligarh
कॉलेज की कक्षा में बिखरी पड़ी बेंच, उगीं झाड़ियां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिस राजकीय महाविद्यालय में दाखिले के लिए कभी सिफारिश लगती थी, आज उसी परिसर की बेंचों पर विद्यार्थियों के इंतजार में धूल जम रही है। शनिवार को अलीगढ़ जनपद के राजकीय महाविद्यालय गोंडा में शिक्षक तो थे, लेकिन 94 पंजीकृत विद्यार्थियों में एक भी कक्षा में नजर नहीं आया। मैदान में उगी झाड़ियां, जर्जर सीढ़ियां और स्मार्ट क्लास की गिरी फॉल सीलिंग इसकी तस्वीर बयां कर रही थीं।

विज्ञापन


जिला मुख्यालय से 28 किमी दूर स्थित महाविद्यालय में शनिवार सुबह 11.30 बजे अमर उजाला की टीम पहुंची। यहां प्रवेशद्वार पर ही बदहाली नजर आई। पेड़ की शाखाओं ने महाविद्यालय का नाम ढक रखा था। इसी रास्ते से रोज शिक्षक गुजरते हैं, लेकिन शाखाओं की छंटाई तक नहीं कराई गई। प्रशासनिक भवन की दीवारों पर पौधे उग आए थे। किसी कमरे में एक भी विद्यार्थी नहीं था। एक कक्षा का दरवाजा खोला गया तो बेंच धूल से ढकी मिलीं। देखकर लगा रहा था कि इन पर लंबे समय से कोई बैठा ही नहीं है।
विज्ञापन


कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में 35, द्वितीय वर्ष में 33, तृतीय वर्ष में 21 विद्यार्थी पंजीकृत है। एमए अंग्रेजी में पांच और हिंदी में 11 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। एमए हिंदी और अंग्रेजी में 60-60 सीटें हैं, जबकि बीए में 420 सीटें हैं, लेकिन सभी कक्षाएं सूनीं थीं। जगह-जगह जर्जर सीढ़ियां और बाहर निकलती लोहे की पट्टियां नजर आईं। स्मार्ट क्लास की फॉल सीलिंग भी गिर चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सीटों के मुकाबले विद्यार्थियों की संख्या कम है। संख्या बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षकों के पांच पद रिक्त हैं। मैदान के चारों तरफ दीवार के लिए कई बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है। - डॉ. लोकेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय गोंडा

कभी प्रवेश के लिए लगती थी सिफारिश
इस महाविद्यालय की शुरुआत वर्ष 1997-98 में हुई थी। कभी इस महाविद्यालय में दाखिले के लिए सिफारिश लगने की बात कही जाती थी। अब तस्वीर उलट है। छात्र खुद नहीं आ रहे तो शिक्षकों को इंटर कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों को महाविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए प्रेरित करना पड़ रहा है। इस महाविद्यालय का उद्घाटन 16 अक्तूबर 2000 में तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने किया था।

शारीरिक शिक्षा समेत पांच शिक्षकों का पद रिक्त
महाविद्यालय में शिक्षकों के 10 पद सृजित हैं। गृह विज्ञान, संस्कृत, इतिहास, समाज शास्त्र और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक के पद रिक्त हैं। लाइब्रेरी और वरिष्ठ लिपिक का भी पद खाली है। छह साल से लाइब्रेरी और दो साल से वरिष्ठ लिपिक का पद रिक्त चल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed