{"_id":"63487579119f84407e28bb4f","slug":"complaint-in-the-government-about-selling-the-land-of-religious-place-in-khair-city-office-news-ali30259067","type":"story","status":"publish","title_hn":"खैर में धार्मिक स्थल की जमीन बेचने की शासन में शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खैर में धार्मिक स्थल की जमीन बेचने की शासन में शिकायत
विज्ञापन
कस्बा खैर में करोड़ों रुपये की धार्मिक स्थल की जमीन को बेचे जाने के मामले में बसपा के पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ ने शासन स्तर पर शिकायत की है। इस पर शासन ने जांच बैठा दी है। इस मामले में राजस्व परिषद के आयुक्त ने डीएम को जांच कराने के निर्देश दिए हैं। एडीएम प्रशासन डीपी पाल अब इस पूरे प्रकरण की जांच करेंगे।
खैर के पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ ने शासन को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि कस्बा खैर स्थित गाटा संख्या 1045 एवं 1047 एक धार्मिक स्थल बना है। आरोप है कि नॉन जेडए की भूमि फसली वर्ष 1359 की खतौनी आदि दस्तावेजों में कुछ लोगों ने हेेरफेर कर उसे अपने नाम करा लिया है।
यह भूमि बाद में नॉन जेडए से आबादी में दर्ज करा ली गई। आरोप है कि कस्बे के कुछ लोगों द्वारा व्यावसायिक एवं आवासीय भूखंडों में बिक्री कर दिया गया है। अब इसका दाखिल खारिज कराने की तैयारी है। पूर्व विधायक की इस शिकायत पर उप भूमि व्यवस्था आयुक्त सुधीर कुमार रुगंटा ने डीएम को मामले में जांच के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
पूर्व विधायक के अनुसार वर्ष 2020 में डीएम के निर्देश पर एसडीएम गभाना ने इसकी जांच की थी, जिसमें संबंधित गाटा संख्या की जमीनों को खरीद-फरोख्त पर रोक, खसरा नंबर में सभी प्रकार के निर्माण को रोकने, जमीन को पुन: धार्मिक स्थल एवं ग्राम समाज में दर्ज किए जाने और लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की गई थी, इसको लेकर दूसरा पक्ष हाईकोर्ट की शरण में चला गया था। पूर्व विधायक का आरोप है कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से धार्मिक स्थल की करोड़ों कीमत की जमीन में फर्जीवाड़ा किया गया है।
- कस्बा खैर में एक धार्मिक स्थल से जुड़ी जमीन को फर्जी तरीके से बेचे जाने का आरोप लगाते हुए शासन में शिकायत की गई है। जमीन से जुड़े सारे दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी।
- डीपी पाल, एडीएम प्रशासन
विज्ञापन
खैर के पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ ने शासन को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि कस्बा खैर स्थित गाटा संख्या 1045 एवं 1047 एक धार्मिक स्थल बना है। आरोप है कि नॉन जेडए की भूमि फसली वर्ष 1359 की खतौनी आदि दस्तावेजों में कुछ लोगों ने हेेरफेर कर उसे अपने नाम करा लिया है।
विज्ञापन
यह भूमि बाद में नॉन जेडए से आबादी में दर्ज करा ली गई। आरोप है कि कस्बे के कुछ लोगों द्वारा व्यावसायिक एवं आवासीय भूखंडों में बिक्री कर दिया गया है। अब इसका दाखिल खारिज कराने की तैयारी है। पूर्व विधायक की इस शिकायत पर उप भूमि व्यवस्था आयुक्त सुधीर कुमार रुगंटा ने डीएम को मामले में जांच के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
पूर्व विधायक के अनुसार वर्ष 2020 में डीएम के निर्देश पर एसडीएम गभाना ने इसकी जांच की थी, जिसमें संबंधित गाटा संख्या की जमीनों को खरीद-फरोख्त पर रोक, खसरा नंबर में सभी प्रकार के निर्माण को रोकने, जमीन को पुन: धार्मिक स्थल एवं ग्राम समाज में दर्ज किए जाने और लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की गई थी, इसको लेकर दूसरा पक्ष हाईकोर्ट की शरण में चला गया था। पूर्व विधायक का आरोप है कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से धार्मिक स्थल की करोड़ों कीमत की जमीन में फर्जीवाड़ा किया गया है।
- कस्बा खैर में एक धार्मिक स्थल से जुड़ी जमीन को फर्जी तरीके से बेचे जाने का आरोप लगाते हुए शासन में शिकायत की गई है। जमीन से जुड़े सारे दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी।
- डीपी पाल, एडीएम प्रशासन