फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Compensation of Rs 17.8 lakh will have to be paid for the death of a woman due to drinking cold drink

consumer court : कोल्ड ड्रिंक पीने से महिला की मौत पर देना होगा 17.8 लाख का मुआवजा, आयोग का आया फैसला

Wed, 24 Jan 2024 12:19 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Wed, 24 Jan 2024 12:19 AM IST
सार

एक महिला ने लिम्का कोल्ड ड्रिंक पी और उसकी मौत हो गई। मामले को मृतका के पति ने अलीगढ़ उपभोक्ता आयोग में डाला। आयोग ने फैसला दिया कि हाथरस स्थित लिम्का निर्माता कंपनी व सासनी गेट के वितरक मृतका को 17 लाख 80 हजार रुपये मुआवजा देंगे।

विज्ञापन
Compensation of Rs 17.8 lakh will have to be paid for the death of a woman due to drinking cold drink
जिला उपभोक्ता फोरम अलीगढ़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलीगढ़ महानगर के सासनी गेट के सराय गढ़ी इलाके में डेढ़ दशक पहले महिला की कोल्डड्रिंक (लिम्का) पीने से मौत के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने फैसला सुनाया है। आयोग ने हाथरस स्थित लिम्का निर्माता कंपनी व सासनी गेट के वितरक पर 17 लाख 80 हजार रुपये मुआवजा ठोका है। इस राशि का भुगतान पीडि़त पक्ष के हक में तीस दिन में करना होगा। अन्यथा गैर अनुपालन का मुकदमा चलाया जाएगा। यह आदेश जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, सदस्य आलोक उपाध्याय व पूर्णिमा सिंह राजपूत की पीठ ने सुनाया है।

विज्ञापन


आयोग में इस संबंध में सराय गढ़ी के सुरेश चंद्र ने याचिका दायर की थी। जिसमें कहा था कि उसकी पत्नी आठ हजार रुपये प्रतिमाह कमाती थी और वह खुद फल की ढकेल लगाता है। घटना 19 जुलाई 2009 की है। उसकी पत्नी ने 600 एमएल की लिम्का कोल्डड्रिंक की बोतल फंटास्टिक कोल्डड्रिंक जयगंज के स्वामी देवेश कुमार से खरीदी। उसे उसकी पत्नी मिथलेश व बड़ी बेटी बबली आदि ने पीया। उसे पीते ही दोनों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सासनी गेट के नर्सिंग होम लाया गया। जहां से मिथलेश को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया, मगर उसकी मौत हो गई। बबली को उपचार के बाद बचा लिया गया। 
विज्ञापन


सूचना पर आई पुलिस ने मौके से कोल्डड्रिंक की बोतल जब्त की, जिसमें कुछ माल बचा था। उसे जांच के लिए भेजा। साथ में पोस्टमार्टम कराकर मुकदमा भी दर्ज किया। हालांकि पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ। विसरा प्रिजर्व किया गया। बाद में 8 जून 2010 को कोल्डड्रिंक के संबंध में रिपोर्ट आई, जिसमें मिथाइल कार्बोनेट के साथ एथिल एल्कोहल पाया गया, जो जहरीला पदार्थ है। इस आधार पर वादी ने अपने शेष सात बच्चों बबली, अनिल, बबिता, नेहा, ज्योति, रानि व कुलदीप के लिए मुआवजा मांगा। इसके साथ उसने मुकदमा प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट, बबली की उपचार रिपोर्ट आदि दस्तावेज भी लगाए। वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि वे सीलबंद उत्पाद बेचते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने खुली हुई बोतल का सैंपल लिया था। उनके पास माल खरीदने का साक्ष्य नहीं है। मगर बचाव पक्ष की इस दलील को न स्वीकारते हुए अदालत ने वादी पक्ष के साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया है। जिसमें निर्माता फर्म हाथरस के रुहेरी नगला उम्मेद स्थित वृंदावन एग्रो इंडिया लिमिटेड को व विक्रेता जयगंज के देवेश को जिम्मेदार मानते हुए 17 लाख 80 हजार रुपये मुआवजा पीड़ित परिवार के पक्ष में तय किया है। साथ में 35 हजार मानसिक व्यय व 15 हजार रुपये वाद व्यय देना तय किया है। 17 लाख 80 हजार में से पचास फीसद राशि वादी को व शेष राशि सभी बच्चों में बराबर बराबर देने का आदेश दिया है। इस आदेश का पालन तीस दिन में करना होगा, अन्यथा अवमानना का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed