{"_id":"694ef5a5c76cf896da01ef15","slug":"college-admissions-fall-this-year-aligarh-news-c-2-1-ald1025-871331-2025-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: महाविद्यालय में इस वर्ष प्रवेश में आई गिरावट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: महाविद्यालय में इस वर्ष प्रवेश में आई गिरावट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सन 1992 में स्थापित खैर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अब तक छात्र-छात्राओं की संख्या संतोषजनक रही है, लेकिन इस वर्ष प्रवेश संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। बीते शैक्षणिक सत्र में 725 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या घटकर मात्र 520 रह गई है। लगभग 200 छात्र-छात्राएं कम हुए हैं।
जुलाई में महाविद्यालय से खेल शिक्षक का स्थानांतरण हो गया, जिसके चलते पिछले छह महीनों से खेल गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। महाविद्यालय परिसर में एक पुस्तकालय है, लेकिन बीते पांच वर्षों से लाइब्रेरियन का पद रिक्त है। लाइब्रेरियन के अभाव में छात्रों को अध्ययन से संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दोनों पदों पर नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, किंतु अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
इसके अलावा राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में बीए एवं एमए का सत्र प्रारंभ हो जाने के कारण क्षेत्र के कुछ छात्र सीधे विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर वहां अध्ययन कर रहे हैं, इससे भी नामांकन प्रभावित हुआ है। गौर हो कि महाविद्यालय में स्टाफ की कमी से शिक्षक एवं अभिभावक भी परेशान हैं।
विज्ञापन
प्राचार्य संजीव वार्ष्णेय ने बताया कि संबंधित अधिकारियों से अपील की गई है कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि महाविद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़ सके। विद्यार्थियों के हित में खेलकूद गतिविधियों और पुस्तकालय का नियमित रूप से संचालन हो सके।
विज्ञापन
जुलाई में महाविद्यालय से खेल शिक्षक का स्थानांतरण हो गया, जिसके चलते पिछले छह महीनों से खेल गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। महाविद्यालय परिसर में एक पुस्तकालय है, लेकिन बीते पांच वर्षों से लाइब्रेरियन का पद रिक्त है। लाइब्रेरियन के अभाव में छात्रों को अध्ययन से संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दोनों पदों पर नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, किंतु अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
विज्ञापन
इसके अलावा राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में बीए एवं एमए का सत्र प्रारंभ हो जाने के कारण क्षेत्र के कुछ छात्र सीधे विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर वहां अध्ययन कर रहे हैं, इससे भी नामांकन प्रभावित हुआ है। गौर हो कि महाविद्यालय में स्टाफ की कमी से शिक्षक एवं अभिभावक भी परेशान हैं।
विज्ञापन
प्राचार्य संजीव वार्ष्णेय ने बताया कि संबंधित अधिकारियों से अपील की गई है कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि महाविद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़ सके। विद्यार्थियों के हित में खेलकूद गतिविधियों और पुस्तकालय का नियमित रूप से संचालन हो सके।