{"_id":"5eee2e5b8ebc3e42ae3d3673","slug":"competitive-law-offers-limitless-possibilities-for-students-avi-mishra-city-office-news-ali236622194","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतिस्पर्धा कानून से छात्रों के लिए असीम संभावनाएं : एवी मिश्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतिस्पर्धा कानून से छात्रों के लिए असीम संभावनाएं : एवी मिश्रा
विज्ञापन
वेबीनार में संबोधित करते प्रो.शकील समदानी।
- फोटो : CITY OFFICE
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विधि संकाय की लॉ सोसाइटी द्वारा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की कार्यप्रणाली एवं अवलोकन विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किया गया। वेबिनार को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता आनंद विकास मिश्रा (ज्वाइंट डायरेक्टर, प्रतिस्पर्धा आयोग) ने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य बाजार में आधिपत्य को नियंत्रित करना है और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने में मदद करना है। ताकि बाजार में ग्राहक के पास अधिक से अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकें और देश में सस्ता और अच्छा सामान उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यह उन गतिविधियों को रोकता है जो प्रतिस्पर्धा को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि जो छात्र व छात्राएं आर्थिक क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं प्रतिस्पर्धा कानून उनके लिए असीम संभावनाएं प्रदान करता है।
अध्यक्षता करते हुए विधि संकाय के डीन प्रो. शकील समदानी ने कहा कि प्रतिस्पर्धा कानून का उद्देश्य व्यापार के क्षेत्र में वर्चस्व एवं अधिकार को नियंत्रित करना, अनुचित और प्रतिस्पर्धा को रोकने वाली व्यापारिक गतिविधियों को रोकना तथा प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने वाली नीतियों को लागू करना शामिल है। विधि संकाय के सहायक अध्यापक मोहम्मद नासिर ने कहा कि लॉकडाउन के समय में व्यापार की स्वतंत्रता एवं स्वास्थ्य का अधिकार चिंता का विषय बन चुके हैं। इसलिए इस पर गहन चर्चा अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यापार की अस्वतंत्रता में प्रतिस्पर्धा आयोग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस कार्यक्रम में सऊदी अरब और ईरान के अलावा डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा, मो. अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी, इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय दिल्ली, उत्तरांचल विश्वविद्यालय देहरादून, जामिया मिलिया इस्लामिया नई दिल्ली आदि विश्वविद्यालय के अलावा मुर्शिदाबाद, मल्लापुरम सेंटर के शिक्षक, छात्र व छात्राएं, अधिवक्ता आदि भी शामिल हुए। कार्यक्रम में ला सोसाइटी के पदाधिकारियों के अलावा आदित्य वत्स, शुभम कुमार, शोएब अली, फौजिया, शेल्जा सिंह, पवन वार्ष्णेय आदि का विशेष योगदान रहा तथा समरीन अहमद, हुनैन खालिद आदि भी उपस्थित रहे। संचालन ला सोसाइटी के सचिव अब्दुल्ला समदानी ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अध्यक्षता करते हुए विधि संकाय के डीन प्रो. शकील समदानी ने कहा कि प्रतिस्पर्धा कानून का उद्देश्य व्यापार के क्षेत्र में वर्चस्व एवं अधिकार को नियंत्रित करना, अनुचित और प्रतिस्पर्धा को रोकने वाली व्यापारिक गतिविधियों को रोकना तथा प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने वाली नीतियों को लागू करना शामिल है। विधि संकाय के सहायक अध्यापक मोहम्मद नासिर ने कहा कि लॉकडाउन के समय में व्यापार की स्वतंत्रता एवं स्वास्थ्य का अधिकार चिंता का विषय बन चुके हैं। इसलिए इस पर गहन चर्चा अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यापार की अस्वतंत्रता में प्रतिस्पर्धा आयोग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विज्ञापन
इस कार्यक्रम में सऊदी अरब और ईरान के अलावा डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा, मो. अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी, इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय दिल्ली, उत्तरांचल विश्वविद्यालय देहरादून, जामिया मिलिया इस्लामिया नई दिल्ली आदि विश्वविद्यालय के अलावा मुर्शिदाबाद, मल्लापुरम सेंटर के शिक्षक, छात्र व छात्राएं, अधिवक्ता आदि भी शामिल हुए। कार्यक्रम में ला सोसाइटी के पदाधिकारियों के अलावा आदित्य वत्स, शुभम कुमार, शोएब अली, फौजिया, शेल्जा सिंह, पवन वार्ष्णेय आदि का विशेष योगदान रहा तथा समरीन अहमद, हुनैन खालिद आदि भी उपस्थित रहे। संचालन ला सोसाइटी के सचिव अब्दुल्ला समदानी ने किया।
विज्ञापन